दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 23 फरवरी। जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई की अवधि में संपादित किया जाना है। जिसके लिए राज्य शासन द्वारा जनगणना से संबंधित नोडल अधिकारियों, कर्मचारियों को सोमवार से 2 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में 15 मार्च को 01 दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम के निर्देश दिए गए।
इसी कड़ी में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा डंकिनी सभाकक्ष में डिजिटल उपकरणों का परिचय,सीएमएमएस मॉड्यूल पर संक्षिप्त विवरण, मकान सूचीकरण ब्लॉक पर्यवेक्षी सर्कल की भू-नक्शा मकान सूचीकरण ब्लॉक पर्यवेक्षी सर्कल आवंटन, एचएलओ मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके डेटा संग्रह, स्व-गणना प्रक्रिया राज्य, जिला, चार्ज अधिकारियों द्वारा डेटा गुणवत्ता की निगरानी ग्रामीण, नगरीय, चार्ज रजिस्टरों का इलेक्ट्रॉनिक निर्माण संक्षिप्त मकान सूची, मकानों की सूची का इलेक्ट्रॉनिक निर्माण प्रिंटिंग एवं लॉजिस्टिक्स प्रबंधन जिला जनगणना हस्तपुस्तिका, मोबाइल एप्लिकेशन और इसकी राज्य, जिला, चार्ज अधिकारियों डेटा, चार्ज रजिस्टरों का इलेक्ट्रॉनिक निर्माण मकान सूची मकानों की सूची का इलेक्ट्रॉनिक निर्माण लॉजिस्टिक्स प्रबंधन जिला जनगणना हस्तपुस्तिका मोबाइल एप्लिकेशन और इसकी प्रक्रिया स्व-गणना डेटा को प्रगणक द्वारा फील्ड में सत्यापन के संबंध में विस्तार से बताया गया।
इस दौरान कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि चूंकि इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम में संपादित की जायेगी। अत: इसे देखते हुए सभी नोडल इससे संबंधित सभी प्रावधानों नियम का भली भांति जानकारी लें। और इस संबंध में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर मास्टर ट्रेनर को अवगत कराते हुए समाधान प्राप्त करें। जनगणना कार्यक्रम में भागीदारी राष्ट्रीय कर्तव्य है। यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि प्रगणक स्तर से लेकर सभी जिला एवं चार्ज अधिकारी परस्पर समन्वय और उत्तरदायित्व से अपनी भूमिका निभाएं।
इस प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जनगणना - 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम चरण के अन्तर्गत मकान सूचीकरण, और मकानों की गणना छत्तीसगढ़ एक मई से 30 मई तक किया जाएगा।
इस दौरान मास्टर ट्रेनर्स संतोष कुमार, नसीम अहमद, अशोक कुमार, सहित जिला स्तर से जिला जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद थे।——--


