बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 28 मई। जिला अंतर्गत ग्राम हथबंद और उसके आसपास लगभग 3 किलोमीटर के दायरे में संचालित आधा दर्जन से अधिक औद्योगिक संयंत्रों तथा वहां से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण स्थानीय निवासियों को गंभीर प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दिन-रात होने वाले भारी वाहनों के आवागमन से सडक़ों पर धूल का गुबार उड़ रहा है, जिससे आम जनता और राहगीर परेशान हैं।
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, हथबंद का तिगड्डा चौक क्षेत्र का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहाँ होटल, भोजनालय, सब्जी, फल और डेली नीड्स जैसी कई छोटी दुकानें संचालित होती हैं। कोयला, क्लिंकर और अन्य औद्योगिक सामग्री से लदे बड़े वाहनों के गुजरने से उडऩे वाली धूल इन दुकानों में रखे खाद्य पदार्थों पर जम रही है। व्यवसायियों का कहना है कि इसके कारण जहाँ एक ओर ग्राहकों की संख्या प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य संबंधी खतरों की आशंका भी बढ़ गई है।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि औद्योगिक संयंत्र प्रबंधनों द्वारा स्थापित नियमों के तहत सडक़ों पर नियमित रूप से पानी का छिडक़ाव नहीं कराया जाता है। सडक़ किनारे धूल की मोटी परतें जमी हुई हैं, जो तेज रफ्तार भारी वाहनों के गुजरने पर पूरे वातावरण को दूषित कर देती हैं। चिमनियों से निकलने वाले धुएं और उड़ती धूल के कारण राहगीरों, विशेषकर स्कूली बच्चों को आवागमन में प्रतिदिन अत्यधिक कठिनाई हो रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों की आवाज ही का समय निर्धारित किया जाए, सडक़ पर नियमित पानी छिडक़ाव सुनिश्चित कराया जाए तथा प्रदूषण फैलाने वाले संयंत्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि उद्योगों से केवल प्रदूषण और परेशानी मिल रही है, जबकि स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की लगातार अनदेखी की जा रही हैं।


