दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 30 जनवरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के बघेरा स्थित आनंद सरोवर दुर्ग में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर 8 से 16 फरवरी तक नौ दिवसीय शिव दर्शन आध्यात्मिक मेला का आयोजन किया जा रहा है।
इस झाँकी के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए ब्रह्माकुमारीज की संचालिका ब्रह्माकुमारी रीटा बहन ने बताया कि प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के पर्व पर संस्था द्वारा भिन्न-भिन्न झाँकी का आयोजन किया जाता है । इस वर्ष भी 40 फीट ऊँचा शिवलिंग पर अनवरत अनोखा दुग्धाभिषेक, शिव-शंकर की चैतन्य झाँकी, आत्मा-परमात्मा का भेद,सृष्टि के उत्थान एवं पतन का अद्भुत दर्शन, सूर्य-चंद्र तारागण से पार की अनोखी दुनिया का रहस्य को आध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी के द्वारा दिखायी जायेगी। मेले का समय प्रतिदिन सुबह 6 से दोपहर 1 बजे तक एवं शाम 5 से रात्रि 10 बजे तक रहेगा।
उल्लेखनीय है कि शिवरात्रि परमात्मा शिव के अवतरण का यादगार है। निराकार परमपिता परमात्मा शिव 1936 में दादा लेखराज के मानवीय शरीर में प्रविष्ट होकर सर्वप्रथम ज्ञान दिया कि आप चैतन्य शक्ति आत्मा हो एवं दुनिया में सर्व मनुष्य आत्माएं आपस में भाई-भाई हैं व एक निराकार परमात्मा की संतान है । दादा लेखराज का दिव्य नाम प्रजापिता ब्रह्मा दिया एवं परमात्मा शिव इस सृष्टि में नयी दैवी दुनिया के स्थापना अर्थ परमात्मा शिव इस सृष्टि में नयी दैवी दुनिया के स्थापना अर्थ प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय का स्थापना किए ।
परमात्मा के इस दिव्य कर्तव्य का कार्य विगत 90 वर्षों से चल रहा है इसलिए सर्व मनुष्य आत्माओं को परमात्मा द्वारा दिये गये ज्ञान को देने इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व अत्यंत उमंग-उल्लास से मनाया जाएगा। इस वर्ष विशेष नृत्य नाटिका नशा नाश का द्वार है राजयोग सफलता का है का आयोजन इस मेले में विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर के बघेरा में स्थित आनंद सरोवर परिसर शहर के कोलाहल और भीड़-भाड़ से दूर अत्यंत सुरम्य, शांतमय,मनोरम स्थल है । यहाँ आने मात्र से ही मन को अलौकिक शांति व सुखमय वातावरण की अनुभूति होती है । यहाँ 2000 से अधिक लोगों के बैठने के लिए विशाल कमला दीदी सभागृह मेडिटेशन कक्ष,सभाकक्ष आदि निर्मित है।


