बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 22 जनवरी। बलौदाबाजार जिले की ग्राम पंचायत मगरचबा के आश्रित ग्राम खैरघटा अंतर्गत स्थित राधा विहार कॉलोनी को लेकर 72 परिवारों ने कॉलोनाइजरों पर प्लॉट बिक्री में अनियमितता और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार कॉलोनी में प्लॉट बेचने वाले गौरव गणेश भट्टर, विनीत भट्टर और नरेश भट्टर ने बिक्री के समय कॉलोनी का डायवर्सन स्वीकृत होने की जानकारी दी थी और नक्शे भी प्रस्तुत किए गए थे। बाद में प्रशासनिक जांच के बाद उक्त डायवर्सन निरस्त कर दिया गया।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि डायवर्सन निरस्त होने का सीधा असर अब प्लॉट धारकों पर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि प्लॉट बिक्री के दौरान 25 फीट चौड़ी सडक़ और सडक़ से 5 फीट छोडक़र निर्माण का प्रावधान बताया गया था, जबकि वर्तमान में सडक़ की चौड़ाई लगभग 20 फीट है और निर्धारित खुली जगह भी नहीं छोड़ी गई। कॉलोनीवासियों का दावा है कि सडक़ और नाली के नाम पर अतिरिक्त भूमि का उपयोग किया गया है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि डायवर्सन निरस्त होने के बाद भी कॉलोनी की सडक़ को गिरवी रखने और मुख्य मार्ग से लगे एक भूखंड को अन्य व्यक्ति को बेचने की जानकारी सामने आई है। कॉलोनीवासियों के अनुसार उक्त भूखंड पर निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे नाली व्यवस्था प्रभावित हो रही है और कुछ घरों में जलभराव की स्थिति बन रही है।
इस पूरे प्रकरण को लेकर कॉलोनीवासियों ने पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार को लिखित शिकायत सौंपी है। अधिवक्ता आलोक अग्रवाल के माध्यम से दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्लॉट बिक्री में दस्तावेजों से संबंधित अनियमितताएं हुई हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई महीने बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामला वर्तमान में उप पुलिस अधीक्षक स्तर पर जांचाधीन है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कॉलोनीवासियों ने मांग की है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके अनुसार कार्रवाई की जाए।


