दुर्ग
आपराधिक मामलों की सही जानकारी नहीं दी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 6 मई। ग्राम पंचायत समोदा के सरपंच अरुण गौतम, जिन्होंने पूर्व में अफीम कांड समेत कई मामलों का खुलासा करने का दावा किया था, अब खुद कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी पंचायत दुर्ग ने उनका सरपंच निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया है। 5 मई 2026 को जारी आदेश में कोर्ट ने पाया कि अरुण गौतम ने नामांकन पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में अपने विरुद्ध लंबित आपराधिक प्रकरणों की जानकारी छिपाई थी। इसे पंचायत निर्वाचन नियमों का उल्लंघन माना गया।
यह याचिका भुनेश्वरी देशमुख (पत्नी सुखनंदन देशमुख) द्वारा दायर की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि अरुण गौतम ने चुनाव लड़ते समय शपथ-पत्र में आपराधिक मामलों की सही जानकारी नहीं दी। कोर्ट में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार थाना पुलगांव के अपराध क्रमांक 547/2019, 381/15 तथा आरसीसी/ 11256/2019 का उल्लेख किया गया, जिसमें धारा 147, 148, 149, 307, 323, 294, 506 भा.दं.वि. शामिल हैं। इनमें हत्या के प्रयास की धारा 307 भी दर्ज है।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने माना कि अरुण गौतम ने छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 31(क) का उल्लंघन किया है। साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा आपत्ति खारिज करने के निर्णय को भी नियम विरुद्ध बताया गया। अरुण गौतम का सरपंच निर्वाचन शून्य घोषित किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दुर्ग को उप-चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने राज्य निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजने निर्देश दिए गए। याचिकाकर्ता की 500 रुपये प्रतिभूति राशि वापस करने कहा गया। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 में अरुण गौतम को 869 वोट मिले थे, जबकि भुनेश्वरी देशमुख को 741 वोट प्राप्त हुए थे।


