दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुम्हारी, 28 फरवरी। नगर पालिका परिषद कुम्हारी द्वारा मलजल प्रबंधन और गंदा जल प्रबंधन के उचित निपटान के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में नगर पालिका परिषद के सभी वार्ड पार्षद, अधिकारीगण, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नेतराम चंद्राकर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीना वर्मा, और वॉटर ऐड से सौरभ कुमार सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य कुम्हारी नगर पालिका क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने, गंदे जल के सही प्रबंधन और नियमित सेप्टिक टैंक डिस्लजिंग (सेप्टिक टैंक की सफाई) के लिए एक ठोस और प्रभावी योजना तैयार करना था। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीना वर्मा ने कहा कि स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से नहीं हो सकता है, इसके लिए नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों और प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस मामले में अपनी जिम्मेदारी समझें और सामूहिक प्रयास से कुम्हारी नगर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाएं।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नेतराम चंद्राकर ने बैठक के दौरान कहा कि कुम्हारी नगर क्षेत्र में बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण के कारण गंदे जल के उचित निपटान की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक हो गई है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए एक विस्तृत और दीर्घकालिक योजना बनाई जाएगी, जिसके तहत मलजल प्रबंधन, गंदा जल प्रबंधन और सेप्टिक टैंक डिस्लजिंग की प्रक्रिया को नियमित और सुरक्षित बनाया जाएगा।
इस बैठक में वॉटर ऐड से विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित सौरभ कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि कहा कि गंदे जल के प्रबंधन में नया और प्रभावी तकनीक अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सेप्टिक टैंक की सफाई तीन वर्ष के अंतराल में की जानी चाहिए और इसके लिए एक उपयुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए।
ताकि नगर क्षेत्र में किसी प्रकार की जलवायु और स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न न हों। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गंदा जल पुन: प्रयोग के लिए उपयोगी हो सकता है, और इसे कृषि या अन्य क्षेत्रों में पुन: प्रयोग करने की संभावनाओं पर विचार किया जाना चाहिए।
बैठक में वार्ड पार्षदों ने भी अपने-अपने वार्डों में जल निकासी की समस्याओं और मलजल प्रबंधन से जुड़ी परेशानियों के बारे में जानकारी साझा की। कुछ पार्षदों ने सुझाव दिया कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए नगर पालिका परिषद को अभियान चलाना चाहिए और नगर क्षेत्र में मलजल प्रबंधन के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए। सभी उपस्थित अधिकारियों ने मलजल प्रबंधन के लिए एक योजना तैयार करने पर सहमति जताई और नगर पालिका क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने का संकल्प लिया। बैठक के अंत में, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नेतराम चंद्राकर ने योजना के प्रमुख बिंदुओं का सारांश प्रस्तुत किया और कहा कि यह योजना एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण से तैयार की गई है, जिससे आने वाले समय में कुम्हारी नगर में गंदे जल की समस्या का समाधान किया जा सकेगा।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत, मलजल प्रबंधन के लिए एक विशेषज्ञ टीम बनाई जाएगी, जो नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण करेगी और सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक सेप्टिक टैंक समय-समय पर साफ किया जाए। इसके अलावा, गंदे जल के पुन: उपयोग की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा, ताकि जल की बचत की जा सके और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से इसे और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
बैठक में वार्ड पार्षदों द्वारा भी कई सुझाव दिए गए, जैसे कि घर-घर जाकर नागरिकों को जागरूक करना, सार्वजनिक स्थलों पर गंदे पानी के रिसाव की स्थिति को ठीक करना, और नियमित सफाई सुनिश्चित करना। साथ ही, अधिकारियों ने यह भी तय किया कि नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्रों में सेप्टिक टैंक की नियमित सफाई की एक शेड्यूल तैयार की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की गंदगी या जलजनित रोगों का प्रकोप न हो।
इस बैठक के दौरान, नगर पालिका परिषद के सभी सदस्यों ने अपने सुझावों से योजना को और अधिक प्रभावी बनाने में योगदान दिया। बैठक के अंत में, मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से कुम्हारी नगर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, और इसके लागू होने से नगर क्षेत्र में जल प्रदूषण की समस्या को कम किया जा सकेगा।
इस योजना को लागू करने के लिए नगर पालिका परिषद ने एक समयबद्ध रोडमैप तैयार किया है, जिसमें प्राथमिकता के आधार पर सभी महत्वपूर्ण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत गंदे जल के प्रबंधन, सेप्टिक टैंक डिस्लजिंग और जल पुनर्चक्रण की योजनाएं अगले कुछ महीनों में लागू की जाएंगी।


