बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 27 मई। बीमा कंपनी द्वारा पति की दुर्घटना में मृत्यु होने पर पत्नी को व्यक्तिगत दुर्घटना जीवन बीमा की राशि प्रदाय नहीं किये जाने के कारण उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार द्वारा बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए परिवादिनी को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत बीमा क्षतिपूर्ति राशि 10 लाख एवं परिवादिनी को मानसिक आर्थिक क्षतिपूर्ति हेतु राशि 10000 तथा वाद-व्यय हेतु 5000 रूपये प्रदाय किये जाने का आदेश किया गया।
भाटापारा निवासी परिवादिनी लता साहू के पति ऋषि कुमार साहू का विरोधी पक्षकार छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक अर्जुनी भाटापारा में खाता था, जिससे जीवन बीमा के रूप में 500 सालाना प्रीमियम एस. बी. आई. जनरल इंश्योरेसं कंपनी लिमिटेड रायपुर द्वारा लिया जाता था। परिवादिनी के पति की मृत्यु दुर्घटना में हो गई, जिसकी सूचना विरोधी पक्षकारगण को प्रदाय किया गया।
परिवादिनी द्वारा अपने पति का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा राशि का दावा विरोधी पक्षकार को प्रस्तुत किया, परन्तु बीमा कंपनी ने मृतक के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट में अल्कोहल होना पाये जाने के आधार पर बीमा दावा राशि निरस्त कर दिया, जिस पर परिवादिनी द्वारा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार में परिवाद प्रस्तुत किया गया।
आयोग के अध्यक्ष रंजना दत्ता एवं सदस्यगण हरजीत सिंह चावला व शारदा सोनी ने पेश दस्तावेजों एवं संबंधित नियम आदि का सूक्ष्मता से अध्ययन कर पाया कि शव परीक्षण प्रतिवेदन में बताया गया है सिर्फ शराब की गंध के आधार पर यह विश्वास नहीं किया जा सकता कि मृतक शराब के नशे में था और खुद की देखभाल करने या गाड़ी चलाने में असमर्थ था। पुलिस जांच में भी मृतक की लापरवाही के कारण दुर्घटना होना साबित नहीं हुआ है, अपितु जांच में अन्य वाहन चालक की लापरवाही की वजह से दुर्घटना होना साबित हुआ है।
बीमा कंपनी के उपेक्षा पूर्ण कृत्यों के कारण परिवादिनी को परेशान होकर उक्त परिवाद आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना पड़ा। एस. बी. आई. जनरल इंश्योरेसं कंपनी लिमिटेड रायपुर को सेवा में कमी का दोषी मानते हुये परिवादिनी को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत बीमा क्षतिपूर्ति राशि 10 लाख एवं परिवादिनी को मानसिक आर्थिक क्षतिपूर्ति हेतु राशि 10000 तथा वाद-व्यय हेतु 5000 रूपये परिवादिनी को आदेश दिनांक से 45 दिवस के भीतर प्रदाय किये जाने का आदेश किया गया है।


