राष्ट्रीय

09-Apr-2021 7:39 PM 24

कोलकाता,  9 अप्रैल : पश्चिम बंगाल चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने तीसरे चरण के चुनाव के बाद अपने उम्मीदवारों के नामों का एलान किया है. एआईएमआईएम ने बंगाल में 6 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. हालांकि 6 सीटों पर लड़ने वाली एआईएमआईएम लगातार सीएम ममता बनर्जी के निशाने पर है. इसको लेकर पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए सीएम ममता और पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.

एबीपी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमारी कोशिश है कि हम हर समाज से वोट मांगे. उन्होंने कहा कि हम ममता बनर्जी या नरेंद्र मोदी वाली पॉलिटिक्स पर भरोसा नहीं करते. ममता बनर्जी ने कह दिया कि मैं हिंदू ब्राह्मण हूं, फिर कह दिया कि मैं शांडिल्य हूं. नरेंद्र मोदी कहते हैं कि मैं हिंदू राष्ट्रवादी हूं.

बंगाल चुनाव में देरी से एंट्री करने पर ओवैसी ने क्या कहा?

चुनाव में देर से एंट्री करने के सवाल पर ओवैसी ने कहा, "देरी नहीं हुई है. हमने काफी सोच विचार किया. फिर हमने फैसला किया कि क्योंकि हम पहली बार लड़ रहे हैं इसलिए हम 6 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे." ओवैसी ने कहा कि वैसे भी पहले दो तीन फेज़ में तो हमारे कैंडिडेट का इलेक्शन नहीं था. उन्होंने कहा कि हालांकि थोड़ी देरी हुई है, लेकिन हम समझते हैं कि अभी भी हमने सही वक्त पर फैसला किया है.

अब्बास सिद्दीकी की पार्टी से अलग क्यों हुए?

असदुद्दीन ओवैसी ने अब्बास सिद्दीकी की पार्टी आईएसएफ से अलग होने को लेकर कहा, "मैं अब्बास सिद्दीकी से मिलने फुरफुरा शरीफ गया था. वहां हमने कहा था कि हम इनके साथ रहेंगे. और इलेक्शन इनके साथ लड़ेंगे. उससे पहले दिसंबर में अब्बास सिद्दीकी अपने भाई नौशाद के साथ हैदराबाद आए थे. उन्होंने मेरे घर में मुझसे मुलाकात की. वो बड़ी मुहब्बत से पेश आए, मगर उन्होंने कुछ ऐसा फैसला ले लिया, वो लेफ्ट और कांग्रेस के फ्रंट में गए हैं.. हमारा अब इस चुनाव में किसी से गठबंधन नहीं है. हम अपनी ताकत और बलबूते पर इस चुनाव में हम लड़ रहे हैं.

सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल के मुस्लिम अल्पसंख्यकों ऐसा समझ लिया है कि नुक्कड़ पर एक नाटक हो रहा है और हम दर्शक हैं. वो अगर सर पर पल्लू रख लेंगी तो हम लोग ताली मारेंगे. वो अगर अल्लाह हू अकबर कह दें तो हम ताली मारे. उन्होंने कहा, "ममता का ये स्टेटमेंट देना कि पूरी माइनोरिटी मिलकर हमको वोट दें, वो सिर्फ हमको वोटर समझती हैं, हमको इंसान नहीं समझती. वो हमारे विकास पर, प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने पर, सरकारी नौकरी में बेहतरी करने पर बात नहीं करना चाहतीं." (abplive.com)

 


09-Apr-2021 7:30 PM 43

बीड (महाराष्ट्र), 9 अप्रैल | एक चौंकाने वाली घटना में, महाराष्ट्र के बीड के एक दंपति बुधवार को अमेरिका के न्यू जर्सी में उनके घर पर मृत पाए गए। पड़ोसियों ने दंपति की चार वर्षीय बेटी को बालकनी में रोता देख पुलिस को इसकी सूचना दी। अधिकारिक सूत्रों ने यहां शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। मृतकों की पहचान 32 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर बालाजी रुद्रवर और 30 वर्षीय उनकी पत्नी आरती के रूप में हुई है, जो सात महीने की गर्भवती थीं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस मामले को देखने और परिवार की एकमात्र जीवित सदस्य, उनकी 4 वर्षीय बेटी की मदद करने की व्यवस्था करने की अपील की है।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, "कृपया मामले पर गौर करें और पूरी जांच करवाएं। उनकी चार वर्षीय बेटी की मदद करने का अनुरोध कर रही हूं, जो अकेली है और बिना किसी की मदद के है। कृपया उसे भारत में उनके परिवार के पास वापस लाने में आवश्यक मदद करें।"

बच्ची की पहचान अभी स्पष्ट नहीं है। वह वर्तमान में अपने माता-पिता के कुछ पारिवारिक दोस्तों के साथ रह रही है।

बीड में टेंपल टाउन अम्बेजोगाई के रहने वाले कपल अगस्त 2015 में शादी के बाद अमेरिका चले गए थे।

रुद्रवार 21ई गार्डन टेरेस, उत्तरी अर्लिगटन, न्यू जर्सी में रहते थे, जो लगभग 15,000 की आबादी वाला एक छोटा सा शहर है।

बालाजी के पिता भरत रुद्रवार ने मीडियाकर्मियों को बताया कि स्थानीय पुलिस ने उन्हें इस बारे में सूचना दी थी, लेकिन कहा कि उनकी मौतों के कारणों पर अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है।

हालांकि, अमेरिकी स्थानीय मीडिया ने बताया कि रुद्रवार दंपति को उनके अपार्टमेंट में चाकू से गोदे जाने के निशान के साथ पाया गया और यह घटना पड़ोसियों द्वारा उनकी रोती हुई बेटी को देखने के बाद सामने आई।  (आईएएनएस)


