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सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता-सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार
बालकोनगर, 30 अप्रैल। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने बताया कि अपने पावर डिवीजन में रासायनिक रिसाव (केमिकल स्पिलेज) की स्थिति से निपटने के लिए सफलतापूर्वक मॉक ड्रिल आयोजित की। यह अभ्यास 1200 मेगावाट यूनिट-3 एवं 4 के केमिकल प्रोसेस यूनिट (सीपीयू) कास्टिक सोडा टैंक क्षेत्र में किया गया। इसका उद्देश्य आपातकालीन तैयारी और प्रतिक्रिया प्रणाली की जांच करना था।
बालको ने बताया कि कोरबा जिला प्रशासन की उपस्थिति में केंद्र सरकार के निर्देशानुसार आयोजित मॉक ड्रिल में प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं के कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें श्री विजय सिंह पोटाई (डिप्टी डायरेक्टर इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी, कोरबा), श्री देवेंद्र पटेल (एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, कोरबा), श्री सरोज महिलांगे (सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट, कोरबा), श्री प्रमोद नायक (जिला खनन अधिकारी), श्री राकेश द्विवेदी (सब डिवीजनल ऑफिसर, पीडब्ल्यूडी), श्रीमती नम्रता वर्मा (असिस्टेंट इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी), नगर निगम फायर टीम तथा जिला अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल टीम शामिल थीं।
बालको ने बताया कि कंपनी की ओर से आपातकालीन नेतृत्व में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार (चीफ इंसिडेंट कंट्रोलर), श्री संगीत साहू (साइट इंसिडेंट कंट्रोलर), श्री मयंक श्रीवास्तव (वर्क इंसिडेंट कंट्रोलर), तथा श्री भारतेंदु कमल पांडे (चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर) के तौर पर उपस्थित थे। मॉक ड्रिल के दौरान कास्टिक सोडा टैंक के फ्लैंज से रिसाव की आभासी स्थिति बनाई गई। रिसाव का पता चलते ही ऑपरेटर ने तुरंत सेंट्रल कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद फायर, मेडिकल, सिक्योरिटी और रेस्क्यू टीमों को तुरंत अलर्ट किया गया। सभी आपातकालीन टीमें तेजी से मौके पर पहुंचीं और तय सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया।



