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तिरुवनंतपुरम के रनवे पर अनूठा धार्मिक जुलूस
तिरुवनंतपुरम, 3 अप्रैल। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड ने बताया कि वैश्विक नागरिक उड्डयन में विरले ही देखने को मिलने वाले एक दृश्य के तहत, दक्षिण भारत के तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने एक बार फिर अपने उच्च-सुरक्षा रनवे को सदियों पुराने धार्मिक जुलूस के लिए औपचारिक मार्ग में परिवर्तित कर दिया।
समूह ने बताया कि 2 अप्रैल को प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के पैनकुनी आराट्टू जुलूस के आयोजन के लिए एयरपोर्ट पर लगभग चार घंटे के लिए उड़ान परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। आधुनिक विमानन अवसंरचना द्वारा जीवंत विरासत को दिया गया यह सम्मान एक दुर्लभ और प्रेरक उदाहरण है। लगभग दो किलोमीटर लंबे रनवे को हर वर्ष इस पवित्र अनुष्ठान के लिए खोला जाता है, जिससे तिरुवनंतपुरम उन गिने-चुने वैश्विक हवाई अड्डों में शामिल हो जाता है, जहाँ रनवे को श्रद्धा और धार्मिक परंपरा के सम्मान में समर्पित किया जाता है।
समूह ने बताया कि इस जुलूस का पारंपरिक नेतृत्व त्रावणकोर के पूर्व राजपरिवार द्वारा किया जाता है, जिसने वर्ष 1932 में इस एयरपोर्ट का निर्माण कराया था। वर्तमान में हवाई अड्डे का संचालन अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड अदाणी समूह की कंपनी—द्वारा किया जा रहा है, जिसने 2021 में प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से इसके परिचालन अधिकार प्राप्त किए थे।
समूह ने बताया कि प्रबंधन में बदलाव के बावजूद, यह ऐतिहासिक परंपरा दशकों से बिना किसी व्यवधान के निरंतर चली आ रही है। मलयालम पंचांग के ‘पैनकुनी’ महीने से जुड़ा पैनकुनी आराट्टू अनुष्ठान देवताओं के समुद्र में पवित्र स्नान (आराट्टू) के माध्यम से सांकेतिक शुद्धिकरण का प्रतीक है।
समूह ने बताया कि दस दिवसीय उत्सव के अंतिम दिन भगवान पद्मनाभस्वामी, नरसिंह और कृष्णस्वामी के विग्रहों को भव्य रूप से सजाए गए जुलूस के साथ मंदिर से एयरपोर्ट रनवे के माध्यम से लगभग छह किलोमीटर दूर स्थित शांगुमुगम समुद्र तट तक ले जाया जाता है। रनवे के समीप स्थित ‘आराट्टू मंडपम’ में संक्षिप्त विश्राम के बाद जुलूस समुद्र तट की ओर बढ़ता है।