09-Apr-2021 7:28 PM 19

शोभित चतुर्वेदी 

नई दिल्ली, 9 अप्रैल | भारत की महिला मोटर रेसर गरिमा अवतार का कहना है कि चूंकी भारत में मोटर रेसिंग हमेश से पुरुष प्रधान खेल रहा है, लिहाजा उनके लिए इस खेल में खुद की पहचान बनाना काफी कठिन रहा।

गरिमा भारत की शीर्ष महिला मोटर रेसर हैं। वह एक रेसर होने के साथ-साथ डेलटॉन केबल्स की वाइस प्रेसिडेंट भी हैं। गरिमा को 2013 में सर्वश्रेष्ठ महिला ड्राइवर का अवॉर्ड दिया गया था।

मोटर रेसिंग आमतौर पर पुरुषों का खेल माना जाता है, ऐसे में गरिमा ने इस फील्ड में अपनी खुद की एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह सफर आसान नहीं था लेकिन उनकी लगन के कारण वह ऐसा करने में सफल रहीं।

मर्सिडीज टीम ऑफ प्रोफेशनल ड्राइवर का हिस्सा रह चुकीं गरिमा ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा, "जब मैंने ड्राइविंग शुरू की तो मैंने रैली, फॉर्मुला रेसिंग या मोटर स्पोटर्स के बारे में इससे पहले सुना भी नहीं था। मेरे दोस्त या परिवार से से कोई इस खेल से जुड़ा भी नहीं था।"

उन्होंने कहा, "मेरे लिए यह पूरी तरह अंजान था और शायद ही कोई महिला इसमें हिस्सा लेती थी। मेरे लिए मेंटर खोजना भी मुश्किल था। इसके बाद मुझे लगा कि मोटर रेसर बनने के लिए बड़ी मायने में वित्तीय समर्थन की जरूरत पड़ती है।"

गरिमा ने कहा, "जब मैंने पहले रेस में हिस्सा लिया तो मेरी इसमें रूचि जागी और धीरे-धीरे मैंने अपना करियर बढ़ाया। मेरे लिए इतना आसान नहीं था। इसके बाद मैंने करियर में कई ट्रॉफी भी जीती। ट्रेनिंग के बाद मैंने इंटरनेशल रैली में हिस्सा लिया और एक्ट्रीम रैली में भाग लिया, जहां स्पीड काउंट होती है।"

महिला रेसर ने कहा, "मेरा मानना है कि आपको हमेशा ट्रैक पर खुद को साबित करना होता है जिसके लिए लगातार तैयार रहने की जरूरत है। पिछले साल लॉकडाउन से ठीक पहले मैंने ट्रेनिंग ली थी, जहां मैंने एडवांस ड्राइविंग की ट्रेनिंग ली।"

गरिमा सेलीब्रिटी कॉमर्स के क्षेत्र में एशिया के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म-गोनट्स के माध्यम से अपने चाहने वालों तक पहुंचती हैं। गोनट्स के साथ जो उनकी साझेदारी है, उसके तहत उनके चाहने वाले अलग-अलग तरह के मैसेजेज का रिक्वेस्ट कर सकते हैं, जिनमें बर्थडे से लेकर एनिवर्सरी और पूरे परिवार के लिए फेस्टिव ग्रीटिंग्स के अलावा और भी बहुत कुछ शामिल है।

गोनट्स का पोर्टफोलियो काफी व्यापक है। इस प्लेटफार्म पर फिल्म, टेलीविजन, खेल एवं संगीत के अलावा दूसरे फील्ड्स के 700 से अधिक सेलीब्रिटीज हैं। इससे यूजर्स को अपने खास लोगों के लिए खास पलों पर पर्सनलाइज्ड मैसेजेज देने की आजादी मिलती है।

बहरहाल, गरिमा ने नौकरी और खेल करियर में संतुलन को लेकर कहा कि कि चूंकी उन पर बेटी की जिम्मेदारी है, लिहाजा वह नौकरी और खेल के बीच संतुलन बना लेती हैं।

गरिमा ने कहा, "मैंने अपनी जीवन में कई झटके झेले हैं और मेरे ऊपर अपनी और मेरी बेटी की जिम्मेदारी है। लेकिन एक महिला होने के नाते मैं नौकरी और खेल के बीच संतुलन बनालेती हूं। मुझे पता है कि इसके लिए मुझे कई त्याग करने है। करियर में कई चुनौतियां आती हैं। इसके बावजूद मैं आगे बढ़ती हूं क्योंकि मेरा मानना है कि उम्मीद नहीं खोनी चाहिए और आगे बढ़ते रहना चाहिए।"

गरिमा ने कहा, "सभी के लिए सफलता की परिभाषा अलग होती है और मेरे लिए यह यात्रा काफी मायने रखती है। नेल्सन मंडेला ने भी कहा है कि आप किसी को उसकी सफलता से नहीं पहचाने बल्कि यह देखें कि वह कितनी बार गिरकर वापस उठा है।" (आईएएनएस)


09-Apr-2021 7:26 PM 25

हैदराबाद, 9 अप्रैल | तेलंगाना सरकार राज्य के मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को वित्तीय सहायता और चावल उपलब्ध कराने के लिए हर महीने लगभग 42 करोड़ रुपये खर्च करेगी। 10,530 स्कूलों के 1.45 लाख से अधिक शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को वर्तमान माह से प्रत्येक को 2,000 रुपये की वित्तीय सहायता और 25 किलो चावल मिलेगा। शिक्षण संस्थानों के फिर से खुलने तक उन्हें मासिक सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, शिक्षा मंत्री पी. सबिता इंद्रा रेड्डी और नागरिक आपूर्ति मंत्री गंगुला कमलाकर द्वारा निर्णय लेने के एक दिन बाद शुक्रवार को जिला कलेक्टरों और अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की गई।

