बलौदा बाजार

धान संग्रहण केंद्रों में सूखत का आंकड़ा सामने आया, हथबंद केंद्र में सर्वाधिक
21-Jan-2026 7:47 PM
धान संग्रहण केंद्रों में सूखत का आंकड़ा सामने आया, हथबंद केंद्र में सर्वाधिक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 21 जनवरी।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के चार प्रमुख धान संग्रहण केंद्रों में उपार्जन सत्र 2024-25 के दौरान क्रय किए गए धान में कुल 45,926.30 क्विंटल सूखत दर्ज की गई है। संग्रहण केंद्रों से धान का शत-प्रतिशत उठाव हो चुका है, लेकिन सूखत के आंकड़ों को लेकर विभागीय स्तर पर चर्चा हो रही है।
जिला विपणन अधिकारी कार्यालय, बलौदाबाजार से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में चार प्रमुख संग्रहण केंद्र संचालित थे। इनमें सिमगा ब्लॉक में हथबंद और दुलदुला, भाटापारा ब्लॉक में भाटापारा तथा कसडोल ब्लॉक में कसडोल संग्रहण केंद्र शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार भाटापारा संग्रहण केंद्र में कुल 2,94,831 क्विंटल धान संग्रहित किया गया था। परिवहन के बाद यहां 3.04 प्रतिशत, यानी 8,962.84 क्विंटल सूखत दर्ज की गई।
सिमगा ब्लॉक स्थित हथबंद संग्रहण केंद्र में 9,55,370 क्विंटल धान का संग्रहण हुआ, जहां परिवहन के बाद 2.99 प्रतिशत, यानी 28,565.56 क्विंटल सूखत दर्ज की गई।
इसी ब्लॉक के दुलदुला संग्रहण केंद्र में 2,41,965 क्विंटल धान संग्रहित किया गया, जिसमें 2.31 प्रतिशत, यानी 5,589.32 क्विंटल सूखत बताई गई।
कसडोल संग्रहण केंद्र में 1,27,659 क्विंटल धान के संग्रहण के बाद 2.2 प्रतिशत, यानी 2,808.49 क्विंटल सूखत दर्ज की गई।
इन चारों केंद्रों में दर्ज कुल सूखत 45,926.30 क्विंटल है, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य 10 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है।
सूखत के आंकड़ों को लेकर विशेष रूप से हथबंद संग्रहण केंद्र में दर्ज अधिक मात्रा पर स्थानीय स्तर पर प्रश्न उठाए जा रहे हैं और संग्रहण व परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग की जा रही है।
इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी गजेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि धान के संग्रहण, भंडारण अवधि, परिवहन, तापमान और वातावरण के प्रभाव से वजन में प्राकृतिक कमी आती है, जिसे सूखत कहा जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता, हालांकि प्रयास यही रहता है कि सूखत की मात्रा न्यूनतम रहे।


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