बस्तर

बच्चों ने पी दो बूंद जिंदगी की
21-Dec-2025 10:26 PM
बच्चों ने पी दो बूंद जिंदगी की

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जगदलपुर, 21 दिसंबर। बस्तर जिले में रविवार को पोलियो के खिलाफ जंग को और मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत पोलियो की दवा पिलाई गई। रविवार 21 दिसंबर को इस मेगा अभियान में 0 से 5 वर्ष के 1 लाख 24 हजार 377 बच्चों को पोलियो की जीवन रक्षक दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा वंचित न रहे, और शत-प्रतिशत कवरेज हासिल हो।

कलेक्टर हरिस एस. ने बताया कि विभिन्न विभागों के मैदानी अमले के साथ समन्वय स्थापित कर प्रचार-प्रसार किया गया है, हर गांव, हर पारे-टोले तक संदेश भी पहुंचाया गया है, जिससे कि 100 प्रतिशत बच्चों को दवा पिलाया जा सके।

 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने बताया कि जिले में कुल 498 बूथ स्थापित किए गए है, जिनमें जगदलपुर शहरी क्षेत्र में 72 बूथ शामिल हैं। इसके अलावा, 100 सुपरवाइजर, 1992 टीकाकरण कार्यकर्ताओं, 20 मोबाइल टीम और 24 ट्रांजिट टीम तैनात रहेंगी। विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। मोबाइल टीमें बाजारों, मेला-मड़ई, ईंट भट्टों, भवन निर्माण स्थलों, घुमंतु बसाहटों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर आने-जाने वाले बच्चों को दवा पिलाया जाएगा।

 सीएमएचओ डॉ. बसाक ने बताया कि यह अभियान न केवल पोलियो को जड़ से समाप्त करेगा, बल्कि हर्ड इम्युनिटी को मजबूत बनाकर वातावरण में मौजूद वाइल्ड पोलियो वायरस को निष्क्रिय कर देगा, भारत को पोलियो मुक्त बनाने की यह मुहिम देशव्यापी है, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अभी भी पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं, जो हमारे लिए खतरे की घंटी है। अच्छी खबर यह है कि सन 2011 से पूरे भारत में एक भी पोलियो का केस दर्ज नहीं हुआ। छत्तीसगढ़ में तो 2002 से और बस्तर जिले में 1996 से कोई प्रकरण रिपोर्ट नहीं हुआ। यही कारण है कि यह अभियान हर साल और सशक्त होता जा रहा है।

कलेक्टर हरिस ने जिले की जनता से अपील की है कि अपने 0 से 5 वर्ष के सभी बच्चों को 21 दिसंबर को ही नजदीकी बूथ पर ले आएं। बूथ पर दवा पिलाना सबसे प्रभावी तरीका है। आपके एक कदम से बस्तर और छत्तीसगढ़ पूरी तरह पोलियो मुक्त बनेगा।

अभियान में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए रेडियो, सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पल्स पोलियो अभियान न केवल स्वास्थ्य की रक्षा करता है, बल्कि समुदाय की एकजुटता का प्रतीक भी है। जिले के सभी निवासियों से उम्मीद है कि वे इस नेक मुहिम में पूर्ण सहयोग करेंगे, ताकि आने वाली पीढिय़ां स्वस्थ और सुरक्षित रहें।


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