बलौदा बाजार
बलौदाबाजार, 1 जनवरी। बलौदाबाजार जिले में सडक़ दुर्घटनाओं की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से नवंबर के बीच जिले में 603 सडक़ दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 272 लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि 413 लोग घायल हुए हैं। यह स्थिति यातायात व्यवस्था और सडक़ सुरक्षा को लेकर प्रशासन व पुलिस के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
सडक़ हादसों की बढ़ती संख्या और वजहें-प्रशासनिक आंकड़ों और स्थानीय स्तर पर सामने आए तथ्यों के अनुसार सडक़ दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में तेज गति से वाहन चलाना, ओवरलोड वाहन, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन तथा नशे की स्थिति में ड्राइविंग शामिल हैं। जिले के प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही अधिक है, जिससे छोटे वाहनों और दोपहिया चालकों के लिए जोखिम बढ़ रहा है।
डेंजर पॉइंट और यातायात व्यवस्था-जिले में कुकुरदी मोड़, रायपुर मोड़, रिसदा मोड़, दशहरा मोड़ और लवन मोड़ जैसे स्थानों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र (डेंजर पॉइंट) के रूप में चिन्हित किया गया है। हालांकि, इन स्थानों पर हाई मास्ट लाइट, ट्रैफिक सिग्नल और अन्य सुरक्षा उपायों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई है। इसके अलावा बायपास मार्ग पर भारी वाहनों की अनधिकृत पार्किंग से भी यातायात प्रभावित हो रहा है।
नाबालिगों और नियमों की अनदेखी-जिले में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। यातायात नियमों के उल्लंघन, बिना लाइसेंस वाहन संचालन और सुरक्षा उपकरणों के उपयोग में लापरवाही दुर्घटनाओं की संख्या बढऩे के कारण बताए जा रहे हैं।
संभावित सुधारात्मक कदम-प्रशासनिक स्तर पर दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपायों पर विचार किया जा सकता है।
इनमें नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर कार्रवाई, डेंजर पॉइंट पर यातायात संकेत और प्रकाश व्यवस्था, बायपास मार्ग पर पार्किंग नियंत्रण, हेलमेट और नशे में वाहन चलाने के मामलों में निगरानी बढ़ाना तथा सडक़ सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता अभियान शामिल हैं।
प्रशासन और यातायात पुलिस द्वारा इन उपायों पर प्रभावी अमल किए जाने से सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने की उम्मीद की जा रही है।


