राष्ट्रीय

03-Sep-2020 8:25 AM 13

आगरा, 3 सितंबर (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक पाकिस्तानी म्यूजिक टीचर द्वारा कथित रूप से यूक्रेन की एक नाबालिग लड़की से लगातार तीन दिन तक दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। पाकिस्तानी नागरिक को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "आरोपी आनंद कुमार करांची का रहने वाला है और वह बीते कई सालों से टूरिस्ट वीजा पर इस शहर में रह रहा है।"

वृंदावन कोतवाली प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को परिक्रमा मार्ग में इमली ताला के पास गिरफ्तार किया गया। एफआईआर पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी और उसे जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने कहा कि पीड़िता यूक्रेन की नागरिक है और पास के ही चैतन्य विहार में रहती है। उसे माता-पिता कृष्ण के भक्त हैं, हालांकि दोनों के बीच तलाक हो चुका है और अलग रहते हैं।

मथुरा के एसपी उदय शंकर ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच के आदेश दिए गए हैं।


02-Sep-2020 7:58 PM 12

वाराणसी, 2 सितंबर | आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पर विकिपीडिया की टिप्पणी से उत्तर प्रदेश की वाराणसी के आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़े स्टूडेंट्स भड़क उठे हैं. विरोध में ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया है. तीन दिन में करीब सात हजार स्टूडेंट्स ने हस्ताक्षर कर अपना विरोध जताया है. आयुर्वेद के छात्र आकाश उपाध्याय ने बताया कि मामला बेबुनियाद टिप्पणी का है. बकौल आकाश, आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति  भारत की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, लेकिन विकिपीडिया में इस पद्धति पर जो टिप्पणी की गई है, वो गलत है.  विकिपीडिया  पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को अवैज्ञानिक बताते हुए कई दूसरी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई हैं. जबकि कोरोना काल में आयुर्वेद चिकित्सा भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से लेकर अन्य तरीकों से अपनी मजबूत सहभागिता कर रहा है.

छात्र आकाश का कहना है कि वाराणसी के एल-वन अस्पताल में शामिल आयुर्वेद महाविद्यालय में अब तक सैकड़ों मरीज काढ़ा पीकर ठीक भी हुए हैं. बावजूद इसके, ये टिप्पणी पूरी तरह से अव्यवहारिक और बेबुनियाद है. स्टूडेंट्स की मांग है कि इस टिप्पणी को हटाया जाए और आयुर्वेद के महत्व की सही जानकारी दी जाए.

चलाया जा रहा ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान

फिलहाल इस टिप्पणी के विरोध में आयुर्वेद महाविदयालय, बनारस हिंदू विश्वविदयालय और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविदयालय समेत देश भर के स्टूडेंट्स एकजुट हुए हैं. लगातार ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान के तहत अपने आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं. छात्र आकाश के मुताबिक, 6 दिनों से अनुभूति ट्रस्ट द्वारा इसके खिलाफ देश भर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जा रहा है. वहीं ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान में 3 दिन में 7 हजार से ज्यादा लोग अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं. स्टूडेंट्स के अलावा प्रोफेसर भी इस पर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं. वहीं प्रोफेसर नीलम गुप्ता का कहना है कि भारत की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति को अवैज्ञानिक बताना पूरी तरह से गलत है. विकिपीडिया को अपनी इस टिप्पणी को फौरन हटाना चाहिए. इस टिप्पणी से पूरी दुनिया में आयुर्वेद के बारे में गलत धारणा बनेगी. (news18)


02-Sep-2020 7:49 PM 10

लखनऊ, 2 सितंबर (आईएएनएस)| लखनऊ में हजरतगंज पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज की गई है, एफआईआर में यह दर्ज किया गया है कि प्रदेश में योगी सरकार के जातिवादी होने को लेकर फोन सर्वेक्षण किया जा रहा है। खबरों के अनुसार, राज्य के कई लोगों को मंगलवार को एक कॉल आया, जिसमें उनसे पूछा गया कि क्या योगी सरकार केवल विशेष जातियों के हितों में काम कर रही है।

कॉल्स को लेकर प्रदेश में राजनीतिक उथल पुथल हो गई, जिसके बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने अपने ट्विटर के माध्यम से बताया कि सर्वेक्षण का आयोजन उन्होंने ही करवाया है।

