दुर्ग

खरसिया-परमलकसा रेलवे परियोजना प्रभावित किसानों व प्रशासन के बीच नहीं बनी सहमति
11-Mar-2026 5:27 PM
खरसिया-परमलकसा रेलवे परियोजना प्रभावित किसानों व प्रशासन के बीच नहीं बनी सहमति

कोनारी में किसान-अधिकारी सभा बेनतीजा,रेलवे परियोजना पर अफसरों के पास नहीं थे जवाब
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 11 मार्च।
खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेलवे परियोजना से प्रभावित किसानों और प्रशासन के बीच किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई ग्राम कोनारी स्थित तहसील साहू भवन में आयोजित किसान-अधिकारी सभा पूरी तरह बेनतीजा रहा। इससे किसानों ने सर्वे से साफ इनकार कर दिया।

गौरतलब हो कि जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में प्रभावित किसानों जिला कलेक्टर दुर्ग से सप्ताह भर पूर्व मुलाकात कर विभिन्न बिंदु पर मांग रखी थी। जिसके बाद कलेक्टर दुर्ग ने एसडीएम, तहसीलदार एवं रेलवे अधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की एक कमेटी गठित की थी जो किसानों की समस्या सुन न्याय सुनिश्चित करने हेतु गठित किया गया था लेकिन यह किसानों और अधिकारियों की सभा बेनतीजा रहा, उपस्थित किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय और लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक वे अपनी जमीन पर किसी भी प्रकार का सर्वे कराने के लिए तैयार नहीं हैं।

सभा की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने की। उनके साथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष देवेंद्र देशमुख एवं जनपद उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी भी थे। प्रशासन की ओर से भू-अर्जन विभाग से एसडीएम हरवंश सिंह मिरी, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी राकेश कुमार दिव्य, नायब तहसीलदार वासुमित्र दीवान सहित राजस्व, पीडब्लूडी और विद्युत विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सभा के दौरान किसानों ने एक-एक कर अपनी समस्याएं और मांगें अधिकारियों के सामने रखीं, लेकिन किसी भी मुद्दे पर प्रशासन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका। इससे किसानों में गहरी नाराजगी देखने को मिली।

किसानों की ओर से जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने अधिकारियों से पूछा कि इस रेलवे परियोजना से आम जनता का वास्तविक लोक प्रयोजन क्या है और इसमें पैसेंजर तथा मालगाडिय़ों का प्रतिशत कितना होगा। इस महत्वपूर्ण सवाल पर भी अधिकारियों के पास कोई स्पष्ट और संतोषजनक उत्तर नहीं था। किसानों ने आरोप लगाया कि नवंबर 2025 की गाइडलाइन दरों में जानबूझकर कटौती की गई है और जनवरी के बाद वर्ग मीटर की दर को हटा दिया गया, जिससे जमीन का मुआवजा कम करने की कोशिश की जा रही है। इस मुद्दे पर भी प्रशासन कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं दे सका।

किसानों ने रखी ये प्रमुख मांगें
किसानों ने मांग किया कि नवंबर 2025 की गाइडलाइन दरों को पुन: लागू किया जाए प्रभावित प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को रेलवे में स्थायी नौकरी दी जाए। 28 अक्टूबर 2025 को आवेदन देने पहुंचे किसानों पर दर्ज एफआईआर तत्काल रद्द की जाए। 13 फरवरी 2026 को सौंपे गए ज्ञापन की सभी मांगों पर लिखित आश्वासन दिया जाए। सभा में दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के पुरई, पाऊवारा, चंगोरी, बिरेझर, थनौद, कोनारी, चंदखुरी, भानपुरी, बोरीगारका, करगाडीह, खोपली, घुघसिडीह, कोकड़ी, कोडिया सहित आसपास के कई गांवों के सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।
 


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