बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 9 जून। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली के विरोध में पंडित जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान स्नातकोतर महाविद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों का धैर्य सोमवार का जवाब दे दिया। परीक्षा परिणामों में भारी अनिमिताएं, अनावश्यक एटीकेट और गलत तरीके से अनुपस्थित किए जाने की विरोध में विद्यार्थियों ने नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सडक़ के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
पीजी कॉलेज बेमेतरा की प्राचार्य डॉ. वीणा त्रिपाठी ने कहा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आवेदन की भारतीय विश्वविद्यालय को प्रेषित की जा चुकी है। उन्होंने कहा ज्यादातर शिकायत परीक्षा परिणाम अनुपस्थित आदर्श जाने को लेकर आई है। हम इसे लेकर गंभीर हैं और विद्यार्थियों के नए दिन आने के लिए विश्व विश्वविद्यालय पर लगातार संपर्क में है।
परीक्षा में शामिल होकर भी अनुपस्थिति का दंश मिलता हैं -विद्यार्थी
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अनेक विद्यार्थियों ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह स्वयं परीक्षा में उपस्थित थे लेकिन परिणाम आने पर उन्हें एबसेंट कर दिया गया। एक विद्यार्थी ने तकनीकी खामियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब से कॉलेज में दस्तावेज देखकर विश्वविद्यालय जाते हैं तो सुधार केवल 7 दिनों के भीतर कर दिया जाता है। विद्यार्थियों का तर्क है कि यदि सुधार इतनी जल्दी संभव है तो शुरुआत में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों की गई ? इस बार चक्कर काटने से छात्रों के चप्पल घिस गए हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन का रवैया जस का तस बना हुआ है।
परिणामों में अनियमितता और छात्रों विद्यार्थियों का आक्रोश
परीक्षा परिणाम में भी गंभीर त्रुटियां के कारण लगभग 2000 से में से 700 परीक्षाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। विद्यार्थियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में घोर लापरवाही बरती गई है। जिसका चलते मेधावी छात्रों को भी फेल कर दिया गया है।
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने बताया कि वह परीक्षा में शामिल हुए थे लेकिन अंक सूची में उन्हें अनुपस्थित दर्शाया गया है। यह स्थिति न केवल शैक्षिक बाल की हार्दिक और मानसिक रूप से भी विद्यार्थियों के लिए कष्टकारी है। क्योंकि वे किसान और मजदूर परिवारों से ताल्लुक रखते हैं।
नेशनल हाईवे 30 पर चक्काजाम, घंटे भर राहगीर परेशान
व्यवस्था से नाराज होकर विद्यार्थी सडक़ पर उतर आए और नेशनल हाईवे 30 पर जमकर नारे बजेगी बेमेतरा-रायपुर रोड पर वाहनों का रैला लग गया। जिसमें बसे, मालवाहक और अन्य वाहन घंटे फंसे रहे। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन के अफसर और नायब तहसीलदार जयंत बंजारे को तत्काल मौके पर पहुंचना पड़ा। प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन के अधिकारियों को छात्रों को मनाने के लिए कई घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी, तब जाकर छात्र सडक़ से हटाने के लिए राजी हुए।
एबीवीपी की मांग और प्रशासनिक चुनौतियां
एबीवीपी के नगर मंत्री वासुदेव साहू के नेतृत्व में करते हुए कहा कि प्रशासन के लापरवाही के कारण विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। विद्यार्थियों ने मांग की है कि सभी एटिकेट और अनुपस्थित मामलों की तत्काल निशुल्क पुन जांच की जाए, साथ ही बिना पर्याप्त जांच के जिन विद्यार्थियों पर ‘अनुचित साधन’ के कार्यवाही की गई, उसे निरस्त किया जाए।
विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि वह बार-बार चक्कर लगाने के लिए मजबूर नहीं किए जाने चाहिए और इस समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। विद्यार्थियों ने अपनी समस्याओं का एक विस्तृत पुलिंदा (सूची) प्रशासन को सौप है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर तत्काल सकारात्मक और लिखित कार्रवाई नहीं की गई तो वह लोकतंत्र को शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखने के लिए बात होंगे। विद्यार्थियों ने साफ कर दिया है कि वह अपनी शैक्षणिक प्रगति को किसी भी प्रशासनिक योग चूक की भेंट चढऩे नहीं देंगे। वह चाहते हैं कि विश्वविद्यालय प्रबंधन एक निश्चित समयबद्ध कार्ययोजना जारी करें ताकि विद्यार्थियों का कीमती और संसाधन बर्बाद ना हो। प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए मौके पर मौजूद कॉलेज प्रबंधन और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया।


