दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 12 मार्च। जिले के थनौद क्षेत्र के ग्रामीणों ने सडक़ एवं पुल-पुलिया निर्माण में संशोधन की मांग को लेकर जिला प्रशासन को मांग पत्र सौंपा है।
ग्रामीणों ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित निर्माण कार्य में वर्तमान डिजाइन के कारण भविष्य में बाढ़ की स्थिति और आवागमन में समस्या उत्पन्न हो सकती है। मांग पत्र में उल्लेख किया गया है कि जमीन पर प्रस्तावित स्ट्रक्चर की चौड़ाई लगभग 480 मीटर रखी गई है, जो स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पर्याप्त नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के समय क्षेत्र में लगातार बाढ़ जैसी स्थिति बनती है, जिससे किसानों की फसलें और जमीन प्रभावित होती हैं। यदि वर्तमान डिजाइन के अनुसार ही निर्माण किया गया तो लगभग 2500 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को नुकसान होने की आशंका है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि शिवनाथ नदी और नालों के जल प्रवाह को ध्यान में रखते हुए पुल की लंबाई और ऊंचाई बढ़ाना आवश्यक है, ताकि बाढ़ के पानी का दबाव कम हो सके और गांवों में जलभराव की स्थिति न बने। इसके अलावा ग्राम अंजोरा-चौकी मार्ग से जुड़े अन्य गांवों के किसानों और ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए भी पुल के डिज़ाइन में संशोधन की मांग की गई है। मांग पत्र में यह भी कहा गया है कि वर्तमान प्रस्तावित पुल की ऊंचाई 4 मीटर है, जिसे बढ़ाकर कम से कम 6 मीटर किया जाए, ताकि भारी वाहनों और कृषि यंत्रों का आवागमन सुचारू रूप से हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में धान खरीदी केंद्र और कृषि गतिविधियां अधिक होने के कारण बड़े वाहनों का आना-जाना लगा रहता है, इसलिए बेहतर यातायात व्यवस्था आवश्यक है।