उन्होंने बुधवार को ट्वीट में कहा, "हम बस लोगों से यह पूछ रहे हैं कि ये सरकार जाति के आधार पर काम कर रही है या नहीं। उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों और दलितों की हत्या करना अपराध नहीं, लेकिन योगी सरकार जातिवादी हैं या नहीं इसका सर्वे करना अपराध है। राज्य सरकार जांच में जनता का पैसा बर्बाद न करे, जो पूछना है मुझसे पूछे।"

हाल ही के हफ्तों संजय सिंह के खिलाफ मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ टिप्पणियों के लिए लगभग 10 मामले दर्ज किए गए हैं


02-Sep-2020 7:44 PM 23

नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)| राष्ट्रीय उच्च गति रेल निगम लिमेटेड (एनएचएसआरसीएल) 508 किलोमीटर लंबी अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड ट्रेन (बुलेट ट्रेन) परियोजना के निर्माण पर काम कर रहा है। इस बीच एजेंसी अब देशभर में 5,000 किलोमीटर लंबे सात नए मार्गो पर ट्रेन संचालित करने के लिए भी अध्ययन कर रहा है।

एनएचएसआरसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित सात नए उच्च गति गलियारों का अध्ययन करने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा एजेंसी को काम सौंपा गया है।

अधिकारी ने कहा कि एनएचएसआरसीएल को रेल मंत्रालय द्वारा 865 किलोमीटर दिल्ली-वाराणसी, 753 किलोमीटर मुंबई-नागपुर, 886 किलोमीटर दिल्ली-अहमदाबाद, 435 किलोमीटर चेन्नई-मैसूर, 459 किलोमीटर दिल्ली-अमृतसर, 711 किलोमीटर मुंबई-हैदराबाद और 760 किलोमीटर वाराणसी-हावड़ा नए प्रस्तावित गलियारे के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए कहा गया है।

अधिकारी ने कहा कि एनएचएसआरसीएल डीपीआर की तैयारी के लिए सात नए प्रस्तावित गलियारों पर डेटा एकत्र कर रहा है। एनएचएसआरसीएल वर्तमान में मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना का निर्माण कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे ने 14 सितंबर, 2017 को महत्वाकांक्षी 1.08 लाख करोड़ रुपये (17 अरब डॉलर) की परियोजना की आधारशिला रखी थी।

जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) और केंद्रीय रेल मंत्रालय ने परियोजना को आंशिक रूप से फंड देने के लिए जापान के साथ 508 किलोमीटर के गलियारे के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। एनएचएसआरसीएल के अनुसार, हाई स्पीड ट्रेन परियोजना के लिए कुल 1,380 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से रेलवे ने निजी व्यक्तियों से 479 हेक्टेयर और सरकारी भूमि से 119 हेक्टेयर का अधिग्रहण किया है।

एनएचएसआरसीएल दिसंबर 2023 की अपनी समय-सीमा से पहले 508 किलोमीटर की कॉरिडोर परियोजना को पूरा करने के लिए तैयार है। एक अधिकारी के अनुसार, मुंबई में बोइसर और बीकेसी के बीच 21 किलोमीटर लंबी सुरंग खोदी जाएगी, जिसमें से सात किलोमीटर का क्षेत्र समुद्र के नीचे होगा।


02-Sep-2020 7:38 PM 11

नयी दिल्ली, 02 सितंबर (वार्ता)। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों के गायब होने के मामले में जागो पार्टी और सिख समुदाय के लाेगों ने बुधवार को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष एवं सांसद सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ यहां प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने श्री बादल की पत्नी एवं केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के 12, सफदरजंग रोड स्थित निवास के पास शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करके अपना रोष व्यक्त किया।

इस दौरान 'जागो' पार्टी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने जपुजी साहिब, चौपई साहिब और वाहेगुरु गुरमंत्र का पाठ करने के बाद श्री बादल की जमीर जागने और उनके पश्चाताप के लिए अरदास की। पार्टी के महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता परमिंदर पाल सिंह ने अरदास करवायी।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इलाके में धारा 144 लगी होने एवं कोरोना महामारी का हवाला देते हुए लाउडस्पीकर से चेतावनी देना शुरू कर दिया तो श्री जीके ने लोगों से नारेबाजी न करने और बेरिकेड्स के पास जाकर शांति से पाठ और अरदास करने को कहा। इस दौरान श्री जीके ने आरोप लगाया कि श्री बादल के कहने पर और उनकी जानकारी में यह सब कुछ हुआ है।

