बिलासपुर

अरपा किनारे 70 करोड़ की सड़क को कांग्रेस ने बताया संदेहों से भरा प्रोजेक्ट
22-Nov-2025 1:05 PM
अरपा किनारे 70 करोड़ की सड़क को कांग्रेस ने बताया संदेहों से भरा प्रोजेक्ट

डीपीआर, जन-सुनवाई और पर्यावरण अनुमति तक सामने नहीं

छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 22 नवंबर। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिलासपुर से ही उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री हैं, केंद्रीय मंत्री भी इसी विभाग के प्रभारी हैं और स्थानीय विधायक भी सत्ताधारी दल से हैं, फिर भी जिले की सड़कें वर्षों से बदहाल पड़ी हैं। इसके बावजूद अचानक अरपा नदी के सूनसान तट पर 70 से 100 करोड़ के लागत की एक नई सड़क बना देने से सवाल खड़े हो गए हैं।

कांग्रेस ने पूछा कि जब पूरे जिले की सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं, तब एक सूनसान अरपा तट पर इतनी महंगी सड़क किसके लिए तैयार की गई? खास बात यह कि यह सड़क आगे जाकर निजी भूमि पर खत्म हो जाती है। यानी यह न जनता के उपयोग की है और न किसी प्रमुख मार्ग से जुड़ती है।
कांग्रेस ने कहा कि अरपा तट पर 80 फीट चौड़ी सड़क न तो स्मार्ट सिटी क्षेत्र में आती है और न ही यहां किसी प्रकार की सार्वजनिक जरूरत है। इसके बावजूद करोड़ों रुपये खर्च कर इसे बनाया गया, जबकि शहर के अंदर की टूटी सड़कों को देखने तक कोई तैयार नहीं।

नेताओं ने आरोप लगाया कि न तो इस परियोजना का डीपीआर सार्वजनिक किया गया, न जन–सुनवाई हुई, और पर्यावरण अनुमति भी नहीं दिखाई गई। स्मार्ट सिटी के नाम पर फंड का उपयोग ऐसे क्षेत्र में कर देना, जो स्मार्ट सिटी सीमा में आता ही नहीं, सीधा भ्रष्टाचार है।
कांग्रेस ने कहा कि सड़क का निजी जमीन पर खत्म होना यह संकेत देता है कि प्रोजेक्ट का उद्देश्य कुछ खास व्यक्तियों को लाभ पहुंचाना है। यह भी आरोप लगाया गया कि अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट की वास्तविक जानकारी शासन तक पहुंचने ही नहीं दी।
कांग्रेस ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और स्थानीय विधायक सुशांत शुक्ला तीनों को इस सड़क की जानकारी अवश्य होगी। फिर भी किसी ने सवाल नहीं उठाया कि यह सड़क क्यों बनाई जा रही है। यह चुप्पी संदेह पैदा करती है।
कांग्रेस ने कहा कि पूरे शहर की सड़कों पर गड्ढे, धूल और हादसों की भरमार है। नवरात्रि जैसे त्योहारों में लोग धूल के गुबार के बीच पंडालों तक पहुंचने मजबूर हुए। हाई कोर्ट तक सड़कों की स्थिति पर गंभीर टिप्पणी कर चुका है।  

कांग्रेस ने शासन–प्रशासन से 12 सवाल पूछे हैं-  70 करोड़ की सड़क का DPR कहां है?, स्मार्ट सिटी फंड का उपयोग गैर–स्मार्ट सिटी क्षेत्र में कैसे किया गया? सड़क निजी जमीन पर रुकती है, आखिर किसके लिए बनाई गई? क्या इस प्रोजेक्ट पर कोई जन-सुनवाई हुई?, क्या शहर की जर्जर सड़कों से अधिक सूनसान जगह पर सड़क जरूरी थी?, अरपा नदी को मरीन ड्राइव जैसा बनाने का गुपचुप प्रयास तो नहीं?, तीनों बड़े जनप्रतिनिधियों ने चुप्पी क्यों साध रखी?

प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जनता के साथ मिलकर कांग्रेस इस पूरे प्रोजेक्ट का जवाब सरकार से मांगती है और जल्द ही सड़क आंदोलन छेड़ेगी।

 


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