बेमेतरा

न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल से मचा हडक़ंप, परिसर खाली कराया
10-Mar-2026 3:45 PM
न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल से मचा हडक़ंप, परिसर खाली कराया

कामकाज रहा बंद, जांच में नहीं मिला कोई संदिग्ध सामान

 ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 10 मार्च।  जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में बम से उडऩे की धमकी भरा ई-मेल मिलने से सोमवार को अचानक अफरा-तफरी मच गई। सुबह करीब 11 बजे न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर धमकी भरा मेल आते ही पूरे परिसर की तत्काल खाली कर लिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर न्यायाधीशों, वकीलों, कर्मचारियों और पेशी पर आए पक्षकारों सहित सभी लोगों को बाहर निकाल दिया गया। कुछ देर में पूरा न्यायालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। ई-मेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में साइनाइड गैस के 14 बम रखे गए हैं। संदेश मिलते ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई और तथा लोगों को सुरक्षित दूरी पर भेजा गया। सुरक्षा कर्म से न्यायालय परिसर के साथ-साथ पास के तहसील कार्यालय ,एसडीएम कार्यालय और आधार केंद्र को भी खाली कर दिया गया और लोगों को लगभग 40 मीटर दूर रोका गया।

 

मेल में 1 बजे तक दिया  गया था अल्टीमेटम

ई-मेल में अज्ञात प्रेषक ने जजों को संबोधित करते हुए जस्टिस फॉर नानगुनेरी लिखते हुए चेतावनी दी थी कि कोर्ट परिसर और चेंबर में ड्रोन के जरिए सनलाइट गैस के 14 बम गिराए गए हैं। मेल में अभी कहा गया था कि प्रमुख का सटीक स्थान अज्ञात है, इसलिए जोखिम न लेते हुए अधिक से अधिक लोगों को परिसर से बाहर निकाल लिया जाए, साथ ही गैस के बचाव के लिए नाक और मुंह कपड़े से ढकने की सलाह विधि गई थी।

न्याय कार्य पूरी तरह ठप रहा

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्राणीश चौबे ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए न्यायालय का पूरा कामकाज बंद कर दिया गया और लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने पर प्राथमिकता दी गई। जिससे पूरे दिन न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। लोग अभियोजक शिव गोपाल श्रीवास ने कहा कि सुबह 11 बजे ई-मेल की जानकारी मिलते ही सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नायक प्रक्रिया रोक दी गई। उन्होंने इस प्रकार की हरकत को निंदनीय बताते हुए मामले की कड़ी जांच की मांग की है। बम निरोधक दस्ते और डाक स्क्वॉड ने की जांच सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बम निरोधक दस्ते और डाक स्क्वायर ने पूरे परिसर के गहन तलाशी ली। शाम तक चल सर्वे ऑपरेशन में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर प्रशासन और आम लोगों ने राहत के सांस ली। प्रारंभिक जांच में या धमकी, अफवाह या शरारत प्रतीत हो रही है।

पहले भी मिल चुकी है ऐसी धमकियां

बताया जा रहा है कि बेमेतरा में के साथ-साथ बालोद न्यायालय भी इसी प्रकार की धमकी मिली है। इससे पहले 25 फरवरी को बिलासपुर उच्च न्यायालय तथा राजनांदगांव जांजगीर-चंपा और जगदलपुर के न्यायालय को भी धमकी भरे संदेश मिल चुके हैं। हालांकि पूर्व में हुई जांचों में धमकियां केवल दशहत फैलाने की कोशिश साबित हुई है।

अचानक मचा भगदड़, सामान छोडक़र बाहर भागे लोग

धमकी की सूचना मिलते हैं न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों ने में दशहत फैल गई। कर्मचारियों और आम लोग जिस हालत में थे उसी हालत में बाहर की ओर भागे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई लोग इतने घबराहट में थे कि बिजली के स्विच, पंखे, एसी और नल तक बंद करना भूल गए। कई कर्मचारी अपने बैग और टिफिन तक कार्यालय में ही छोडक़र बाहर निकल आए।

ईमेल भेजने वाले की तलाश जारी

बेमेतरा थाना प्रभारी सोनम ग्वाला ने बताया की धमकी मिलने के बाद प्रोटोकॉल के अनुसार सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस की साइबर सेल ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। आईपी एड्रेस सहित तकनीकी पहलुओं की जांच कर मेल भेजने वालों की पहचान की जा रही है।


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