‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 21 नवंबर। जिले के महेश कॉलोनी निवासी 93 वर्षीय शांति देवी चतुर्वेदी व उनकी पुत्री 74 वर्षीय आभा तिवारी ने देहदान की घोषणा की है। नवदृष्टि फाउंडेशन संस्था के सदस्यों ने देहदानियों को प्रशस्ति पत्र सौंपा व साधुवाद दिया।
उन्होंने देहदान की घोषणा कर वसीयत नवदृष्टि फाउंडेशन के राज आढ़तिया, कुलवंत भाटिया, मुकेश राठी, यतीन्द्र चावड़ा, विकास जायसवाल, जितेंद्र हासवानी को सौंपी। उनके भांजे रकेश दुबे वसीयत के साक्षी बने पुत्र प्रणव तिवारी, पुत्रियां मीनाक्षी व खुशबू ने देहदान हेतु सहमति दी।
नवदृष्टि के सदस्य मुकेश राठी ने बताया कि शांति देवी सिवनी के प्रायमरी स्कूल की प्रधान अध्यापिका रह चुकी हैं एवं आभा तिवारी भी शिक्षिका रह चुकी हैं व कहा-जब नई पीढ़ी देहदान या नेत्रदान करने में संकोच करती है, ऐसे में 93 वर्ष व 74 वर्ष की आयु में देहदान का निर्णय लेना साहसिक है व समाज को प्रेरित करेगा।
जितेंद्र हासवानी ने शांति देवी चतुर्वेदी व आभा तिवारी के जज़्बे की तारीफ करते हुए कहा हम उनसे प्रेरणा लेंगे व् भविष्य में यह देहदान हेतु जागरूकता के लिए उदाहरण होगा।
नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से अनिल बल्लेवार ,कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया हरमन दुलई, प्रभु दयाल उजाला, प्रमोद बाघ,किरण भंडारी, रितेश जैन, जितेंद्र हासवानी, सत्येंद्र राजपूत, पियूष मालवीय, विकास जायसवाल मुकेश राठी, दीपक बंसल, सूरज साहू संतोष राजपुरोहित,चेतन जैन, चन्दन मिश्रा, यतीन्द्र चावड़ा, नत्थू अग्रवाल, खुर्शीद अहमद, सुरेश जैन, आकाश मसीह, वीरेंद्र पाली, प्रफुल्ल जोशी, प्रसाद राव,संतोष रत्नानी ने शांति देवी चतुर्वेदी व आभा तिवारी को साधुवाद दिया।