बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 6 मई। कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने, शिक्षक एलबी संवर्ग के संविलियन पूर्व की एरियर्स राशि की भुगतान, दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिवार को अनुकंपा नियुक्ति सहित वित्तीय एवं गैर वित्तीय मांगों के लिए सौंपा ज्ञापन।
प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगण सरकार की योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जायजा लेने के लिए प्रदेश के दौरे पर हैं, जहां एक तरफ मुख्यमंत्री स्वयं सरगुजा संभाग में लोगों से मिलकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा ले रहे हैं एवं लोगों से बातचीत कर रहे हैं, वहीं सरकार के वरिष्ठ मंत्री टी एस सिंह देव इस समय बस्तर संभाग के दौरे पर हैं।
वे आम जनता एवं कर्मचारी संगठनों से भी बातचीत कर रहे हैं, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के बस्तर संभाग में प्रवास के दौरान सर्व शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष विवेक दुबे के निर्देश पर बस्तर संभाग के संभाग प्रभारी प्रकाश महापात्र, जिलाध्यक्ष बस्तर देवेंद्र सोनी, जिला अध्यक्ष सुकमा कृष्ण कुमार पुजारी के नेतृत्व में बस्तर जिला उपाध्यक्ष बी श्रीनिवास राव, जिवेंद्र मगर, संपत बघेल, माया मिश्रा ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव से मिलकर प्रदेश के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की वित्तीय एवं गैर वित्तीय समस्याओं से अवगत कराया।
सर्व शिक्षक संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करना, दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिवार को अनुकंपा नियुक्ति के प्रावधानों में शिथिलता प्रदान करते हुए अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करना, संविलियन से पूर्व के बकाया एरियर्स राशि का भुगतान सहित अनेक विषयों में ज्ञापन दिया गया।
इस दौरान सर्व शिक्षक संघ के संभाग प्रभारी ने अपनी टीम के साथ स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव को बताया कि शासकीय कर्मचारियों को मेडिकल रिंबरसमेंट की सुविधा मिलती है किंतु यह सुविधा इलाज कराने के पश्चात बिल जमा करने पर दिया जाता है, इस पूरी प्रक्रिया में जरूरतमंद कर्मचारी को समय पर आर्थिक मदद नहीं मिल पाती है चूंकि सरकार रिंबर्डमेंट देती ही है तो यदि कर्मचारियों के लिए मेडिकल कैशलेस की सुविधा उपलब्ध करा दी जाए तो कर्मचारियों को इलाज में काफी सुविधा हो जाएगी।
अनुकंपा नियुक्ति को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकृष्ट करते हुए बताया गया कि शिक्षा कर्मी की नौकरी के दौरान हमारे अनेक शिक्षक साथी दिवंगत हो गए जिनका परिवार जटिल नियमों के कारण अनुकंपा नियुक्ति से आज भी वंचित है और आर्थिक परेशानियों से उनका पूरा परिवार गुजर रहा है ऐसे में अनुकंपा नियुक्ति के प्रावधानों में शिथिलता प्रदान करते हुए दिवंगत शिक्षाकर्मी के परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए तो यह उनके परिवार के लिए बड़ी राहत होगी।


