दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 25 फरवरी। न्यायालय ने 2 नक्सलियों को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दोषसिद्ध पाते हुए प्रत्येक को 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
दंतेवाड़ा में पुलिस अधीक्षक गौरव राय तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत वर्ष - 2024 के 20 मई को थाना अरनपुर से सहायक उप निरीक्षक उदयभान राठिया हमराह स्टाफ के साथ ग्राम नीलावाया रोड से केशापारा-पोटाली मार्ग पर चल रहे सडक़ निर्माण कार्य में लगे वाहनों एवं मजदूरों की सुरक्षा ड्यूटी हेतु रवाना हुए थे। ड्यूटी से वापसी के दौरान लगभग 3.15 बजे नया सडक़ केशापारा-पोटाली के पास, निर्माण स्थल से लगभग 400-500 मीटर दूरी पर मुरूम गड्ढा के पास दो संदिग्ध व्यक्ति पुलिस बल को देखकर जंगल-झाडिय़ों में छिपने का प्रयास करते हुए दिखाई दिए। पुलिस बल द्वारा तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया गया। इनमें हुंगा उर्फ गुट्टूम सोड़ी और जोगा कुड़ामी, निवासी ग्राम पोरदेम, थाना गादीरास, जिला सुकमा शामिल थे
पूछताछ के दौरान दोनों ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन के मिलिशिया सदस्य के रूप में कार्य करना स्वीकार किया।
बरामद सामग्रियां
हुंगा उर्फ गुट्टूम सोड़ी के कब्जे से01 नग टिफिन बम (लगभग 03 किलो वजनी),02 नग डेटोनेटर,बिजली वायर,01 नग सेल,05 नग पटाखा और हस्तलिखित नक्सली पोस्टर बरामद किए गए। मौके पर ही बरामदगी पंचनामा तैयार कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाना अरनपुर लाया गया।
आरोपियों के विरुद्ध थाना अरनपुर में अपराध क्रमांक 09/2024 पंजीबद्ध किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम की धारा 8(1)(3)(5), विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 10(क)(द्ब)(द्ब1), 13(1)(क), 20 एवं 38(2) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(ख) के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
उक्त प्रकरण माननीय विशेष न्यायालय (एनआईए एक्ट) में विचाराधीन रहा। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं साक्षियों के कथनों के आधार पर यह सिद्ध हुआ कि दोनों आरोपियों द्वारा अपने नियंत्रणाधीन विस्फोटक पदार्थ (टिफिन बम, डेटोनेटर आदि) रखा गया था।
न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण हुंगा उर्फ गद्दूम सोढ़ी एवं जोगा कुड़ामी को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(ख) के तहत दोषसिद्ध पाते हुए प्रत्येक को 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में 06 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा नक्सल उन्मूलन एवं विकास कार्यों की सुरक्षा हेतु सतत अभियान जारी है।


