बलौदा बाजार

दो दिनों में 5 करोड़ की शराब बिकी, टूटे सारे रिकॉर्ड
04-Jan-2026 9:56 PM
दो दिनों में 5 करोड़ की शराब बिकी,  टूटे सारे रिकॉर्ड

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 4 जनवरी।
नव वर्ष 2026 के जश्न में बलौदाबाजार जिले में शराब की बिक्री ने जिले के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सिर्फ दो दिनों यानी 31 दिसंबर और 1 जनवरी में जिले भर में करीब 5 करोड़ रुपए से अधिक की शराब बिक गई।
आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 31 दिसंबर को 2 करोड़ 43 लाख रुपए और एक जनवरी को 2 करोड़ 60 लाख रुपए की शराब की बिक्री दर्ज की गई है।
बीते कुछ वर्षों में बलौदाबाजार शहर समेत जिले में शराब की बिक्री लगातार बढ़ते जा रही है जो समाज के साथ ही साथ युवाओं के परिप्रेक्ष्य की काफी चिंतनीय हैं। कुछ वर्ष पूर्व तक होली, वैवाहिक सीजन, दीपावली के बाद, क्रिसमस और नए साल का स्वागत ऐसे कुछ दिन होते थे, जब जिले में शराब दुकानों में ग्राहकों की भीड़ रहती थी। परंतु बीते कुछ साल में भीतर के भीतर जिले की शराब दुकान में जमकर बिक्री हो रही हैं। सामान्यतया प्रत्येक अवसर या सीजन बीते सीजन की शराब बिक्री के रिकॉर्ड को तोड़ रहा है।
 31 और नया वर्ष यानी 1 जनवरी को जिले में फिर से एक बार रिकॉर्ड तोड़ शराब बिक्री हुई हैं। आबकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो 31 दिसंबर को जहां एक करोड़ 34 लाख रुपए की देसी शराब और एक करोड़ 9 लाख रुपए की विदेशी शराब की बिक्री हुई हैं वही 01 जनवरी को देशी शराब की बिक्री पढक़र एक करोड़ 45 लाख रुपए और विदेशी शराब की बिक्री एक करोड़ 15 लाख रुपए तक पहुंच गई हैं। यानी महज दो दिनों के भीतर जिले भर में 5 करोड रुपए से अधिक की शराब की बिक्री हो गई।
दाम घटने से बिक्री में जोरदार उछाल
आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार शराब की बिक्री की बड़ी हुई बिक्री के पीछे एक अहम कारण दामों में कटौती भी रही। शासन द्वारा देशी शराब के दाम में 10 प्रति बोतल की कमी की गई थी जिसका सीधा असर बिक्री पर देखने को मिला। सस्ती शराब मिलने से उपभोक्ताओं की संख्या बड़ी और बिक्री में जोरदार उछाल आया है।
जिले में चार नई दुकानों से बड़ा राजस्व
इसी बीच बलौदाबाजार जिले में गिधपूरी, करही बाजार, लाहोद और भाटापारा में प्रीमियम शॉप के रूप में चार नए शराब दुकानों की शुरुआत भी की गई। ये सभी इलाके आसपास के दर्जन भर से अधिक छोटे बड़े ग्रामों को कवर करते हैं जिसकी वजह से ग्राहकों को शराब खरीदने में ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ी हैं।
आबकारी विभाग के मुताबिक इन दुकानों से प्रति दुकान करीब 15 लाख रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है, जिससे जिले के कुल राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई हैं।


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