राजनांदगांव

लॉकडाउन से सब्जी उत्पादकों को आर्थिक क्षति
14-Apr-2021 1:32 PM 46
लॉकडाउन से सब्जी उत्पादकों को आर्थिक क्षति

खेतों में खराब हो रही सब्जियां, राहत देने की उठी मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबागढ़ चौकी, 14 अप्रैल।
वैश्विक महामारी कोविड-19 कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर में लगाए गए लॉकडाउन में सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों के समक्ष बड़ा संकट खड़ा हो गया है। लॉकडाउन के चलते सब्जी उत्पादक किसान अपनी फसल को बाजार बंद होने के चलते नहीं बेच पा रहे हैं। वहीं कोई व्यापारी उनकी फसल लेने तैयार नहीं है। ऐसी स्थिति में किसानों की सब्जियां खेतों में खराब हो रही है। जिससे किसानों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने शासन से इस समस्या के निराकरण के लिए उन्हें राहत देने की मांग की है।

वनांचल के सब्जी उत्पादन करने वाले किसान बीते 10 अप्रैल से जारी लॉकडाउन के चलते मुश्किलों में पड़ गए हैं। वे लॉकडाउन के चलते अपनी फसल को न तो बाजार में बेच पा रहे हैं और न ही उनकी फसल खरीदने कोई खरीददार सामने आ रहा है। ऐसी स्थिति में उनकी फसलें खेत में ही खराब हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। 

मोहला के द्वारिका सोरी, मोहन निषाद, गोपेश भुआर्य व चौकी में सब्जी उत्पादन करने वाले किसान शैलेन्द्र मिश्रा, प्रज्ञारत्न गोडबोले, केकतीटोला के द्वारका परतेती, मेरेगंाव के एस.कुमार मिलिंद, जोरातराई के कोमल सिन्हा ने बताया कि वे गर्मी में टमाटर, लौकी, ककडी, खीरा, पपीता, भटा की फसल का उत्पादन करते हैं। इन सब्जी उत्पादकों ने बताया कि फसल अच्छी हुई है, लेकिन 10 अप्रैल से जारी लॉकडाउन के कारण वे अपनी फसल को खुले बाजार में बेच नहीं पा रहे हैं और न ही उनकी फसल खरीदने कोई व्यापारी या खरीददार पहुंच रहा है। जिससे उनकी फसल खेत में ही खराब हो रही है। यदि वे फसल तुड़वाकर रखते हैं तो वह घर में ही रखे-रखे खराब हो जाएगी और फसल तुड़ाई के लिए मजदूरों की मजदूरी का भी अतिरिक्त भार पड़ेगा। कृषकों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि यदि उनकी फसल नहीं बिकी तो उन्हें लाखों की क्षति का सामना करना पड़ेगा। सब्जी उत्पादक कृषकों ने छग शासन से लॉकडाउन की अवधि में कृषकों को राहत देने की मांग की है।

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