बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 9 जून। नवागढ़-बेमेतरा मार्ग में ग्राम छीतापार की हद में आने वाली जमीन में बनी तीन दुकानों पर सुबह सात बजे छावनी में तब्दील कर बुलडोजर एक्शन शुरू हुआ, जो देर शाम तक जारी था।
नवागढ़ तहसीलदार द्वारा 5 जून को जारी बेदखली नोटिस में विकास सोनी, रामकुमार साहू, एवम धनेश को पूर्व के राजस्व कार्यालय के आदेश का हवाला देकर आठ जून के पूर्व प्रश्नाधीन भूमि से कब्जा हटाने को कहा गया था, जिसके परिपालन में सोमवार को बेदखली शुरू की गई।
वर्ष 2017 में जमीन खरीदने वाले देवा दास चतुर्वेदी ने बताया कि जिस दिन वे जमीन खरीदे उस दिन भू स्वामी हक की जमीन थी, वर्ष 2019 में जमीन को श्मशान भूमि दर्ज किया गया हमारे पास वर्ष 1928 से लेकर अब तक का दस्तावेज है जिसे हम कोर्ट में प्रस्तुत करेंगे।
हाईकोर्ट ने तोडफ़ोड़ से राहत देने किया इंकार
हाईकोर्ट बिलासपुर के वकील एसके बाजपेयी ने बताया कि आठ जून के बेदखली से बचने विकास सोनी, राम कुमार साहू एवम धनेश हाईकोर्ट की शरण में गए, जहां पर सोमवार को हुई सुनवाई में न्यायाधीश नरेंद्र कुमार व्यास ने तोडफ़ोड़ में रोक से राहत देने से इस कारण इंकार किया कि सुनवाई पूर्व यह प्रक्रिया को पूर्ण बताया गया एवं रिकॉर्ड को दुरुस्त बताया गया है। अगली सुनवाई 18 जून को तय की गई है।


