बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 11 जनवरी। बस्तर पुलिस द्वारा जिले के वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत एकांतवास करने वाले एवं सेवानिवृत्त वृद्धजनों को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों से अवगत कराया गया।
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग के मार्गदर्शन में बस्तर पुलिस साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ आम नागरिकों को जागरूक करने का निरंतर प्रयास कर रही है। एक ओर जहां अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोहों की गिरफ्तारी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर लोगों को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जा रही है।
पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ के दिशा-निर्देशानुसार रजत जयंती वर्ष 2025-26 के आयोजन के अंतर्गत 1 जनवरी से 10 जनवरी तक जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान 100 से अधिक परिवारों से संपर्क कर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान का मुख्य फोकस एकांत में रहने वाले, सेवानिवृत्त एवं वृद्धजन परिवार रहे। पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के घर-घर जाकर डिजिटल अरेस्ट स्कैम, इन्वेस्टमेंट स्कैम, बीमा स्कैम सहित अन्य साइबर अपराधों की जानकारी वीडियो एवं पाम्पलेट के माध्यम से दी गई। साथ ही इन अपराधों से बचने के उपाय भी विस्तार से समझाए गए।
साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में त्वरित सहायता के लिए साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930, पुलिस कंट्रोल रूम, साइबर सेल, संबंधित थाना प्रभारी एवं बीट अधिकारी के संपर्क नंबर भी साझा किए गए।
रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत यह जागरूकता अभियान निरंतर जारी है, जिसमें छात्र-छात्राओं, ग्रामीणों एवं आम नागरिकों को भी शामिल किया जा रहा है।
साप्ताहिक हाट-बाजार, विशेष आयोजनों एवं चलित थानों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार संपर्क स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस विभाग द्वारा संचालित जनकल्याणकारी सेवाओं जैसे डायल 112, अभिव्यक्ति एप, नशा मुक्ति अभियान एवं साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 की जानकारी भी दी जा रही है।
बस्तर पुलिस की अपील
भारतीय कानून में पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है। वीडियो कॉल करने वाले लोग पुलिस, सीबीआई या जज नहीं बल्कि साइबर अपराधी होते हैं। डरें नहीं — रुकें, सोचें और सही कदम उठाएं। किसी भी साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930, 222.ष्4ड्ढद्गह्म्ष्ह्म्द्बद्वद्ग.द्दश1.द्बठ्ठ, साइबर सेल या नजदीकी थाना में तुरंत रिपोर्ट करें।


