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पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द करने के आरबीआई के निर्णय का कैट ने किया स्वागत
28-Apr-2026 2:15 PM
पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द करने के आरबीआई के निर्णय का कैट ने किया स्वागत

रायपुर, 28 अप्रैल। व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन जितेंद्र दोशी,  विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष परमानंद जैन, महामंत्री सुरिंदर सिंह, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी, राम मंधान, वासु मखीजा, भरत जैन, राकेश ओचवानी तथा शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि कैट ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द करने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे जनहित में उठाया गया एक निर्णायक कदम बताया है।

श्री पारवानी ने बताया कि यह सख्त नियामकीय कार्रवाई उन करोड़ों भारतीयों की मेहनत की कमाई की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, जिन्होंने इस संस्था पर विश्वास कर अपना धन जमा किया था। आरबीआई का यह निर्णय बार-बार नियामकीय नियमों की अनदेखी, प्रबंधन संबंधी विफलताओं तथा आरबीआई के निर्देशों की लगातार अवहेलना की गंभीरता को दर्शाता है। वर्ष 2024 में भी आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक की बैंकिंग गतिविधियों पर बड़े प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन चेतावनियों और सुधार के अवसरों के बावजूद संस्था आवश्यक सुधार करने में विफल रही, जिसके परिणामस्वरूप यह कार्रवाई करनी पड़ी।

श्री पारवानी ने बताया कि जमाकर्ताओं का धन सुरक्षित है और नियमानुसार उन्हें वापस मिलेगा। यह आश्वासन विशेष रूप से उन लाखों छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों, स्वरोजगार से जुड़े लोगों और महिला उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो प्रतिदिन के लेनदेन और डिजिटल भुगतान के लिए बड़े पैमाने पर पेटीएम का उपयोग कर रहे थे। पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर किसी भी नियामकीय कार्रवाई से बड़ी संख्या में सूक्ष्म और छोटे व्यापारियों को वित्तीय असुविधा तथा लेनदेन संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए कैट ने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि ऐसे उपभोक्ताओं और व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सुचारु संक्रमण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

श्री पारवानी ने बताया कि पेटीएम के प्लेटफॉर्म के माध्यम से वर्षों में एकत्र किए गए विशाल वित्तीय एवं उपभोक्ता डाटा के प्रबंधन, भंडारण तथा उसके स्थान को लेकर व्यापक जांच की कैट ने मांग की है।


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