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प्रत्येक व्यक्ति को अपना हुनर साझा करना चाहिए, क्योंकि ज्ञान और कौशल का आदान-प्रदान सामूहिक विकास का आधार-किरण बेदी
08-Jun-2026 2:52 PM
प्रत्येक व्यक्ति को अपना हुनर साझा करना चाहिए, क्योंकि ज्ञान और कौशल का आदान-प्रदान सामूहिक विकास का आधार-किरण बेदी

प्रेरणा, नेतृत्व, आत्मविश्वास और सकारात्मक परिवर्तन का मंच बना फिक्की फ्लो आयोजन

रायपुर, 8 जून।  फिक्की फ्लो रायपुर चैप्टर की अध्यक्षा पूनम अग्रवाल ने बताया कि रायपुर चैप्टर के वर्टिकल फ्लो एडवोकेसी एवं पॉलिसी द्वारा प्रथम फ्लो कार्यक्रम बीइंग सक्सेसफुल- करेज एंड चेंज विद डॉ. किरण बेदी का आयोजन रायपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित यह कार्यक्रम प्रेरणा, नेतृत्व, आत्मविश्वास और सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त मंच बना।

अध्यक्षा ने बताया कि फिक्की फ्लो एक ऐसा राष्ट्रीय मंच है जो महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं व्यक्तिगत सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। जमीनी स्तर से लेकर चैप्टर स्तर तक महिलाओं को अवसर, मार्गदर्शन और नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में हम सदैव सक्रिय रहा है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए आज देश की प्रथम महिला आईपीएस अधिकारी, समाज सुधारक एवं प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व को आमंत्रित किया गया। फिक्की फ्लो का दृढ़ विश्वास है कि सशक्त महिला ही सशक्त समाज की आधारशिला है।

डॉ. बेदी ने महिलाओं को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपना हुनर साझा करना चाहिए, क्योंकि ज्ञान और कौशल का आदान-प्रदान सामूहिक विकास का आधार है। उन्होंने अनुशासन को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक संतुलन जीवन में आगे बढऩे के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं को प्रतिदिन पढऩे की आदत विकसित करने, प्रेरणादायक जीवनियों एवं फिल्मों से सीखने, तथा अपने भीतर छिपे उद्यमी को पहचानकर उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. बेदी ने बहनचारे (सिस्टरहुड) की भावना को मजबूत करने पर बल देते हुए बताया  कि यदि कोई कार्य अकेले करना कठिन लगे, तो उसे मिलकर करना चाहिए। उनका संदेश स्पष्ट था कि शुरुआत भले ही छोटी हो, लेकिन पहला कदम अवश्य उठाना चाहिए। शक्ति एक सुंदर जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने जीवन और कार्यों के माध्यम से इस विचार को साकार किया है।

अध्यक्षा ने बताया कि यह आयोजन केवल एक संवाद नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व और सामूहिक प्रगति की दिशा में एक प्रेरक पहल साबित हुआ। भविष्य में भी महिला सशक्तिकरण और नेतृत्व विकास के ऐसे सार्थक कार्यक्रमों का आयोजन करते रहेंगे।


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