दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 9 फरवरी । दुर्ग भिलाई में मृत्यु होने पर शिवनाथ नदी के पवित्र तट स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार करने पहुंचने वाले परिजनों को मुक्तिधाम की दुर्दशा देखकर विचलित होना पड़ रहा है। क्योंकि मुक्तिधाम के अंदर दाह संस्कार के लिए बनाए गए सभी शव एंगल टूटे-फूटे पड़े हैं, जिसके कारण लाशों को जमीन पर रखकर जलाना पड़ रहा है।
इस मुद्दे को लेकर भाजपा नेता और भाजपा पार्षदों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ विधायक व महापौर बड़े-बड़े निर्माण कार्यों का श्रेय लेने में पीछे नहीं हटते तो वहीं मानवता से जुड़ा हुआ बेहद संवेदनशील मामला अंतिम संस्कार के लिए भी मृतकों को उचित सुविधा नहीं मिल पा रहा है। यह नगर निगम की लचर व्यवस्था का परिणाम है, जिसके कारण मरने के बाद भी दाह संस्कार के लिए सुविधा नहीं मिल रही है।
इस मामले को पूर्व सभापति व जिला भाजपा मंत्री दिनेश देवांगन व मठपारा वार्ड 3पार्षद नरेंद्र बंजारे जिन्होंने स्वयं शिवनाथ नदी स्थित मुक्तिधाम में एक अंत्येष्टी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उठाया है, जहां शव जलाने बनाए गए सभी 6 लोहे के एंगल टूटे फूटे होने के कारण नीचे जमीन में शव जलाया जा रहा है।
इस संबंध में भाजपा पार्षद दल नेता अजय वर्मा, पार्षदगण गायत्री साहू, चंद्रशेखर चंद्राकर, काशीराम कोसरे, देवनारायण चंद्राकर, नरेंद्र बंजारे, नरेश तेजवानी, ओम प्रकाश सेन, मनीष साहू, अजीत वैद्य, चमेली साहू, लीना, दिनेश, देवांगन, शशि, द्वारका साहू, पुष्पा गुलाब वर्मा, हेमा शर्मा, कुमारी साहू सहित सभी पार्षदों ने संयुक्त रूप से कहा कि दुर्ग नगर निगम प्रदेश के सबसे संवेदनहीन निगम है, जहां की जनता मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। शहर में एक तरफ जगह-जगह धूल और गड्ढे विराजमान है, तो दूसरी तरफ मरने के बाद भी मृत शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उचित स्थान नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते दाह संस्कार में पहुंचे लोग भी परेशान हो रहे हैं।
दुर्ग भिलाई क्षेत्र के मरने वाले मृतकों के लिए अंतिम संस्कार हेतु शिवनाथ नदी तट पवित्र स्थल होने के कारण ज्यादातर लोग अंतिम संस्कार के लिए इस मुक्तिधाम में पहुंचते हैं, किंतु बताया जा रहा है कि विगत कई माह से मुक्तिधाम के अंदर दाह संस्कार हेतु बनाए गए सभी 6 दाह संस्कार के एंगल टूटा पड़ा है, जिसके कारण शव को नीचे जमीन पर रखकर जलाया जा रहा है, जिसे एक अंतिम संस्कार में पहुंचे भाजपा नेताओं मे स्वयं अवलोकन किया जहां लोगों ने इस दुर्दशा की शिकायत करते हुए निगम को कोसते नजर आए।
भाजपा पार्षद दल के नेता अजय वर्मा ने मुक्तिधाम की इस अव्यवस्था के लिए सीधे तौर पर विधायक अरुण वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है, कि इस संवेदनशील मामले में चुप्पी साधे बैठे है। जबकि भाजपा के पूर्व परिषद के स्वीकृत हर छोटे बड़े कार्यों को अपनी उपलब्धि बताने में पीछे नहीं हटते और दाह संस्कार संस्कार जैसे संवेदनशील स्थल की दुर्दशा पर ध्यान नहीं देते यही हाल निगम के जिम्मेदार अधिकारियों का भी है, जो महापौर धीरज बाकलीवाल के अनुभवहीनता व कमजोरी के कारण केवल अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, पर भाजपा पार्षद दल इस मुद्दे पर अब चुप नहीं बैठेगी बल्कि शीघ्र ही मुक्तिधाम दुर्दशा ठीक नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करेगी।