बैठक में इस योजना को लागू करने के तौर-तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया। अनुमान है कि हर महीने राज्य को 42 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। सरकार जहां 29 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, वहीं 13.50 करोड़ रुपये के चावल की आपूर्ति उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से की जाएगी।

इंद्र रेड्डी ने कहा कि शिक्षा विभाग 10 से 15 अप्रैल तक जिलों को विवरण प्रदान करेगा। लाभार्थियों की पहचान 16 अप्रैल से 19 अप्रैल के बीच सत्यापन के बाद जिला कलेक्टरों द्वारा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि वित्तीय सहायता 20 अप्रैल से 24 अप्रैल तक लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।

कमलाकर ने कहा कि निजी स्कूलों के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को चावल उपलब्ध कराने के लिए एक कार्य योजना तैयार की गई है। इसमें कहा गया है कि सरकार इस योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण चावल उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने जिला कलेक्टरों और अधिकारियों से इस संबंध में आवश्यक व्यवस्था करने को कहा। लाभार्थियों की पहचान उचित मूल्य दुकान स्तर पर की जाएगी।

मंत्री ने आश्वासन दिया कि हर लाभार्थी को सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण वित्तीय समस्याओं के बावजूद मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव सभी वर्गों के लोगों की मदद कर रहे हैं। (आईएएनएस)


09-Apr-2021 7:24 PM 24

 नई दिल्ली, 9 अप्रैल | 2019 राष्ट्रमंडल खेलों में महिला 64 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली राखी हल्दर डोप टेस्ट में फेल होने के कारण अगले सप्ताह होने वाले एशिया भारोत्तोलन चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम से बाहर हो गई हैं। राष्ट्रीय स्तर के कोच ने कहा, "राखी का राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने नवंबर 2020 में टेस्ट किया था लेकिन इसका नतीजा हाल ही में आया। इन्हें प्रारंभिक तौर पर निलंबित किया गया है।"

कोच ने कहा, "अगर राखी जैसी भारोत्तोलक एशिया चैंपियनशिप से पहले डोप टेस्ट में फेल हो जाती हैं तो इससे उनके पिछले प्रदर्शन पर सवालिया निशान लगता है।"

नाडा ने मार्च में 19 ब्लड सैंपल सहित कुल 163 डोप सैंपल लिए थे।

इस बीच, राष्ट्रीय स्तर के ग्रीको रोमन पहलवान मनीष और जूनियर पुरुष रेस वॉक 10 मीटर इवेंट में हिस्सा लेने वाले विश्वेंद्र सिंह भी डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। दोनों को प्रारंभिक तौर पर निलंबित किया गया है। (आईएएनएस)


09-Apr-2021 7:11 PM 29

नई दिल्ली, 9 अप्रैल | भारत की महिला धाविका और जकार्ता एशियाई खेलों में 100 तथा 200 मीटर में रजत पदक जीतने वाले दूती चंद को छत्तीसगढ़ वीरनी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। कोरोना महामारी के कारण इस अवॉर्ड का आयोजन 14 अप्रैल को वर्चुअली किया जाएगा।

छत्तीसढ़ सरकार खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए महिलाओं का सम्मान करेगी।

छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, दूती को खेल में उनके योगदान के लिए इस अवॉर्ड के लिए चुना गया है।

2019 में दूती ने इटली में आयोजित हुए वर्ल्ड यूनिवर्सिटी खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और वह ऐसा करने वाली भारत की पहली महिला एथलीट बनी थीं।  (आईएएनएस)


09-Apr-2021 7:09 PM 32

मुंबई, 9 अप्रैल | केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आयकर विभाग के दो अधिकारियों को कथित तौर पर 15 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारियों की पहचान दिलीप कुमार और आशीष कुमार के रूप में की गई है।

तीसरा आरोपी, इंस्पेक्टर एस.एन. राय, को सीबीआई द्वारा नामित किया गया है और आगे की जांच चल रही है।

सीबीआई के अनुसार, एक शिकायत के बाद, आरोपियों के खिलाफमामला दर्ज किया गया था। आरोपियों ने शिकायतकर्ता से आईटीडी जांच के सिलसिले में मदद के एवज में रिश्वत की मांग की थी।

शिकायतकर्ता ने पहले जाल बिछाया और 10 लाख रुपये और 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दो इंस्पेक्टरों को गिरफ्तार किया।

सीबीआई ने आरोपियों के मुंबई में दो स्थानों पर और नई दिल्ली में एक स्थान पर आवासों और कार्यालयों में छापे मारे। (आईएएनएस)


09-Apr-2021 7:06 PM 32

नई दिल्ली, 9 अप्रैल | वर्तमान समय में वैक्सीन की दोनों खुराकें लेने के बावजूद लोग अधिक से अधिक संख्या में कोरोनावायरस महामारी की चपेट में आ रहे हैं, जिनमें खुद डॉक्टर्स तक शामिल हैं। मौजूदा स्थिति के लिए इस बात की संभावना जताई जा रही है कि वैक्सीन लेने की वजह से लोगों में जोखिम लेने का साहस अधिक बढ़ा है। इसे 'पेल्ट्जमैन इफेक्ट' के तौर पर बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। शिकागो यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्री सैम पेल्ट्जमैन पर इसका नाम रखा गया है, जिन्होंने सन 1975 में पहली बार इसका वर्णन किया था। उनके इस सिद्धांत के अनुसार, सुरक्षा उपायों के आ जाने से लोगों में जोखिम लेने के बारे में अवधारणा बदल जाती है, वे ज्यादा से ज्यादा जोखिम लेना शुरू कर देते हैं।

