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छत्तीसगढ़ सहित देश में 80 हजार करोड़+ होली व्यापार संभावित, स्वदेशी उत्पादों की मांग-कैट
24-Feb-2026 3:51 PM
छत्तीसगढ़ सहित देश में 80 हजार करोड़+ होली व्यापार संभावित, स्वदेशी उत्पादों की मांग-कैट

रायपुर, 24 फरवरी। व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य श्री अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन श्री जितेंद्र दोशी, श्री विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष श्री परमानंद जैन, महामंत्री श्री सुरिंदर सिंह, कोषाध्यक्ष श्री अजय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेंद्र जग्गी, श्री राम मंधान, श्री वासु मखीजा, श्री भरत जैन, श्री राकेश ओचवानी तथा श्री शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुमान के अनुसार आगामी होली के अवसर पर इस वर्ष प्रदेश सहित देशभर में लगभग 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होने की संभावना है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक है।

श्री पारवानी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल के आह्वान का व्यापक प्रभाव बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इस बार होली के अवसर पर भारतीय निर्मित हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पिचकारियां, गुब्बारे, चंदन, पूजन सामग्री, परिधान तथा अन्य स्वदेशी उत्पादों की बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है, जबकि वर्ष 2021 से पहले बाजारों में चीनी सामान का वर्चस्व हुआ करता था।

श्री पारवानी ने बताया कि होली से संबंधित वस्तुओं के अलावा मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट आइटम, फूल-फल, कपड़े, फर्निशिंग फैब्रिक, किराना, एफएमसीजी उत्पादों तथा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की भी बाजारों में भारी मांग देखी जा रही है। होली खेलने के लिए सफेद टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा, सलवार-सूट तथा हैप्पी होली लिखी टी-शर्ट भी बड़ी संख्या में खरीदी जा रही हैं।

श्री पारवानी ने बताया कि कैट के अनुमान के अनुसार केवल छत्तीसगढ़ में लगभग 1600 से 1800 करोड़ रुपये के व्यापार की संभावना है। शहर के थोक और खुदरा बाजार रंग-बिरंगे गुलाल, आकर्षक पिचकारियों, गुजिया की मालाओं और ड्राई फ्रूट पैकों से सजे हुए हैं तथा दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। मिठाई की दुकानों पर भी विशेष रूप से होली की पारंपरिक मिठाई गुजिया की बिक्री में बड़ा उछाल आया है। देशभर में होली मिलन समारोह बड़े स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली में ही विभिन्न व्यापारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों द्वारा 3000 से अधिक होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 


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