दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 8 अप्रैल। जिला प्रशासन द्वारा कृषि क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। जिससे किसानों की आय में इजाफा हो सके। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव द्वारा प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना की समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में सुगंधित धान उत्पादन प्रोत्साहन सुगंधित धान उत्पादक किसानों का चयन एवं सुगंधित धान बीज की व्यवस्था, सुगंधित धान बीज प्रमाणीकरण की व्यवस्था के संबंध में कलेक्टर द्वारा जिले में सुगंधित धान के क्षेत्र विस्तार, धान बीज उपलब्धता, उत्पादन और मार्केटिंग के संबंध में विशेष रणनीति बनाने का कहा गया।
उन्होंने कहा कि जिले की स्थानीय सुगंधित धान में से एक ‘‘लोकटी माछी’’की फसल लेने हेतु अधिक से अधिक किसानों को प्रोत्साहित करे इसके लिए किसानों को इस धान बीज की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ फसल की बुआई से लेकर फसल उत्पादन एवं मार्केटिंग तक किसानों को मार्गदर्शन देने और इससे संबंधित डेटा संकलन हेतु विभाग को विशेष प्रयास करना होगा। इसका बेहतर परिणाम आने वाले वर्षो में दिखेगा। आने वाले दो महिने में धन धान्य योजना से जुड़े कृषि सहित इसके सभी अनुषगिक विभाग अपनी समस्त सूचकांक आधारित गतिविधियों को शत प्रतिशत पूरा कर लेवें। और इसका मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित होना चाहिए ताकि मानसून सीजन में उसका वास्तविक रिजल्ट मिल सकें। इसके साथ ही बैठक में सुगंधित धान की फसल लेने वाले 1200 किसानों का चयन पूर्ण कर लेने, सिंचाई सुविधा से जुड़े कार्यो को जुलाई 2026 तक कार्य पूर्ण किए जाने, हरी खाद के संबंध में आगामी खरीफ हेतु ग्लिरिसिडीया पौधे की नर्सरी तैयार करने, बीआरसी सुदृढीकरण के तहत 800 किसानों का चयन, 500 बांस नाडेप का निर्माण कार्य, कृषक उन्नति योजना मरहान पर धान लगाने वाले किसानों को लघु अनाज लगाने के लिए प्रोत्साहित करना, किसान क्रेडिट कार्ड को प्रोत्साहन एवं केसीसी लिए किसानों का एटीएम कार्ड को चालू कराकर उपयोग सिखाने, सब्जी उत्पादन प्रोत्साहन एनआरएलएम द्वारा चयनित आईएफसी में एवं अन्य किसानों एटीएम मॉडल से सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण, सब्जी उत्पादन प्रोत्साहन उद्यानिकी विभाग की नर्सरी में ग्राफटेड सब्जी के पौधों का उत्पादन शुरू करने, आयल पाम प्लांटेशन जून-जुलाई में प्लांटेशन हेतु कृषकों की सूची, तारबाड़ी, बोर, एवं बिजली की व्यवस्था हेतु स्थापित प्लांटेशन में आन्तर्वर्गीय फसल, लघु अनाज की खेती को प्रोत्साहन, काली मिर्च पुराने बागानों को चयनित कर काली मिर्च प्लांटेशन की कार्ययोजना बनाने जैसे विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तारपूवर्क समीक्षा हुई।