सिद्धांत के मुताबिक, पेल्ट्जमैन ने ऑटोमोबाइल्स का उदाहरण देते हुए बताया कि सीटबेल्ट के इस्तेमाल को अनिवार्य कर देने के बाद से दुर्घटनाओं में अधिक वृद्धि देखी जाती है। इससे स्पष्ट है कि सुरक्षा उपायों से लोगों में जोखिम लेने की भूख बढ़ जाती है। लोगों को जब अधिक खतरे का एहसास होता है, तो वे अधिक सुरक्षित रहते हैं और जब वे खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं, तो जोखिम भी ज्यादा लेते हैं।

कोरोना के संदर्भ में बात करें, तो वैक्सीन लेने से हमारे अंदर सुरक्षा की भावना पैदा होने लगती है और इसका सीधा असर हमारे व्यवहार पर पड़ता है। लोग निवारक उपायों का कमतर पालन करने लगते हैं जैसे कि मास्क का उतना उपयोग नहीं करना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करना, स्वच्छता का पर्याप्त ख्याल नहीं रखना इत्यादि।

जबकि यह साफ है कि वैक्सीन हमें पूरी तरह से बचाने या सुरक्षा प्रदान करने के लिए काफी नहीं है। हालांकि इस बार लोगों में सुरक्षा की यह भावना काफी पहले आ गई है। लोग वैक्सीन सेंटर पहुंचने के बाद से ही निवारक उपायों का पालन करना जरूरी नहीं समझते हैं।

न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय से संबद्ध लैंगोन हेल्थ के चिकित्सकों ने पेल्ट्जमैन इफेक्ट की व्यापक समीक्षा की, जिसे 2 मार्च को एसीपी जर्नल में प्रकाशित किया गया। इसके मुताबिक, टीका लगाए जाने वाले लोगों में सुरक्षा को लेकर एक गलत भावना पैदा हो रही है। उनमें आत्मविश्वास की भावना जरूरत से ज्यादा बढ़ रही है। ऐसे में निवारक उपायों में वे ढील दे रहे हैं। (आईएएनएस)


09-Apr-2021 7:05 PM 55

गाजीपुर बॉर्डर, 9 अप्रैल | कृषि कानून के खिलाफ हो रहे किसान आंदोलन को 134 दिन हो चुके हैं, लेकिन गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की संख्या अब बेहद कम हो चुकी है। किसान अपनी फसल की कटाई और यूपी के पंचायत चुनाव के कारण आंदोलन स्थल से वापस अपने अपने गंतव्य स्थान की ओर रुख कर चुके हैं। बॉर्डर पर पिछले कुछ दिनों से लगातार किसानों की संख्या कम होती जा रही है, हाल ये हो चुका है कि किसान नेता के होने के बावजूद भी आंदोलन स्थलों पर लोग नहीं दिखाई पड़ रहे है।

बॉर्डर पर लगे मंच के सामने भी लोग अब इक्का दुक्का ही नजर आ रहें हैं और उनमें भी मंच के सामने बिछी त्रिपाल पर सोते या लेटे हुए नजर आ रहे हैं।

इस मसले पर गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे आंदोलन स्थल कमिटी के सदस्य जगतार सिंह बाजवा ने आईएएनएस को बताया कि, "आंदोलन को चलाने के लिए जो संख्या होनी चाहिए वो यहां मौजूद है। लेकिन ये जरूर है कि बैसाखी का त्यौहार है तो फसल की कटाई शुरू हो चुकी है, इसके साथ उत्तरप्रदेश में पंचायती के चुनाव चल रहे हैं उसमें बहुत से लोग व्यस्त हैं।"

"10-15 दिन संख्या बढ़ाने का हमारा कोई उद्देश्य नहीं है, लोग अपनी खेती करने के बाद फिर वापस आएंगे और किसानों को भी तभी आना चाहिए, क्योंकि पहले हमारे लिए फसल है।"

भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने आईएएनएस को बताया कि, "बॉर्डर पर हमारे नेता भी कम रहते हैं, दूसरा ये कटाई का वक्त चल रहा है और किसान के पास करीब 8 दिन हैं, वहीं पंचायत चुनाव एक देश का बड़ा चुनाव होता है ऐसे में हर व्यक्ति का लगाव होने का भी प्रभाव है, अगले 10 दिन बाद सामान्य संख्या हो जाएगी।"

बॉर्डर पर बनाए गए बड़े बड़े टेंट में किसान नहीं हैं, वहीं सड़कों पर भी पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। लंगर सेवा चालू है, लेकिन लंगर में बैठने के लिए किसान नहीं हैं।

न सुबह के वक्त किसान नजर आ रहे हैं और न शाम के वक्त, बॉर्डर पर लगे हुए टेंट भी उखड़ने लगे हैं। हालांकि किसान उनकी जगह दूसरे जगह टेंट बना रहे हैं, लेकिन उनमें रुकने के लिए किसान फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।
 
हालांकि जिस तरह किसान फसल की कटाई और पंचायत चुनाव में व्यस्थ दिख रहे हैं, उससे ये साफ कहा जा सकता है कि अगले कुछ और दिनों तक गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की संख्या बेहद कम रहेगी।(आईएएनएस)


09-Apr-2021 7:04 PM 29

नई दिल्ली, 9 अप्रैल | सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर यातायात को अवरुद्ध नहीं किया जा सकता है। नोएडा की एक महिला द्वारा नोएडा से दिल्ली के बीच की सड़कों को क्लियर करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी की। जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, "सड़कों को अवरुद्ध नहीं किया जाना चाहिए।" शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता गलत उत्पीड़न का सामना कर रही है और इस मामले में संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था करनी चाहिए कि रास्ता साफ रहे।

इससे पहले शीर्ष अदालत ने मोनिका अग्रवाल की याचिका पर केंद्र और दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया था। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि नोएडा से दिल्ली की जिस यात्रा के लिए उन्हें सामान्य तौर पर 20 मिनट लगते थे, अब उसमें 2 घंटे लगते हैं।

सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा, "सार्वजनिक सड़कों को अवरुद्ध नहीं किया जाना चाहिए, और इस पहलू पर इस अदालत के पिछले आदेशों में बार-बार जोर दिया गया है। याचिकाकर्ता सिंगल पैरेंट हैं और ऐसे में यदि सड़कें भी बंद रहती हैं तो यह उनके साथ उत्पीड़न है।"

दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से अनुरोध किया कि इस मामले में उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार को पक्षकार बनाया जाए।

इस पर जस्टिस कौल ने कहा, "हमें इस बात से मतलब नहीं है कि आप इस मुद्दे को कैसे सुलझाते हैं। आप चाहे राजनीतिक रूप से, प्रशासनिक रूप से या न्यायिक रूप से सुलझाएं। हमने केवल यह कहा है कि सड़कों को अवरुद्ध नहीं किया जाना चाहिए।" (आईएएनएस)


09-Apr-2021 7:04 PM 18

नई दिल्ली, 9 अप्रैल | भारतीय महिला टेनिस टीम की चार सदस्य- रुतुजा भोसले, जील देसाई और करमन कौर थांडी, रिजर्व रिया भाटिया बिली जीन किंग कप (पहले फेड कप के नाम से मशहूर) के लिए शुक्रवार को लातविया की राजधानी रीगा के लिए रवाना हो गई। यह टूर्नामेंट 16-17 अप्रैल को खेला जाएगा।।

भारतीय टीम के कप्तान विशाल उप्पल ने ट्वीट किया, भारत में महिला टेनिस के लिए रोमांचक समय। लातविया में पूरी टीम के साथ एकजुट होने का इंतजार करें!

अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने शुक्रवार को खिलाड़ियों और कोचों के साथ सोशल मीडिया पर फेस मास्क पहने हुए तस्वीरें पोस्ट कीं।

भारत अग्रणी टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा, जिन्हें हाल ही में चार साल के लिए खेल मंत्रालय की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम में शामिल किया गया था, और अंकिता रैना दुबई से टीम में शामिल होंगी। ये दोनों दुबई में पिछले एक सप्ताह से प्रशिक्षण ले रहे हैं।

यह इतिहास में पहली बार है कि भारतीय महिला टेनिस टीम ने बिली जीन किंग कप के वल्र्ड ग्रुप प्ले-ऑफ में जगह बनाई है - जिसे फेड कप के रूप में जाना जाता था।

भारत ने पहली बार एशिया/ओशिनिया ग्रुप 1 टाई दूसरे स्थान पर रहते हुए विश्व ग्रुप प्ले-ऑफ में पहली बार स्थान बनाया, जो मार्च 2020 में अमीरात में हुआ था, जबकि लातविया को संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने समूह में हराया था। (आईएएनएस)


09-Apr-2021 7:02 PM 25

नई दिल्ली, 9 अप्रैल | कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि भारतीय वैज्ञानिक समुदाय ने समाधान विकसित करने के लिए ओवरटाइम काम किया था, लेकिन उनके प्रयासों को केंद्र ने खराब कार्यान्वयन और असावधानी से कम कर दिया। उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार वैक्सीन के निर्यात पर तत्काल रोक लगाए और टीकाकरण को हर उस व्यक्ति तक पहुंचाए, जिसे इसकी आवश्यकता है।

अपने तीन पन्नों के पत्र में राहुल ने कहा, "मैं आपको बड़ी चिंता के साथ लिख रहा हूं क्योंकि हम एक बार फिर से कोरोनावायरस महामारी की चपेट में हैं। बीते वर्ष से, हमारे देश में अपूरणीय क्षति हुई है और एक बार फिर हम वायरस के नए हमले का सामना कर रहे हैं।"

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह 'दुर्भाग्यपूर्ण' है कि हमारे वैज्ञानिक समुदाय और वैक्सीन आपूर्तिकर्ताओं ने समाधान विकसित करने के लिए ओवरटाइम किया, लेकिन उनके प्रयासों को केंद्र के खराब कार्यान्वयन से कम कर दिया।"

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि टीकाकरण में भारत को सबसे पहले आगे बढ़ने का लाभ मिला और फिर भी हम काफी कम गति से आगे बढ़ रहे हैं।

"ऐतिहासिक रूप से, भारत ने दुनिया के कुछ सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रमों को डिजाइन करने और निष्पादित करने में प्रचूर अनुभव प्राप्त किया है। फिर भी वर्तमान मामले में, हम तीन महीनों में एक प्रतिशत से भी कम लोगों को पूरी तरह से टीकाकरण करने में कामयाब रहे हैं।"

उन्होंने यह भी कहा कि हमारे वर्तमान टीकाकरण की दर से देखें तो 75 प्रतिशत आबादी को टीका लगाने में कई साल लगेंगे। इससे भयावह प्रभाव पड़ेगा और भारत की अर्थव्यवस्था में गंभीर गिरावट आएगी।"

कोविड-19 टीकों को विदेशों में निर्यात करने के निर्णय पर सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, "इस बात का कोई स्पष्ट कारण नहीं है कि सरकार ने टीकों के बड़े पैमाने पर निर्यात की अनुमति क्यों दी। जबकि हमारा राष्ट्र टीकाकरण की कमी का सामना कर रहा है। टीकों की छह करोड़ से अधिक खुराक का निर्यात किया गया है।" (आईएएनएस)


