बलौदा बाजार

सरकारी रिकॉर्ड में मृत किसान जिंदा होने का सबूत लेकर कलेक्टोरेट पहुंचा
18-Jan-2026 7:58 PM
सरकारी रिकॉर्ड में मृत किसान जिंदा होने का सबूत लेकर कलेक्टोरेट पहुंचा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 18 जनवरी।
बलौदाबाजार जिले के भाटापारा विकासखंड अंतर्गत करही बाजार निवासी किसान पंचराम यदु का नाम सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्शाए जाने का मामला सामने आया है। इसके कारण उनका आधार कार्ड निष्क्रिय हो गया, जिससे वे धान विक्रय के लिए आवश्यक टोकन नहीं कटवा पा रहे हैं। शुक्रवार को किसान अपने जीवित होने से संबंधित दस्तावेज लेकर जिला कलेक्टोरेट पहुंचा।
किसान पंचराम यदु के अनुसार, आधार कार्ड निष्क्रिय होने के कारण उनका एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन नहीं हो सका। पंजीयन नहीं होने से समिति में धान विक्रय टोकन जारी नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि तहसील कार्यालय में कई बार आवेदन देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद वे जिला मुख्यालय पहुंचे।

30 क्विंटल धान बेचने के लिए भटक रहा किसान
पंचराम यदु ने बताया कि वे प्रतिवर्ष करही बाजार समिति में लगभग 130 क्विंटल धान बेचते हैं। इस वर्ष उनके पास लगभग 30 क्विंटल धान बेचने के लिए शेष है। समिति में जानकारी दी गई कि आधार रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शाया गया है, इसी कारण टोकन जारी नहीं किया जा सकता।

धान खरीदी में बढ़ रही किसनों की परेशानी
धान खरीदी के अंतिम चरण में जिले के अन्य किसानों को भी टोकन से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ किसानों का कहना है कि टोकन नहीं मिलने के कारण उन्हें अपने खेतों या ब्यारे में धान की निगरानी करनी पड़ रही है।

ग्राम गोढ़ी (टी) निवासी सेवानिवृत्त प्राचार्य रघुनाथ वर्मा (76) ने बताया कि उनके पास 12.5 एकड़ भूमि है, जिसमें इस वर्ष लगभग 261 क्विंटल धान का उत्पादन हुआ। 12 दिसंबर 2025 को उन्हें टोकन जारी किया गया, जिसमें 13 जनवरी 2026 की तिथि मिली। उस दिन 140 क्विंटल धान की खरीदी हुई, जबकि 121 क्विंटल धान अभी शेष है। ऑनलाइन टोकन भर जाने के कारण शेष धान की बिक्री नहीं हो सकी।
उन्होंने बताया कि धान पिछले ढाई माह से ब्यारे में रखा है और सुरक्षा के लिए उन्हें स्वयं निगरानी करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि यदि पूरा धान नहीं बिक पाया तो आर्थिक नुकसान हो सकता है।

पूर्व में चोरी का उल्लेख
पंचराम यदु ने यह भी बताया कि वर्ष 2014 में करही बाजार समिति परिसर से उनका लगभग 40 क्विंटल धान चोरी हो गया था, जिसकी शिकायत उन्होंने अधिकारियों से की थी।

जांच के बाद होगी कार्रवाई-अफसर
जिला खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने कहा कि आधार कार्ड निष्क्रिय होने की स्थिति में इस प्रकार की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी ली जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


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