बलौदा बाजार

ऑनलाइन बिक्री के विरोध में मेडिकल दुकानें बंद रहीं
21-May-2026 6:30 PM
ऑनलाइन बिक्री के विरोध में मेडिकल दुकानें बंद रहीं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 21 मई। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को जिला औषधि विक्रेता संघ के आह्वान पर जिले भर की 550 से अधिक थोक एवं रिटेल मेडिकल दुकानें बंद रहीं। बंद का असर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक देखने को मिला।

हालांकि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई वैकल्पिक व्यवस्था के कारण सामान्य मरीजों को बड़ी परेशानी नहीं हुई, लेकिन दुर्घटना, गंभीर बीमारी और इमरजेंसी मामलों में उपयोग होने वाली कई जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं होने से मरीज और उनके परिजन दिनभर भटकते रहे।

सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजार अस्पताल रोड बस स्टैंड क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों की अधिकांश दवा दुकानें बंद रहीं। जिला अस्पताल और कुछ निजी अस्पतालों के आसपास सीमित संख्या में मेडिकल स्टोर खोले गए थे, जहां सामान्य दवाएं तो उपलब्ध रहीं, लेकिन विशेष इंजेक्शन, हार्ट, शुगर और गंभीर बीमारियों में उपयोग होने वाले दवा की कमी बनी रहीं। हालांकि हड़तालियों ने लोगों से हड़ताल की सूचना विभिन्न माध्यमों से दे दी थी। दवा पहले से लेकर रखने की अपील भी की गई थी।

एक दिवसीय बंद ने जिले में ऑनलाइन दवा कारोबार और पारंपरिक मेडिकल स्टोर के बीच बढ़ते संघर्ष को फिर सामने ला दिया हैं। प्रशासनिक व्यवस्था के चलते स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित नहीं हुई, लेकिन इमरजेंसी दावाओं की कमी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि ऐसी परिस्थितियों में वैकल्पिक व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत हैं।

बंद के दौरान जिला प्रशासन द्वारा धन्वंतरि योजना से जुड़ी मेडिकल दुकानों और कुछ चयनित मेडिकल स्टोर्स में दावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया था। सामान्य बुखार, सर्दी जुकाम और नियमित उपयोग की दवाएं लोगों को मिलती रही, लेकिन कई मरीजों को  आवश्यक दवा के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान जाना पड़ा। विशेष रूप से सडक़ दुर्घटना, हार्ट और गंभीर बीमारियों के मरीजों के परिजनों को काफी परेशानी हुई। कई लोगों ने बताया कि जिन दुकानों को खुला रखने की अनुमति दी गई थी वहां सीमित स्टॉक होने के कारण उनकी इंजेक्शन और विशेष दवाई उपलब्ध नहीं थी।

जिले में प्रतिदिन डेढ़ करोड़

तक का कारोबार

जिले में हर महीने करीब 45 से 50 करोड़ रुपए का दवा कारोबार होता हैं। इस हिसाब से प्रतिदिन एक से डेढ़ करोड़ का कारोबार होता हैं। व्यापारियों के अनुसार इसमें से 8 से 10 करोड़ रुपए की दवाएं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक रही हैं। लगातार बढ़ते ऑनलाइन कारोबार से जिले के लगभग 565 मेडिकल स्टोर संचालकों का व्यापार प्रभावित हो रहा हैं। वहीं स्थानीय पड़ताल में सामने आया कि बलौदाबाजार जिले का सालाना दवा बाजार लगभग 600 करोड़ रुपए का हैं।  जिले के व्यापारियों का दावा है कि यहां करीब 20 फीसदी दवा कारोबार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की ओर शिफ्ट हो चुका हैं।

बिना उचित निगरानी दवा की बिक्री चिंता का विषय

मनीष शर्मा, सचिव जिला औषधि विक्रेता संघ ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे व्यापारियों को नुकसान हैं। ऑनलाइन दवा सप्लाई से छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा हैं। हमारी लड़ाई केवल व्यापार चलाने की नहीं बल्कि जन स्वास्थ्य की सुरक्षा से जुड़ी हुई हैं। बिना उचित निगरानी के दवा बिक्री चिंता का विषय है।

वहीं प्रियंका ध्रुव औषधि निरीक्षक ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था गलत नहीं, लेकिन निगरानी जरूरी हैं। ऑनलाइन को पूरी तरह गलत नहीं कहा जा सकता, लेकिन इसकी सख्त निगरानी जरूरी है। यदि फर्जी पर्चियों या एआई आधारित सिस्टम के जरिए दवा सप्लाई की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।


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