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भिलाई-3 परिवार न्यायालय में डिजिटल डेटा के साक्ष्य एवं उसकी ग्राह्यता पर संगोष्ठी
22-Feb-2026 6:02 PM
भिलाई-3 परिवार न्यायालय में डिजिटल  डेटा के साक्ष्य एवं उसकी ग्राह्यता पर संगोष्ठी

  कलिंगा विवि का आयोजन  

रायपुर, 22 फरवरी। कलिंगा विश्वविद्यालय ने बताया कि 19 फरवरी 2026 को भिलाई-3 स्थित परिवार न्यायालय में साइबर विधि तथा डिजिटल साक्ष्य: न्यायालयों में ग्राह्यता विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अधिवक्ता संघ, भिलाई-3 (छत्तीसगढ़) के समन्वय से संपन्न हुआ, जिसने औपचारिक समर्थन प्रदान करते हुए न्यायालय परिसर में संगोष्ठी के सफल आयोजन में सहयोग किया।

विश्वविद्यालय ने बताया कि इस संगोष्ठी में बड़ी संख्या में कार्यरत अधिवक्ताओं ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेख अरसफ, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी भूपेश कुमार बसंत तथा प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अभिनव दहेरिया की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे विधि समुदाय का सशक्त संस्थागत समर्थन परिलक्षित हुआ।

सत्र का संचालन विधि संकाय की सहायक प्राध्यापिका हरलीन कौर द्वारा किया गया, जिन्होंने साइबर विधि की विधिक समझ को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने डिजिटल अपराधों, साइबर विनियमों तथा इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों के साक्ष्यात्मक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

विश्वविद्यालय ने बताया कि साथ ही, साइबर अपराधों से संबंधित विधिक ढांचे तथा न्यायालयों में डिजिटल साक्ष्य की ग्राह्यता पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रौद्योगिकी पर बढ़ती निर्भरता और साइबर संबंधी विवादों में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से संबंधित वैधानिक अनुपालन, प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों तथा न्यायिक मानकों पर विशेष जोर दिया गया।


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