बलौदा बाजार

सीएम के बलौदाबाजार दौरे में बड़ा हादसा टला
26-Mar-2026 3:42 PM
सीएम के बलौदाबाजार दौरे में बड़ा हादसा टला

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 26 मार्च। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को बलौदाबाजार के दौरे पर थे। इस दौरान भोजन कक्ष के बाहर एसी आउटर यूनिट से धुआं निकलता देखा गया। गनीमत रही कि कर्मचारियों की तत्परता से बड़ी घटना टल गई।

 यह घटना उस समय हुई, जब मुख्यमंत्री कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मंच के पीछे बनाए गए पंडाल स्थित भोजन कक्ष में भोजन करने पहुंचे थे।  अचानक एसी के आउटर यूनिट से धुआं उठता देख मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह कार्यक्रम प्रदेश स्तर का था और इसमें बड़ी संख्या में हितग्राही, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ ने स्थिति को नियंत्रित किया।

 

पहले सौगात, फिर अचानक हडक़ंप

इससे पहले सीएम विष्णु देव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेशभर के करीब 5 लाख हितग्राहियों के खातों में लगभग 500 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। हर हितग्राही को 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी गई। इस कार्यक्रम को लेकर पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री भोजन के लिए मंच के पीछे बने पंडाल के भोजन कक्ष में पहुंचे। इसी दौरान यह घटना हुई।

बताया गया है कि तकनीकी टीम ने तुरंत कनेक्शन काटकर संभावित जोखिम को टालने का प्रयास किया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।

प्रारंभिक जानकारी में एसी यूनिट में शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई गई है। हालांकि, तकनीकी कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

घटना के बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों से जिम्मेदारी को लेकर पूछे गए सवालों पर अलग-अलग पक्ष सामने आए। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनका कार्य कनेक्शन उपलब्ध कराना है, जबकि रखरखाव से जुड़ी जिम्मेदारी अन्य विभागों की होती है। वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने तकनीकी पहलुओं को बिजली विभाग से संबंधित बताया। इस संबंध में आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी तय किए जाने या जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में विद्युत और अग्नि सुरक्षा से जुड़े प्रबंधों की पूर्व जांच आवश्यक होती है। फिलहाल, इस घटना में किसी प्रकार की हानि नहीं हुई है, लेकिन व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा की आवश्यकता बताई जा रही है।


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