09-Apr-2021 6:59 PM 19

पटना, 9 अप्रैल | महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने के मद्देनजर सरकार की ओर से की जा रही सख्ती के कारण वहां रह रहे बिहार के लोग वापस अपने घर लौटने लगे हैं। ऐसी स्थिति में वहां से आने वाले लोगों की कोरोना जांच के लिए जिला प्रशासन मुस्तैद है। पटना रेलवे स्टेशन और पटना हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र से लौटे 23 यात्रियों को कोविड-19 संक्रमित पाया गया है। पटना की सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी सिंह ने शुक्रवार को बताया कि कुर्ला-पटना एक्सप्रेस, जो रात एक बजे पटना पहुंची, के 655 यात्रियों की कोरोना जांच की गई। इसमें 17 कोरोना पॉजिटिव पाए गए। उन्होंने बताया कि मुंबई से पटना पहुंचे छह विमान यात्रियों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित ट्रेन यात्रियों को आइसोलेशन सेंटर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र से आने वाली सभी ट्रेनों के यात्रियों की जांच के लिए स्टेशनों पर टीम तैनात की गई है।

इस बीच, रेलवे ने महाराष्ट्र से बिहार के लिए कई विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने आने वाले प्रवासी लोगों के लिए प्रखंडस्तरीय क्वारंटीन सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं। एक ओर जहां बिहार में भी कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, वहीं प्रवासी मजदूरों के वापस लौटने को लेकर सरकार की चिंताएं बढ़ गई हैं। (आईएएनएस)


09-Apr-2021 1:14 PM 66

लखनऊ, 9 अप्रैल | लखनऊ में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ने अपने बेटे और बहू के खिलाफ चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। गोमती नगर एक्सटेंशन इलाके में दर्ज कराई गई शिकायत में उन्होंने अपने बेटे-बहू पर आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगाते हुए उनके फ्लैट से 24 लाख रुपये नकद और सोने के कई गहने चोरी करने का आरोप लगाया गया है। पूर्व आईएएस अधिकारी मदनपाल आर्य ने अपनी शिकायत में कहा है कि नई दिल्ली निवासी उनके बेटे रजत आर्य और बहू बरखा फरवरी के आखिरी हफ्ते में उनके फ्लैट पर आए और उनसे अनुरोध किया कि वे उन्हें अपने पास रहने दें।

उन्होंने पुलिस को बताया, "रजत और बरखा ने मुझे बताया कि उन्हें लॉकडाउन के कारण भारी नुकसान हुआ है और उन पर कई लाख रुपये का कर्ज हो गया है। मैं भावुक हो गया और अपने साथ रखने के लिए सहमत हो गया। 27 मार्च को किसी निजी काम के लिए मैं लखीमपुर खीरी गया था। इसके बाद 30 मार्च की रात को रजत ने मुझे फोन करके बताया कि वे जा रहे थे। मैंने रजत से कहा कि वह रामपाल को चाबी दे दें।"

इसके बाद जब 1 अप्रैल को आर्य वापस लौटे तो उन्हें अपने घर से 24 लाख रुपये नकद, सोने की 1 घड़ी, सोने के 4 कंगन, सोने की 3 चेन, सोने की चूड़ी और 1 लॉकेट आलमारी से गायब मिला।

उन्होंने आगे बताया, "इसके बाद मैंने अपनी पत्नी को पूछताछ के लिए बुलाया कि क्या उसने उन्हें कहीं और रखा है और फिर उसके बाद गोमती नगर के एसएचओ को घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए बुलाया।"

एसएचओ, गोमती नगर एक्सटेंशन, पवन कुमार ने कहा, "हमने आपराधिक विश्वासघात तोड़ने का मामला दर्ज किया है और मामले की जांच कर रहे हैं।" (आईएएनएस)

 


09-Apr-2021 1:12 PM 24

नई दिल्ली, 9 अप्रैल | भारत में कोविड-19 मामलों में हुई अचानक वृद्धि के बीच अप्रवासी श्रमिकों की घर वापसी को रोकना प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की सबसे बड़ी प्राथमिकता लगती है। इसमें खासतौर पर वो श्रमिक शामिल हैं, जो प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में काम करते हैं।

पिछले साल जैसी घबराहट की स्थिति को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन, रेलवे और सरकार मुंबई समेत प्रमुख शहरों से मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए एक विस्तृत योजना पर काम कर रही है।

सरकार के शीर्ष सूत्रों ने बताया है कि मुंबई और अन्य महानगरों के औद्योगिक इलाकों के स्थानीय प्रशासन को कहा गया है कि वे फैक्ट्री प्रबंधन, श्रमिक संघों और संबंधित समूहों से संपर्क करें, ताकि प्रवासी श्रमिकों को अचानक बढ़े मामलों से डरने के लिए मना किया जा सके। साथ ही औद्योगिक निकायों और कारखानों के मैनेजमेंट को टीकाकरण की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।

दरअसल, पीएमओ प्रवासी श्रमिकों को लेकर खासा चिंतित है और श्रमिकों के पलायन को रोकना चाहता है, क्योंकि इसके कारण पिछले साल कई नौकरियां गईं और लोगों को बहुत दुख-मुश्किलें झेलनी पड़ीं। चूंकि बुधवार की रात बड़ी संख्या में प्रवासी कामगारों के झुंड बांद्रा, दादरा और चर्चगेट के रेलवे स्टेशनों पर देखे गए, इससे यह डर पैदा हो गया कि बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो गया है और इससे कारखानों में उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

हालांकि संबंधित अधिकारियों ने कहा कि इस भीड़ की वजह गर्मियों में होने वाली भीड़ थी।

आरपीएफ के महानिदेशक (महानिदेशक) अरुण कुमार ने कहा, "मैंने मुंबई में पश्चिम रेलवे के आईजी और आरपीएफ सेंट्रल रेलवे से बात की है। मैं बता दूं कि मुंबई में रात के कर्फ्यू के कारण श्रमिकों के कई समूह अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर रहे लेकिन कर्फ्यू हटने पर वे अपने कारखानों में वापस लौट आए। प्लेटफार्मों पर देखी गई भीड़ मुख्य रूप से गर्मियों में चल रही विशेष ट्रेनों में सवार होने के लिए इंतजार कर रहे यात्रियों की थी।"

