दुर्ग

राजपूत क्षत्रीय महासभा का यूजीसी में हुए बदलाव का विरोध
30-Jan-2026 5:37 PM
राजपूत क्षत्रीय महासभा का यूजीसी में हुए बदलाव का विरोध

 कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 30 जनवरी।
राजपूत क्षत्रीय महासभा छत्तीसगढ़ दुर्ग ने यूजीसी में हुए बदलाव का विरोध किया है महासभा ने पटेल चौक से रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर यूजीसी में हुए बदलाव के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्रीय, जिला, उपसमिति पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या महिला पुरुष उपस्थित रहे।

समाज लोगों ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थाओं में जातिगत समानता हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिये भारत सरकार द्वारा नये नियम बनाये गये है, जो 13 जनवरी 2026 से प्रभावशील हो गये हैं। प्रभावी नियम में सामान्य संवर्ग के छात्रों एवं प्राध्यापकों पर उभयपक्षों द्वारा झूठे आरोप-प्रत्यारोप लगाकर फंसाये जाने की आशंकाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। चूंकि नये नियम में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के विरुद्ध  अ.जा ,अ.ज.जा.,अ.पि.व. के छात्राओं द्वारा लगाये आरोपों पर सीधे कार्यवाही संस्थित होना है, आरोपों को पृष्टि करने अथवा जिनके विरुद्ध  शिकायत है, उन्हें भी अपना पक्ष रखने का कोई अवसर प्रदान नहीं करता, इससे प्राकृतिक न्याय का हनन संभावित है। यह अव्यवहारिक एवं सामान्य संवर्ग के लोगों पर एकपक्षीय कार्यवाही का स्पष्ट संदेश है। उक्त नियम में समानता के अधिकार अंतर्गत संवर्ण समुदाय के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों के हितसंवर्धन में नियम वापस लिया जाना न्यायोचित है।
 ज्ञापन सौंपने वालों में केंद्रीय उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह,  अशोक सिंह,  रश्मि सिंह,  दीपक सिंह, राकेश सिंह,  बिंदु भुवाल, गीता राजपूत,  टीकम सिंह, अशोक सिंह, अनिल सिंह, शेर सिंह, मनीषा राजपूत, महेश भुवाल, शरद सिंह, अंगत सिंह सहित राजपूत समाज के पदाधिकारीगण शामिल है।


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