दुर्ग
मंत्रियों के प्रतीक के रूप में नाचते-गाते चूहे की बारात संग ज्ञापन सौंपने पहुंचे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 21 जनवरी। धान किसानों की मेहनत की कमाई है। इसे चूहा खा गया कहना भाजपा सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश है। सच्चाई यह है कि धान मुसवा ने नहीं, बल्कि भाजपा सरकार और उसके मंत्रीगणों ने खा लिया है। कांग्रेस द्वारा दुर्ग में चूहे की बारात निकालकर अनोखे अंदाज में प्रदर्शन के दौरान दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने व्यक्त की उनके नेतृत्व में कांग्रेसी मंत्रियों के प्रतीक के रूप में नाचते-गाते चूहे की बारात संग ज्ञापन सौंपने पहुंचे।
श्री ठाकुर ने कहा कि उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से वही चूहे सरकार को सौंप दिए हैं, जिनके नाम पर यह घोटाला छुपाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा धान खरीदी की समय-सीमा नहीं बढ़ाई जा रही है और टोकन व्यवस्था को जानबूझकर सीमित रखा गया है, जिससे लगभग 20 प्रतिशत धान की खरीदी नहीं हो पाएगी। यह भाजपा सरकार की पूर्व नियोजित साजिश है, जिसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ राज्य में सरकारी गोदामों में रखे करोड़ों रुपये मूल्य के धान के कथित रूप से मुसवा (चूहा) द्वारा नष्ट किए जाने के भाजपा सरकार के दावे ने पूरे प्रदेश को आक्रोशित कर दिया है। किसानों की मेहनत और खून-पसीने की कमाई को लेकर सरकार जिस तरह चूहों को जिम्मेदार ठहरा रही है, वह जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास मात्र है। प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र साहू ने कहा कि अगर चूहे ही धान खा गए हैं, तो गोदामों की जिम्मेदारी किसकी है? अधिकारी और मंत्री किस लिए हैं? आज चूहों की झांकी ने भाजपा सरकार की असलियत जनता के सामने ला दी है, यह धान घोटाला केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि किसानों के आत्मसम्मान पर हमला है।
इस प्रदर्शन का सबसे आकर्षक केंद्र चूहा झांकी रही, झांकी में चूहे अपने हाथों में धान लिए हुए नजर आए, जो यह दर्शाता रहा कि भाजपा सरकार धान घोटाले की जिम्मेदारी चूहों पर थोप रही है, जबकि सच्चाई कुछ और ही है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पार्टी द्वारा चार नग चूहे भी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे गए। इन चूहों के ऊपर छत्तीसगढ़ सरकार के 14 मंत्रियों के नाम लिखे हुए थे, जिससे यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि धान चूहों ने नहीं, बल्कि भाजपा सरकार के 14 मंत्री ही धान घोटाले के असली जिम्मेदार हैं।
कलेक्टर कार्यालय परिसर में प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, अंत में राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर करोड़ों के धान घोटाले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों एवं मंत्रियों पर कड़ी कार्रवाई, किसानों का शत-प्रतिशत धान खरीदी सुनिश्चित करने, टोकन लिमिट तत्काल बढ़ाने तथा धान खरीदी की समय-सीमा में विस्तार की मांगे रखी गई। इस दौरान पूर्व विधायक अरुण वोरा, दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, जितेंद्र साहू, निर्मल कोसरे, देवेंद्र देशमुख, मोहन साहू, रिवेंद्र यादव, राकेश हिरवानी, योगिता चंद्राकर, हीरा वर्मा, डिकेंद्र हिरवानी, सुमित घोष, सौरभ ताम्रकार, सन्नी साहू, महेंद्र वर्मा, मोहन साहू, कमलेश साहू, सुनीता चन्नेवार, सरोजनी चंद्राकर, शशि सिंह, अनिल देशमुख, जहीर अब्बास, झमीत गायकवाड सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।