उन्होंने आईएएनएस को बताया कि श्रमिकों के रिवर्स माइग्रेशन से जुड़ी आशंकाओं को दूर करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

बता दें कि मार्च 2020 के दौरान कई लाख प्रवासी कामगार अपने गांव लौटे थे। लॉकडाउन के कारण ट्रेन समेत परिवहन के सभी साधन बंद होने के कारण कई प्रवासी पैदल चलकर अपने घर पहुंचे थे।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसी घटनाओं से बहुत परेशान थे। जिसके कारण गरीब मजदूरों को पैदल चलना पड़ा था और इस दौरान उन्हें कई बार भोजन भी नहीं मिला था। इस बार हम सतर्क हैं। सरकार नहीं चाहती है कि ऐसा फिर से हो। मजदूरों के बड़े पैमाने पर पलायन को रोकने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। श्रमिकों की सेहत और देश का औद्योगिक उत्पादन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।" (आईएएनएस)
 


09-Apr-2021 1:10 PM 26

मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश), 9 अप्रैल | मुरादाबाद के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) बलराम सिंह साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं। उनके नाम पर अज्ञात आरोपी ने फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई है और उनके दोस्तों मेडिकल इमरजेंसी होने का मैसेज भेजकर पैसे मांगे हैं। डीएसपी को इस बारे में तब पता चला जब लोगों ने उन्हें फोन करके उनकी कुशलक्षेम पूछी। कांठ क्षेत्र के सर्कल अधिकारी और डीएसपी सिंह ने बताया, "मुझे बताया गया कि मेरे नाम और प्रोफाइल पिक्च र वाले फेसबुक अकाउंट के जरिए मेरे दोस्तों को मैसेज भेजे जा रहे हैं। मैंने मुरादाबाद पुलिस को तुरंत सूचित किया कि मेरे नाम और फोटो का सोशल मीडिया पर गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। "

मामले में जांच का आदेश दिया गया है और साइबर क्राइम सेल ने इस साइबर धोखाधड़ी में शामिल लोगों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बता दें कि कुछ ही समय पहले उप्र के बाल अधिकार आयोग के चेयरपर्सन डॉ.विश्वेश कुमार गुप्ता के इसी तरह के धोखाधड़ी का शिकार होने का मामला सामने आया था।  (आईएएनएस)
 


09-Apr-2021 1:09 PM 23

नई दिल्ली, 9 अप्रैल | फेसबुक और इंस्टाग्राम की सेवाएं शुक्रवार सुबह कुछेक घंटे के लिए फिर से प्रभावित हुईं। यह एक महीने से भी कम समय के दरमियां दूसरी बार है, जब इन सोशल मीडिया साइट्स के लाखों यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ा है। इंस्टाग्राम और फेसबुक में लोगों का स्वागत जब 'सॉरी समथिंग वेंट रॉन्ग' से किया गया, तो लोगों ने ऑनलाइन आउटेज डिटेक्टर प्लेटफॉर्म डाउन डिटेक्टर का सहारा लिया और अपनी शिकायतें दर्ज कीं।

मशहूर डेपलपर जेन वॉन्ग ने अपने एक ट्वीट में कहा कि इस आउटेज का प्रभाव फेसबुक के इंटरनल वेबसाइट पर भी देखने को मिला है।

यहां तक कि इस दिन फेसबुक के आउटेज डैशबोर्ड में भी समस्याएं देखी गईं। हालांकि कुछ घंटे बाद दोनों की ही सेवाएं बहाल हो गईं।

19 मार्च को दुनियाभर में फेसबुक और इससे संबंधित ऐप्स व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम ने तकनीकि समस्याओं के चलते वैश्विक आउटेज का सामना किया था।

इस डाउन डिटेक्टर में इंस्टाग्राम में आ रही दिक्कतों को लेकर एक लाख से अधिक यूजर्स ने शिकायतें दर्ज की थीं, वहीं व्हाट्सऐप को लेकर आ रही परेशानियों को लेकर 25,000 से अधिक यूजर्स ने रिपोर्ट किया था। (आईएएनएस)
 


09-Apr-2021 1:09 PM 17

नई दिल्ली, 9 अप्रैल | लोग अभी 53.3 करोड़ उपयोगकर्ताओं (61 लाख भारतीय शामिल) के विशाल फेसबुक डेटा लीक को पचा नहीं पाए हैं और अब खबर आई है कि माइक्रोसॉफ्ट के स्वामित्व वाले पेशेवर नेटवर्किं ग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन के 50 करोड़ उपयोगकर्ताओं का डेटा लीक हो गया है। कथित तौर पर यह डेटा ऑनलाइन बेचा जा रहा है। 50 करोड़ लिंक्डइन प्रोफाइल से डेटा को कथित रूप से स्क्रैप किए गए अर्काइव को एक लोकप्रिय हैकर फोरम पर बिक्री के लिए रखा गया है। इतना ही नहीं हैक के पीछे शामिल लोगों ने लीक हुए 20 लाख रिकॉर्ड को तो नमूने के तौर पर पेश भी किया है।

साइबरन्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है, "लीक हुई 4 फाइलों में लिंक्डइन उपयोगकर्ताओं के बारे में उनका पूरा नाम, ईमेल पते, फोन नंबर, कार्यस्थल की जानकारी और कई सारी ऐसी जानकारियां स्क्रैप की गई हैं।

