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जेपी इंटरनेशनल सिर्फ विद्यालय नहीं एक परिवार है, जिसका सपना पूज्य स्व. प्रताप राय गिदवानी ने देखा था-प्राचार्य चौबे
20-Apr-2026 5:08 PM
जेपी इंटरनेशनल सिर्फ विद्यालय नहीं एक परिवार है, जिसका सपना पूज्य स्व. प्रताप राय गिदवानी ने देखा था-प्राचार्य चौबे

  शिक्षा, संस्कृति और प्रतिभा का अद्भुत संगम बना 11वां स्थापना दिवस समारोह  

कांकेर, 20 अप्रैल। जे.पी. इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य रितेश चौबे ने बताया कि स्कूल के11वें स्थापना दिवस आरोहण कार्यक्रम अत्यंत भव्यता, अनुशासन और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर उत्सवमय वातावरण में सजा हुआ नजर आया, जहाँ रंग-बिरंगी सजावट, आकर्षक मंच व्यवस्था और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

श्री चौबे ने बताया कि कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों श्री अरुण कीर्तनिया, प्राचार्य (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोंडाहुर) व सुश्री जया मनु, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग (कांकेर) की गरिमामयी स्वागत से हुआ। ततपश्चात पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह आयोजित किया गया, जिसने भारतीय संस्कृति की पावन परंपरा को दर्शाते हुए पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

श्री चौबे ने बताया कि दीप प्रज्वलन के साथ ही कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने उपस्थित सभी अतिथियों और अभिभावकों का दिल जीत लिया। मधुर स्वर और सुमधुर संगीत ने वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने हेतु आयोजित स्कॉलर्स गैलरी वॉक-कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रहा, जिसमें विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियाँ, परियोजनाएँ और रचनात्मक कार्यों का शानदार प्रदर्शन किया गया।

श्री चौबे ने बताया कि यह प्रस्तुति विद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षा प्रणाली और विद्यार्थियों की मेहनत का जीवंत उदाहरण थी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मोटिवेशनल गीतों से लेकर बंगाली नृत्य, जेपीआईएस थीम डांस, माइम शो एवं राजस्थानी नृत्य जैसी रंगारंग प्रस्तुतियों ने मंच को जीवंत बना दिया। प्रत्येक प्रस्तुति में विद्यार्थियों की कला, आत्मविश्वास और टीमवर्क की झलक स्पष्ट दिखाई दी, जिसे उपस्थित अतिथियों तथा परिजनों ने तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ सराहा। जे पी इंटरनेशनल स्कूल सिर्फ विद्यालय ही नहीं, बल्कि यह एक परिवार है, जिसका सपना पूज्य स्व. प्रताप राय गिदवानी जी ने देखा था।


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