-अभिजीत श्रीवास्तव
पहले वनडे मैच में बांग्लादेश की अंतिम जोड़ी ने नाबाद अर्धशतक जमा दिया तो दूसरे में अंतिम गेंद पर छक्का लगाने का कारनामा न हो सका.
दोनों ही मुक़ाबले रोमांचक रहे लेकिन हार भी दोनों मैच में टीम इंडिया की ही हुई.
अब आज दोनों टीमों के बीच सिरीज़ का तीसरा और आख़िरी मुक़ाबला खेला जा रहा है.
अगर बांग्लादेश इसे भी जीतने में कामयाब रहा तो यह पहली बार होगा, जब भारत को बांग्लादेश के हाथों सिरीज़ में 3-0 से हार मिलेगी.
जिस बांग्लादेश की टीम का रिकॉर्ड इस सिरीज़ से पहले 36 मुक़ाबलों में 30 हार और केवल पाँच जीत का था, उसने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में हुई 2015 की हार की याद दिला दी.
फिटनेस बड़ा चैलेंज
भारतीय टीम फिटनेस की एक बड़ी समस्या से जूझ रही है. जसप्रीत बुमराह, रविंद्र जडेजा और मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ी टीम में पहले से ही मौजूद नहीं हैं.
ऋषभ पंत भी चोट की वजह से वापस लौट चुके हैं. अब कप्तान रोहित शर्मा, तेज़ गेंदबाज़ दीपक चाहर और कुलदीप सेन भी चोटिल हो गए हैं.
कप्तान चोटिल हैं, ओपनर्स नहीं चल रहे, मिडिल ऑर्डर ख़ामोश है. टीम के पास राहुल त्रिपाठी और रजत पाटीदार जैसे घरेलू मैचों और आईपीएल में धमाल मचाने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं.
नए ओपनर की तलाश
तो ये उम्मीद निश्चित तौर पर किया जाना चाहिए कि पहले ही सिरीज़ हार चुकी टीम इंडिया के अंतिम एकादश में ये दो नाम आज दिखेंगे.
रोहित शर्मा की ग़ैर मौजूदगी में जहाँ कप्तानी केएल राहुल के हाथों में है, वहीं टीम इंडिया को इस मैच के लिए ओपनर की भी ज़रूरत है.
शिखर धवन भी ख़राब फॉर्म से गुज़र रहे हैं. इसके बावजूद उनके अनुभव को देखते हुए टीम में उनको जगह दी जा सकती है लेकिन उनका जोड़ीदार कौन होगा तो उसके लिए ख़ुद कप्तान केएल राहुल मौजूद हैं.
तो एक विकल्प ये है कि शिखर धवन के साथ केएल राहुल पारी की शुरुआत करें.
वहीं दूसरा विकल्प ये है कि शिखर धवन और विराट कोहली पारी की शुरुआत करें और राहुल त्रिपाठी को टीम में आजमाया जाए.
इस साल की शुरुआत में ये कहा जा रहा था कि टी20 वर्ल्ड कप है और उस पर फ़ोकस करना है. लेकिन इसमें भी भारत कुछ नहीं कर पाया.
अब आगे वनडे का वर्ल्ड कप है और जो पहली वनडे सिरीज़ टीम ने खेली उसी में हार मिल गई है.
वर्ल्ड कप में अब एक साल से भी कम का समय बचा है. ऐसे में टीम इंडिया को आगे की सोचनी चाहिए.
ये वर्ल्ड कप भारत में ही खेला जाना है. लिहाजा टीम संयोजन को ध्यान में रखते हुए नए खिलाड़ियों को आजमाने का इससे बेहतर मौक़ा और क्या होगा.
ईशान किशन पहले ही आजमाए जा चुके हैं और अब तक खेली आठ पारियों में वो 59, 28, 50, 20, 93 जैसे स्कोर के साथ कुल 267 रन बना चुके हैं.
राहुल त्रिपाठी के साथ-साथ आईपीएल में विराट कोहली के साथ रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु के लिए इस साल 55 की औसत से दो अर्धशतक और एक शतक बनाने वाले रजत पाटीदार को भी इस मैच में मौक़ा दिया जाना चाहिए.
हो सकता है इसके लिए शिखर धवन या विराट कोहली में से किसी एक को बेंच पर बैठना पड़े, लेकिन ये जोखिम भी उठाया जाना चाहिए.
ऐसे में केएल राहुल के साथ ईशान किशन पारी की शुरुआत कर सकते हैं या फिर राहुल त्रिपाठी और रजत पाटीदार उतरें.
कोहली, धवन पहले दोनों मैच में नहीं चले
अगर महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में हुई 2015 के दौरे पर मिली हार की बात करें तो उस सिरीज़ में विराट कोहली ने 16.33 की औसत से केवल 49 रन बनाए थे तो इस सिरीज़ के पहले दो मैचों में कोहली ने 7 की औसत से 14 रन बनाए हैं.
इन दो मैचों में कोहली से एक रन अधिक ओपनर शिखर धवन ने बनाए हैं. शिखर ने 7.50 की औसत से 15 रन बनाए हैं.
वाशिंगटन सुंदर के बल्ले से 15 की औसत से 30 रन निकले हैं तो शार्दुल ठाकुर ने 4.50 की औसत से 9 रन बनाए हैं.
कुलदीप यादव के रूप में नया विकल्प
इन दोनों ऑलराउंडरों में से जहाँ वाशिंगटन सुंदर का प्रदर्शन गेंद के साथ भारतीय टीम की ओर से सर्वश्रेष्ठ (10.80 की औसत से पांच विकेट) रहा है तो शार्दुल ठाकुर सबसे महंगे भारतीय गेंदबाज़ साबित हुए हैं.
टीम के पास स्पिन गेंजबाज़ी में बड़ा विकल्प बन कर बांग्लादेश पहुंच चुके हैं कुलदीप यादव.
जो दो महीने पहले अक्टूबर में खेले गए अपने आख़िरी मैच में दक्षिण अफ़्रीका के चार खिलाड़ियों को पवेलियन लौटा कर 'मैन ऑफ़ द मैच' रहे थे.
टीम में मोहम्मद सिराज, उमरान मलिक, वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल तो शामिल किए ही जाएंगे.
चोटिल दीपक चाहर की जगह टीम में शाहबाज़ अहमद को शामिल किया जा सकता है जो कि एक ऑलराउंडर भी हैं.
अब तक टीम की गेंदबाज़ी बहुत ही औसत दर्जे की रही है. पहले ही मैच में भारतीय गेंदबाज़ बांग्लादेश की अंतिम जोड़ी को नहीं तोड़ सके, जो अर्धशतकीय साझेदारी निभा कर टीम की नाक के नीचे से जीत चुरा ले गई थी.
कुल मिलाकर इस मैच में जहाँ भारत क्लीन स्वीप से बचने का प्रयास करेगा वहीं बांग्लादेश अपना पूरा ताक़त ये रिकॉर्ड बनाने में झोंक देगा. (bbc.com/hindi)