दुर्ग

बुद्ध का धम्म ही मानव-धर्म है-प्रेमलता डोंगरे
04-May-2026 8:10 PM
बुद्ध का धम्म ही मानव-धर्म है-प्रेमलता डोंगरे

दो दंपतियों को मिला दानवीर-सम्मान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुम्हारी, 4 मई।
भारतीय बौद्ध महासभा कुम्हारी के तत्वावधान में बुद्ध जयंती पंचशील बुद्ध विहार, शिवनगर कुम्हारी में हर्षोल्लास से मनाई गई। उपासक-उपासिकाओं ने तथागत गौतम बुद्ध और बोधिसत्व बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मूर्तियों पर पुष्प अर्पित कर कैंडल प्रज्ज्वलित किया। उपासिका प्रेमलता डोंगरे व उपासिका दुर्गा वाहने के नेतृत्व में उपस्थित बौद्ध अनुयायियों को सामूहिक पंचशील ग्रहण कराया।
इस अवसर पर भा.बौ. महासभा कुम्हारी की अध्यक्ष प्रेमलता डोंगरे ने कहा कि जब तक बुद्ध का धम्म है, मनुष्यता बची रहेगी। बुद्ध का धम्म ही मानव-धर्म है। उनकी प्रासंगिकता हमेशा बनी रहेगी।
मीडिया प्रभारी सुरेश वाहने ने कहा कि बुद्ध वे ऐतिहासिक महापुरुष हैं, जिन्होंने मनुष्य की समस्याओं पर चिंतन किया और निवारण का मनोवैज्ञानिक उपाय बताया। विज्ञान और तर्क की कसौटी पर वे खरे उतरते हैं। वरिष्ठ उपासकों चन्द्रमणि वाल्दे, नारद टेम्भुरकर, गोविंद लाडेश्ववर ने भी बुद्ध जयंती पर बधाई देते हुए सारगर्भित विचार रखें।

धम्म के प्रचार-प्रसार में विशेष योगदान के लिए बौद्ध महासभा द्वारा दानवीर-सम्मान दो दंपतियों विजय पाटिल-ललिता पाटिल और रविंद्र अम्बादे-प्रियंका अम्बादे को प्रदान किया गया।
बुद्ध जयंती पर बड़ी संख्या में बौद्ध समाज सहित नगर के प्रबुद्धजनों की उपस्थिति रही जिसमें मुख्य रूप से डिगाम्बर टेंभेकर, सुनील राठोड़, वंदना पाटिल, सुनिता साखरे, ललिना जाम्बुलकर, पूजा जनबंधु, पंचशीला सहारे, अनिता जनबंधु, सुनिता साखरे, प्रतिमा जनबंधु आदि शामिल हैं।

कार्यक्रम के अंत में खीर व पुलाव का वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन संगठन सचिव किशन बोरकर व आभार प्रदर्शन कैलाश टेंभेकर ने किया।
 


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