दुर्ग
कुम्हारी, 18 मार्च। द आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी कुम्हारी के विज्ञान संकाय द्वारा आगामी 19 एवं 20 मार्च को दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च फॉर इनोवेशन एंड सस्टेनेबिलिटी का आयोजन किया जा रहा है।
इस सम्मेलन को छत्तीसगढ़ काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी रायपुर द्वारा प्रायोजित किया गया है। इस सम्मेलन का उद्देश्य शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग विशेषज्ञों तथा विद्यार्थियों को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहां वे नवाचारपूर्ण विचारों का आदान-प्रदान कर सकें, अपने शोध कार्य प्रस्तुत कर सकें तथा सतत विकास के लिए अंतर्विषयी दृष्टिकोणों पर विचार-विमर्श कर सकें। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ प्रशांत कवीश्वर महानिदेशक, छत्तीसगढ़ काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, छत्तीसगढ़ उपस्थित रहेंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. राकेश कुमार खंडाल पूर्व कुलपति तकनीकी विश्वविद्यालय लखनऊ उत्तरप्रदेश समारोह की शोभा बढ़ाएंगे।
इस सम्मेलन में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद एवं विशेषज्ञ जैसे प्रो रामनारायण महापात्रों (अमेरिका) प्रो एरियाना (रोमानिया) तथा प्रो संतोष वर्मा (चीन) भी भाग लेंगे। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो एस के पाण्डेय, पूर्व कुलपति पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ उपस्थित रहेंगे। दो दिवसीय इस सम्मेलन में प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा कुल दस आमंत्रित व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पहले दिवस में पांच व दूसरे दिवस में पांच व्याख्यान होंगे। इसके साथ ही विशिष्ट प्रोफेसरों की अध्यक्षता में अनेक तकनीकी सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अंतर्विषयी अनुसंधान, नवाचार तथा सतत विकास की चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी।
वहीं आयोजक द्वारा बताया गया कि इस सम्मेलन को अकादमिक समुदाय से उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। अब तक 150 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है तथा 123 शोध सार प्राप्त हुए हैं। इनमें से कई शोध सार अमेरिका, रोमानिया और चीन से अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों द्वारा भेजे गए हैं।
इसके अतिरिक्त भारत के विभिन्न राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से भी बड़ी संख्या में शोध सार प्राप्त हुए हैं। शेष शोध सार छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त हुए हैं। यह सम्मेलन विभिन्न विषयों के विद्वानों और विशेषज्ञों को एक साथ लाकर सतत एवं ज्ञान-आधारित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।


