बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 26 अप्रैल। नगर के तीन-चार वार्डों के लिए निस्तारी के प्रमुख स्रोत एवं सबसे बड़े रामसागर तालाब पानी करीब दो-तीन माह पूर्व सौंदर्यीकरण के नाम पर बगैर किसी योजना के नगर पालिका प्रशासन द्वारा खाली कर दिया गया। जिसके चलते फिलहाल पूरा तालाब सूखा पड़ा हुआ हैं। इसके कारण आसपास के विभिन्न वार्डों के लोगों को निस्तारी संकट का सामना करना पड़ रहा हैं। इसी वजह से वार्डों के जलस्तर भी अत्यधिक नीचे चले गये हैं। जिससे लोगों को भीषण गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। यदि शीघ्र ही तालाब के गहरीकरण का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो नहर के माध्यम से पानी भरना भी संभव नहीं हो सकेगा।
विदित हो करीब तीन चार माह पूर्व नगर के वार्ड क्रमांक 12 इस सबसे बड़े तालाब का पानी अत्यधिक दूषित होने की बात कहकर पालिका द्वारा तालाब को पूरी तरह खाली कर दिया गया। जिसे वर्तमान में तालाब पूरी तरह सूख चुका हैं। वार्डवासियों के निस्तारी करने वाले लोगों को उम्मीद थी कि ग्रीष्म काल प्रारंभ होते ही पालिका द्वारा गहरीकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा परंतु पालिका द्वारा तालाब के गहरी करण हेतु कोई योजना नहीं बनाए जाने के कारण वर्तमान में कार्य पूरी तरह रुका हुआ हैं।
आक्रोशित वार्ड वासियों का कहना है कि यदि पालिका द्वारा इसकी गहरीकरण हेतु कोई कार्य योजना नहीं बनाई गई थी तो सौंदर्यीकरण व पानी के खराब होने की आड़ लेकर तालाब को खाली करना निस्तारी करने वाले लोगों के साथ घोर अन्याय हैं। वर्तमान में पालिका के इस अदूरदर्शी कम की वजह से सैकड़ों लोगों को बेवजह परेशान होना पड़ रहा हैं।
यह भी उल्लेखनीय है कि पूर्व में ग्रीष्मकल के दौरान रामसागर तालाब को नहरों के माध्यम से भरने के साथ ही लोगों को निस्तारी के अलावा पेय जल संकट से भी मुक्ति मिल जाती थी। लोगों ने जिलाधीश तथा पालिका प्रशासन से शीघ्र ही तालाब का गहरीकरण प्रारंभ करने अथवा बलौदाबाजार माइनर नहर के माध्यम से तालाब को पुन: भरे जाने की मांग किया हैं ताकि लोगों उन्हें निस्तारी के संकट से छुटकारा मिल सकें।
रामसागर तालाब पर ही मेहरबान रहा है पालिका प्रशासन
पिछले 20-25 वर्षों के दौरान पालिका के जनप्रतिनिधि व पालिका प्रशासन नगर के अन्य तालाबों की अपेक्षा रामसागर तालाब ही अधिक मेहरबान रहा हैं। पूर्व में लाखों रुपए लेकर दो बार अलग-अलग चरणों में इस तालाब का सौंदर्यीकरण कराया रामसागर तालाब के गहरीकरण के कार्य हेतु 1 करोड़ 97 लाख 96 हजार रुपये व्यव किये जाएंगे। इस हेतु भूमि पूजन भी किया जा चुका हैं।
लोगों में इस बात को लेकर भी चिंता व्याप्त है कि 15 मई के बाद भी ही मानसून आने की प्रबल संभावना रहती है यदि गहरीकरण का कार्य शीघ्र प्रारंभ नहीं किया गया तो तालाब की मिट्टी गीली होने पर गहरीकरण कार्य भी कठिन हो जाएगा। इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशीष तिवारी से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि आगामी दिनों आंचल में स्थाई विभिन्न सीमेंट संयंत्रों के सहयोग से तालाब का गहरीकरण का कार्य कराया जाएगा इस हेतु चर्चा जारी हैं।


