बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 17 मार्च। सुकमा जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टोंडामारका में 131वीं बटालियन सीआरपीएफ द्वारा सिविक एक्शन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कमांडेंट दीपक कुमार साहू की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में एल्मागुंडा, मुरियापारा, भाटपारा, मिसिपारा, कन्हैमारका, गुंदराजपारा और टोंडामारका सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण सीआरपीएफ कैंप टोंडामारका पहुंचे। कमांडेंट के मार्गदर्शन में सहायक कमांडेंट संजय कुमार तथा निरीक्षक (जीडी) पाटिल किरण प्रहलाद ने अपनी टीम के साथ मिलकर ग्रामीणों के लिए आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया।
इस अवसर पर 131वीं बटालियन के चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहित मीणा द्वारा एक मेडिकल कैंप भी लगाया गया, जिसमें ग्रामीणों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों का उपचार कर आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं। साथ ही मलेरिया से बचाव और समय पर इलाज कराने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई।
गौरतलब है कि टोंडामारका गांव पहले नक्सलियों का गढ़ माना जाता था, जहां उनकी लगातार मौजूदगी रहती थी। हालांकि, सीआरपीएफ कैंप स्थापित होने के बाद स्थिति में काफी सुधार आया है। सुरक्षा बलों द्वारा लगातार ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें भरोसा दिलाया गया कि उनकी तैनाती गांव के विकास और सुरक्षा के लिए है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीणों और सीआरपीएफ के बीच बेहतर संबंध विकसित हुए हैं। कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई।
सीआरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि सिविक एक्शन कार्यक्रम और स्वास्थ्य शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों को वास्तविक लाभ मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के सभी ग्रामीण उनके परिवार के समान हैं और उनकी सुरक्षा, सहायता तथा विकास के लिए सीआरपीएफ सदैव तत्पर है।


