दन्तेवाड़ा
दंतेवाड़ा, 16 जून। जिला प्रशासन द्वारा नशा मुक्ति को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत 17 से 26 जून तक विभिन्न जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित इस अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों की मांग में कमी लाना तथा आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक एवं शिक्षित करना है।
ज्ञात हो कि प्रतिवर्ष 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस एवं अवैध मादक पदार्थ तस्करी विरोधी दिवस मनाया जाता है। इसी अवसर पर जिले में ‘नशामुक्त भारत अभियान-विकसित भारत की पहचान’ थीम के साथ व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएगी। अभियान के अंतर्गत जिला स्तर, जनपद स्तर तथा ग्राम स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस अभियान के तहत जिले के सभी जनपदों की ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकाय क्षेत्रों में जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण, जनसंवाद, प्रचार-प्रसार गतिविधियां तथा सामुदायिक सहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
वर्तमान में जिले में संचालित बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के अंतर्गत भी नशामुक्ति संबंधी विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस दौरान प्रतिभागियों को नशे के सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक शपथ दिलाई जाएगी।
जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन का लक्ष्य जनसहभागिता के माध्यम से नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाकर समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी पहल करना है।


