दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 22 फरवरी। दंतेवाड़ा के वनों में वर्तमान में ग्रामीणों द्वारा आग लगाई जा रही है। इसके फलस्वरुप छोटे पौधे और वनस्पतियां नष्ट हो रही हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में महुआ के फूल का पेड़ों से पतन हो रहा है। जिसे ग्रामीणों द्वारा संग्रहण किया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा अपनी सुविधा हेतु महुआ पेड़ों के नीचे आग लगा दी जाती है। जिससे उन्हें महुआ फूल के संग्रह में सुविधा मिलती है। एक ग्रामीण ने बताया कि महुआ के पेड़ के नीचे आग लगने से महुआ बीनने में आसानी होती है।
विभागीय प्रयास असफल
ग्रामीणों द्वारा आग लगा दी जाती है, परंतु उसे बुझाए नहीं जाता है। यह आग ग्रीष्मकाल में पहाडिय़ों में बढ़ती चली जाती है। जिससे छोटे पौधों को क्षति होती है। वही अमूल्य वनस्पतियां भी आग की चपेट में नष्ट हो जाती है।
दंतेवाड़ा के विकासखंड कटेकल्याण के ग्राम मोखपाल की पहाडिय़ों में रविवार को आग लगाई गई। इसी क्रम में ग्राम दूधीरास में भी ग्रामीणों द्वारा आग लगाई गई। इसके फलस्वरुप छोटे पौधों को नुकसान पहुंचा। इस दिशा में वन विभाग के प्रयास असफल साबित हो रहे है। जिससे वनों को क्षति पहुंच रही है।
आग रोकने कर रहे प्रचार -डीएफओ
इस गंभीर मुद्दे पर वन मंडल अधिकारी रामकृष्ण रंगनाथ वाय ने ‘छत्तीसगढ़’ को बताया कि वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को आग नहीं लगाने की समझाइश दी जा रही है। इसके साथ ही आग बुझाने हेतु विभागीय कर्मचारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाती है, जिससे वनों का संरक्षण हो सके।


