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शैक्षणिक-औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलिंगा और प्रजनन के मध्य एमओयू
28-Apr-2026 2:19 PM
शैक्षणिक-औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलिंगा और प्रजनन के मध्य एमओयू

रायपुर, 28 अप्रैल। कलिंगा विश्वविद्यालय ने बताया कि रायपुर स्थित कंसीव रिसर्च एण्ड सेंटर (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया।

कलिंगा ने बताया कि यह समझौता आईवीएफ प्रयोगशाला सेवाओं, सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) बैंक प्रक्रियाओं, क्रायोस्टोरेज प्रौद्योगिकियों, छात्र प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, इंटर्नशिप और अनुप्रयुक्त अनुसंधान पहलों में शैक्षणिक-औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।

कलिंगा ने बताया कि इस एमओयू पर औपचारिक रूप से कलिंगा विश्वविद्यालय परिसर में कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी और कंसीव रिसर्च एण्ड सेंटर (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर और चीफ़ एम्ब्रियोलॉजिस्ट श्री प्रीतम चटर्जी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर बायोटेक्नोलॉजी विभाग की प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्ष                   डॉ. सुषमा दुबे, बायोटेक्नोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर श्री संग्राम केशरी सामल और कंसीव रिसर्च एण्ड सेंटर (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड की सुश्री सृष्टि द्विवेदी भी उपस्थित थीं।

कलिंगा ने बताया कि सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं: आईवीएफ प्रयोगशाला प्रोटोकॉल, एआरटी बैंक संचालन, भ्रूण संस्कृति तकनीकों और क्रायोस्टोरेज प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव; प्रजनन प्रयोगशालाओं में आईसीएसआई, विट्रीफिकेशन, भ्रूण बायोप्सी तथा गुणवत्ता नियंत्रण पर तकनीकी प्रशिक्षण सत्र; प्रजनन जैव प्रौद्योगिकी, गैमेट/भ्रूण क्रायोप्रिजर्वेशन तथा प्रजनन संरक्षण प्रौद्योगिकियों की खोज करने वाले संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं; तथा विश्वविद्यालय फैकल्टी और औद्योगिक भ्रूणविज्ञानियों के बीच ज्ञान साझाकरण।

कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी ने बताया कि यह समझौता ज्ञापन हमारे जैव प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम में वास्तविक आईवीएफ प्रयोगशाला विशेषज्ञता को एकीकृत करने का एक ऐतिहासिक अवसर है।


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