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पुराना सोना बनेगा नए भारत की आर्थिक शक्ति-बरडिय़ा
13-May-2026 3:37 PM
पुराना सोना बनेगा नए भारत की आर्थिक शक्ति-बरडिय़ा

पीएम की आत्मनिर्भर भारत अपील का इब्जा

ने किया जोरदार स्वागत

रायपुर, 13 मई।  इंडियन बुलियन ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तिलोकचंद बरडिय़ा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक नए सोने की खरीद को सीमित रखने एवं घरेलू स्वर्ण संपदा के अधिकतम उपयोग की अपील का स्वागत करते हुए इसे राष्ट्रहित में लिया गया दूरदर्शी एवं ऐतिहासिक कदम बताया है।

श्री बरडिय़ा ने बताया कि प्रधानमंत्री की यह सोच केवल आर्थिक बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत को आर्थिक रूप से और अधिक आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि देशहित सर्वोपरि है और ज्वेलरी उद्योग सदैव राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है।

श्री बरडिय़ा ने बताया कि भारत विश्व के सबसे बड़े स्वर्ण उपभोक्ता देशों में शामिल है तथा प्रतिवर्ष भारी मात्रा में सोने का आयात किया जाता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता तथा बढ़ती महंगाई के दौर में प्रधानमंत्री की यह अपील देश की आर्थिक मजबूती और दीर्घकालिक प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक एवं प्रासंगिक है।

श्री बरडिय़ा ने बताया कि भारतीय परिवारों के पास लगभग 25,000 टन से अधिक सोना सुरक्षित रूप में मौजूद है, जो यदि पुन: आर्थिक गतिविधियों में शामिल किया जाए तो देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है। पुराने एवं निष्क्रिय सोने को आधुनिक डिज़ाइनों वाली नई ज्वेलरी में परिवर्तित करने की प्रक्रिया न केवल उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी होगी, बल्कि इससे सोने के आयात में कमी आकर देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

श्री बरडिय़ा ने बताया कि ढ्ढक्चछ्व्र त्रशद्यस्र श्व3ष्द्धड्डठ्ठद्दद्ग & क्रद्गह्वह्यद्ग रूश1द्गद्वद्गठ्ठह्ल के माध्यम से पूरे प्रदेश एवं देशभर में जनजागरूकता अभियान चलाएगी, ताकि लोग घरेलू स्वर्ण संपदा के महत्व को समझें और आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़ें। यह समय केवल व्यापार करने का नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में सहभागी बनने का है।


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