बिक्री के लिए रखे गए लीक डेटा में लिंक्डइन आईडी, पूरा नाम, ईमेल पते, फोन नंबर, लिंग, लिंक्डइन प्रोफाइल के लिंक, अन्य सोशल मीडिया प्रोफाइल के लिंक, पेशेवर पद और उनके काम संबंधी बाकी डेटा शामिल हैं।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि "हैकर फोरम के उपयोगकर्ता 2 डॉलर के फोरम क्रेडिट की मदद से लीक किए गए नमूनों को देख सकते हैं, वहीं थ्रेट एक्टर कम से कम 4-अंकों वाली राशि के बिटकॉइन में संभवत: 50 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ताओं के डेटाबेस की नीलामी करता दिखाई देता है।"

लिंक्डइन ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि उसने "बिक्री के लिए पोस्ट किए गए लिंक्डइन डेटा के कथित सेट की जांच की गई है और यह लिंक्डइन का लीक डेटा नहीं था। साथ ही हम जितनी समीक्षा कर पाए हैं उसके अनुसार लिंक्डइन के किसी भी निजी सदस्य के अकाउंट का डेटा इसमें शामिल नहीं था, जो हम समीक्षा करने में सक्षम थे, कंपनी ने कहा।" (आईएएनएस)
 


09-Apr-2021 1:07 PM 30

प्रमोद कुमार झा

नई दिल्ली, 9 अप्रैल | भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ.प्रवीण मलिक ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में मृत प्रवासी पक्षियों में पाए गए बर्ड फ्लू के नये स्ट्रेन की पहचान पहले ही हो चुकी है, इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के सिर्फ दो-तीन राज्यों में ही कुछ जगहों पर बर्ड फ्लू के केस अब तक मिल रहे हैं लेकिन बाकी जगहों पर स्थिति नियंत्रण मंे है। आयुक्त ने आगे बताया कि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला स्थित पौंग डैम में मृत पाए गए प्रवासी पक्षियों में बर्ड फ्लू एच-5 एन-8 वायरस स्ट्रेन पाए जाने की रिपोर्ट उन्हें मिली है और यह कोई नया वायरस स्ट्रेन नहीं है।

पशुपालन आयुक्त ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि बर्ड फ्लू के नये स्ट्रेन की पहचान भारत में जनवरी में ही हो गई थी और दुनिया के अन्य देशों में इससे पहले ही हो गई थी। लिहाजा यह नया स्ट्रेन नहीं है और इससे घबराने की भी जरूरत नहीं है। हर साल ज्यादातर जगहों पर एच-5,एन-1 वायरस से एवियन इन्फ्लूएंजा यानी बर्ड फ्लू का प्रकोप फैलने के मामले सामने आते थे, लेकिन इस साल बर्ड फ्लू का एक नया वायरस एच-5 एन-8 मिला है जो पूरी दुनिया में पाया गया है और इसका प्रकोप ज्यादा रहा है जबकि कुछ जगह पोल्ट्री में एच-5 एन-1 के मामले भी मिले हैं।

मलिक ने कहा, "हमने देखा है कि शुरू में प्रवासी पक्षियों में एच-5 एन-1 स्ट्रेन निकल रहे थे जबकि देसी पक्षियों में एच-5 एन-8 स्ट्रेन मिला था, जोकि दूसरे देशों में भी पाया गया था। इससे जाहिर होता है कि कुछ जंगली पक्षी दूसरे देशों से दोनों प्रकार के वायरस स्ट्रेन लेकर आए थे।"

देश में बर्ड फ्लू के प्रकोप की ताजा स्थिति के बारे में पूछे जाने पर डॉ. प्रवीण मलिक ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू के कारण जंगली पक्षिायों की मौत के मामले सामने आए हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में एक दो जगहों पर पोल्ट्री बर्ड में यह फ्लू पाया गया है। उन्होंने कहा कि देश में बाकी जगहों पर पीओएसपी (पोस्ट ऑपरेशन सर्विलांस प्लान) शुरू हो गया है।  (आईएएनएस)

 


09-Apr-2021 1:06 PM 26

लखनऊ, 9 अप्रैल | भारतीय जनता पार्टी ने पंचायत चुनाव में उन्नाव जिले की सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सजायाफ्ता पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर को भी भाजपा ने चुनाव मैदान में उतारा है। उन्हें टिकट दिए जाने की घोषणा के बाद समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधा है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. आषुतोष वर्मा ने कहा, "भाजपा पिछले रास्ते से अपराधियों को बढ़ावा देना चाहती है। सेंगर की पत्नी पहले भी जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं है। उन पर एक्शन लेने के बजाय उन्हें टिकट देकर प्रोत्साहित किया गया है। भाजपा महिलाओं का सम्मान नहीं करती है। बल्कि वह जातिवादी को बढ़ावा दे रही है। कुलदीप सेंगर का इतिहास देखें तो पता चलेगा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। यह पूरी तरह से मैनेंजमेंट की सरकार है।"

सजायाफ्ता पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर को फतेहपुर चैरासी तृतीय से भाजपा ने जिला पंचायत की टिकट दी है। 2016 के पंचायत चुनावों में संगीता मियागंज तृतीय सीट से निर्वाचित हुई थीं। लेकिन इस बार सीट आरक्षित होने कारण उन्हें दूसरी जगह से चुनाव लड़ना पड़ रहा है। 2016 के चुनाव में खींचतान के बीच लॉटरी सिस्टम से संगीत विजयी हुईं थीं।

गौरतलब हो कि कुलदीप सिंह सेंगर उन्नाव की बांगरमऊ से भाजपा के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। साल 2017 में उन्नाव के चर्चित दुष्कर्म कांड में कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें अगस्त 2019 में भाजपा ने पार्टी से बाहर कर दिया था और फिर बाद में उनकी विधान सभा की सदस्यता भी समाप्त कर दी गई थी। पिछले साल कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को दुष्कर्म और अपहरण के मामले में दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी। (आईएएनएस)