बिलासपुर
10वीं में 65.30 फीसदी और 12वीं में 79.19 फीसदी परिणाम, छात्राओं ने बचाई साख
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 30 अप्रैल। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों ने इस बार बिलासपुर जिले को निराश किया है। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष दोनों कक्षाओं के परिणाम कमजोर रहे, जिससे ‘मिशन-90’ अभियान की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 10 का पास प्रतिशत इस वर्ष घटकर 65.30 फीसदी रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 75.60 फीसदी था। यानी 10.3 प्रतिशत की बड़ी गिरावट। वहीं कक्षा 12 का परिणाम 79.19 फीसदी रहा, जो पिछले साल के 82.87 फीसदी से करीब 3 प्रतिशत कम है।
सबसे बड़ा झटका यह रहा कि कक्षा 12वीं की टॉप-10 मेरिट सूची में बिलासपुर का एक भी छात्र स्थान नहीं बना सका। वहीं कक्षा 10 में भी जिला टॉप-5 से बाहर रहा। हालांकि 7वें से 10वें स्थान के बीच पांच छात्राओं ने स्थान बनाकर जिले की साख बचाई।
कक्षा 10 में 21,959 परीक्षार्थियों में से 14,268 छात्र पास हुए, जबकि 6,109 छात्र असफल रहे। इसी तरह कक्षा 12 में 15,172 में से 11,995 छात्र सफल हुए और 1,530 फेल हुए। यह आंकड़े शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हैं।
दोनों ही कक्षाओं में छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा। कक्षा 10 में 70.48 फीसदी छात्राएं पास हुईं, जबकि लडक़ों का प्रतिशत 58.76 फीसदी रहा। कक्षा 12 में भी 83.65 फीसदी छात्राएं सफल रहीं, जबकि लडक़ों का परिणाम 73.31 फीसदी रहा।
जिले में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ‘मिशन-90’ अभियान चलाया गया था, जिसके तहत विशेष अध्ययन सामग्री, मॉडल टेस्ट, कोचिंग और निगरानी की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद परिणामों में सुधार के बजाय गिरावट दर्ज होना इस अभियान के असर पर सवाल खड़े करता है।
प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय और स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन कर जिले की प्रतिष्ठा को कुछ हद तक बचाया। इसके विपरीत कई निजी स्कूल अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके।


