बलौदा बाजार

बमलेश्वरी गैस एजेंसी के खिलाफ जनदर्शन में पार्षदों ने किया प्रदर्शन
27-May-2026 3:13 PM
बमलेश्वरी गैस एजेंसी के खिलाफ जनदर्शन में पार्षदों ने किया प्रदर्शन

 शहर छोड़ ग्रामीणों इलाकों में कनेक्शन ट्रांसफर करा रहे सैकड़ों

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 27 मई। शहर में रसोई गैस सिलेंडर की लगातार हो रही किल्लत और एजेंसी की कथित मनमानी के खिलाफ मंगलवार को जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। कलेक्टोरेट में आयोजित जनदर्शन के दौरान नगर पालिका परिषद के कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षदों ने नगर पालिका उपाध्यक्ष जितेंद्र माहले के नेतृत्व में कलेक्टोरेट परिसर में ही विरोध प्रदर्शन किया।

परिषदों का आरोप था कि स्थानीय गैस एजेंसी द्वारा बुकिंग के 10 से 20 दिन बाद भी उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा हैं। इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। पार्षदों ने एजेंसी के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की। कलेक्टर से मुलाकात के दौरान जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जब एजेंसी का व्यवहार जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा है तो आम नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता हैं। पार्षदों ने एजेंसी का लाइसेंस निरस्त कर शहर में दूसरी गैस एजेंसी शुरू करने की मांग भी उठाई।

नपा उपाध्यक्ष जितेंद्र माहले ने कहा की कई उपभोक्ताओं को डिलीवरी की तारीख निकल जाने के 20 दिन बाद तक भी डिलीवरी नहीं मिला हैं। पार्षद रोहित साहू ने बताया कि उनकी 14 मई को ऑनलाइन बुकिंग हुई थी और रिकॉर्ड में 16 मई को डिलीवरी दिख रही है जबकि उन्हें अब तक सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ। पार्षद जितेंद्र डडसेना ने कहा कि 10 से 12 दिनों से पर्ची काटने के बावजूद लोगों को सिलेंडर नहीं दिया जा रहा हैं।

पार्षद अमितेश नेताम ने बताया कि एजेंसी की मनमानी से सैकड़ों उपभोक्ताओं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की एजेंसियों में अपना कनेक्शन ट्रांसफर कर चुके हैं। वहीं पार्षद सलमान शेख ने कहा कि शहर के उपभोक्ता आज भी घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। बलौदाबाजार की बमलेश्वरी गैस एजेंसी का विवादों और शिकायतों से पुराना संबंध रहा है बीते कई वर्षों में एजेंसी के खिलाफ स्टाफ गड़बड़ी अतिरिक्त शुल्क वसूली उपभोक्ताओं से दुव्र्यवहार और अनियमित वितरण जैसी शिकायतें शिकायतों पर कई बार जांच और छापा मार करवाई हुई। 17 जुलाई 2025 को खाद एवं राजस्व विभाग की टीम ने एजेंसी के गोदाम में छापामार स्टॉक में भारी अनियमित पायी थी।  ऑनलाइन होम डिलीवरी शुल्क लेने के बावजूद उपभोक्ताओं तक सिलेंडर नहीं पहुंचाए जा रहा थे। गैस रिफिल के साथ अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा था। गोदाम में 39 भरे और 1575 खाली सिलेंडर मिले थे, जिनका रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज नहीं था। 30 मई 2024 को एसडीएम के नेतृत्व में हुई जांच में करीब 356 सिलेंडरों की गड़बड़ी सामने आई थी। 44 डिफेक्टिव घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए थे। कई कंपनियों के 54 सिलेंडर मिले थे।

3000 तक में ब्लैक में

खरीदना पड़ रहा है

पार्षदों ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में 25 और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद दोबारा गैस बुकिंग का नियम हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति में उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से एक महीने में एक सिलेंडर भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा हैं। मजबूरी में 2500 से 3000 रुपये तक में ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा हैं।

इस दौरान खाद्य अधिकारी ने भी स्वीकार किया की एजेंसी के व्यवहार से स्वयं भी परेशान रह चुके हैं। कलेक्टर ने व्यवस्था जल्द सुधारने का आश्वासन देते हुए एजेंसी कार्यालय में मॉनिटरिंग के लिए दो कर्मचारियों की तैनाती करने के निर्देश दिए। गैस सप्लाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एसडीएम प्रकाश कोरी के नेतृत्व में जांच टीम भी गठित की।


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