दुर्ग
संशोधित गाइडलाइन दर के अनुसार साप्टवेयर अपडेट नहीं
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 18 मार्च। जिले में जमीन संबंधी कारोबार इन दिनों काफी मंदा चल रहा है मार्च के महीने में भी इस बार पंजीयक कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है। मार्च 2026 के शुरुआती 15 दिनों में दुर्ग के तीनों उप पंजीयक को मिलाकर जमीन रजिस्ट्री संबंधी मात्र 273 दस्तावेज प्राप्त हुए है जबकि गत वर्ष 2025 में 1 से 15 मार्च तक प्राप्त कुल 3307 दस्तावेज प्राप्त हुए थे।
शासन ने संशोधित गाइड लाइन दर लागू तो कर दिया मगर जमीन खरीदी बिक्री करने वाले लोगों के अनुसार अब तक शहरी क्षेत्र के लिए साप्टवेयर अपडेट नहीं हुआ है। इससे उन्हें रजिस्ट्री संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने में परेशानी हो रही है। जानकारी के अनुसार जिले में गत वित्तीय वर्ष में फरवरी माह तक दुर्ग, पाटन, धमधा, भिलाई 3, बोरी एवं अहिवारा पंजीयन कार्यालयों में जमीन रजिस्ट्री संबंधी प्राप्त दस्तावेज से कुल 326 करोड़ 31 लाख 93 हजार 183 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था जबकि जारी वित्तीय वर्ष में फरवरी माह तक कुल 293 करोड़ 30 लाख 36 हजार 972 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है जो कि गत वित्तीय वर्ष में फरवरी 2025 तक प्राप्त कुल राजस्व से 62 करोड़ 54 लाख 20 हजार 827 रुपए कम है।
इस प्रकार गत वित्तीय वर्ष में फरवरी माह में जमीन संबंधी प्राप्त 3102 दस्तावेजों से कुल 29 करोड़ 16 लाख 398 रुपए का आय प्राप्त हुआ था जबकि इस बार फरवरी माह में कुल 2116 दस्तावेज ही मिले जिससे कुल 26 करोड़ 18 लाख 55 हजार 553 रूपए का आय पंजीयक विभाग प्राप्त हुआ जो कि गत वर्ष फरवरी में प्राप्त राजस्व से 2 करोड़ 97 लाख 44 हजार 845 रुपए कम है।
जानकार लोगों का कहना है कि पंजीयक विभाग को इस वित्तीय वर्ष में अब तक की स्थिति में गत वर्ष के मुकाबले कम राजस्व व जमीन संबंधी दस्तावेज मिलने के कई कारण है। इसमें प्रमुख कारण गाइड लाइन दरों को लेकर है। उनके मुताबिक 2 मार्च से संशोधित गाइड लाइन दर लागू तो कर दिया गया है मगर शहरी क्षेत्र में अब तक संशोधित गाइडलाइन दर के अनुसार साप्टवेयर अपडेट नहीं हो पाया है। इससे दस्तावेज प्रस्तुत करने में परेशानी हो रही है। वहीं जिले में 8 हजार से अधिक खसरों पर रजिस्ट्री पर रोक लगी हुई है। साथ ही 5 डिसमिल से कम की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है जिसकी वजह से भी कम दस्तावेज मिल रहे हैं।
इधर संशोधित गाइड लाइन दर के अनुसार अब तक साप्ट वेयर अपडेट नहीं हुआ। वहीं दूसरी ओर महानिरीक्षक पंजीयन द्वारा शासकीय अवकाश के दिनों में पंजीयन कार्यालय खोले जाकर पंजीयन कार्य संपादित कराए जाने निर्देश जारी किए गए है। जारी निर्देश में कहा गया है कि पंजीयन विभाग राज्य के लिए राजस्व संग्रहण करने वाला एक प्रमुख विभाग है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम माह पूर्ण होने में कुछ दिवस ही शेष है। मार्च के माह में पक्षकारों द्वारा सर्वाधिक पंजीयन कराया जाता है। इसलिए नागरिकों की सुविधा एवं राजस्व संग्रहण को दृष्टिगत रखते हुए शासकीय अवकाश के दिनों में भी पंजीयन कार्यालयों में पंजीयन कार्य चालू रखा जाना है।