शिरोमणि कमेटी छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर बड़े लोगों को बचा रही है। श्री जीके ने मांग की कि उन्हें आधिकारिक तौर पर लापता किए गए स्वरूपों का पता बताया जाए ताकि सिख पंथ स्वरूपों की संभाल कर सकें ।


02-Sep-2020 7:02 PM 11

रांची, 2 सितम्बर (आईएएनएस)| झारखंड में 31.7 प्रतिशत अभिभावक बाजार में कोरोनावायरस वैक्सीन आने के बाद ही स्कूल खोले जाने के पक्ष में हैं। झारखंड सरकार ने 9वीं से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों के बीच ऑनलाइन परीक्षण करवाया। ऑनलाइन परीक्षण 31 अगस्त तक करवाया गया।

सर्वे के अनुसार, "करीब 31.7 प्रतिशत अभिभावक बाजार में कोरोनावायरस वैक्सीन आने के बाद ही स्कूल खोले जाने के पक्ष में हैं। 88 प्रतिशत अभिभावक सिलेबस कम करने के पक्ष में हैं। करीब 48 प्रतिशत अभिभावक 50 फीसदी तक सिलेबस कम करने के पक्ष में हैं। करीब 25 प्रतिशत अभिभावक सितंबर में स्कूल खोले जाने के पक्ष में हैं।"

करीब 12,320 अभिभावक सर्वे में शामिल हुए। सर्वे में सरकारी, निजी और सेंट्रल स्कूलों के अभिभावक शामिल हुए।

करीब 14.12 प्रतिशत अभिभावकों ने कहा कि वे सरकार के दोबारा स्कूल खोले जाने के फैसले का साथ देंगे।

राज्य में बीते दो दिनों में, 5,000 से ज्यादा नए कोविड केस आए हैं। अबतक राज्य में 43,902 मामले सामने आए हैं और इस महामारी से 428 लोगों की मौत हो चुकी है। बीते 24 घंटे में, 2300 से ज्यादा लोग कोरोना महामारी से संक्रमित हुए हैं।


02-Sep-2020 6:52 PM 11

नई दिल्ली, 2 सितम्बर | केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह जारी अपने उस आदेश पर अमल शुरू कर दिया है, जिसमें अफसरों और कर्मियों को समय पूर्व सेवानिवृत्ति देने की बात कही गई थी। इसकी शुरुआत लोकसभा सचिवालय से हुई है। वहां कार्यरत दो संयुक्त निदेशक, प्रणव कुमार और कावेरी जेसवाल को 31 अगस्त के दिन समय पूर्व रिटायरमेंट देकर घर भेज दिया गया है। नियमानुसार, उन्हें तीन माह का अग्रिम वेतन एवं दूसरे भत्ते प्रदान किए गए हैं।

इस सूचना के बाहर आते ही केंद्र सरकार के दूसरे अफसरों व कर्मियों में हड़कंप मच गया है। सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार ने अपने सभी मंत्रालयों और विभागों में निचले स्तर से लेकर आला ओहदे पर बैठे सभी कर्मियों की समीक्षा रिपोर्ट तलब की है। हालांकि इनमें वे अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं, जिनकी आयु 50-55 वर्ष से ज्यादा या उनका सेवाकाल तीस साल से अधिक हो गया है।

खास बात है कि डीओपीटी ने समय पूर्व रिटायरमेंट को लेकर 28 अगस्त को एक पत्र जारी किया था। इसके तीसरे दिन यानी 31 अगस्त को लोकसभा सचिवालय में कार्यरत संयुक्त निदेशक, प्रणव कुमार और कावेरी जेसवाल को क्लॉज-1 ऑफ रूल 56 ऑफ एफआर व रूल ऑफ लोकसभा सचिवालय (भर्ती एवं सेवा शर्त) रूल्स 1955 के अंतर्गत रिटायरमेंट करने का आदेश जारी कर दिया गया।

इन दोनों अफसरों को यह अंदाजा नहीं था कि केंद्र सरकार समय पूर्व रिटायरमेंट सूची में सबसे पहला नाम उन्हीं का लिखेगी। इन दोनों अफसरों को अपने समय पूर्व सेवानिवृत्ति के कागजात पर हस्ताक्षर करने पड़े। केंद्र सरकार के आदेश में यह बात कही गई थी कि आवधिक समीक्षा के नियम को अब सख्ताई से लागू किया जाएगा।

आवधिक कार्य समीक्षा रिपोर्ट और जनहित, इन दोनों के मद्देनजर किसी भी अधिकारी या कर्मी को उसके तय रिटायरमेंट से पहले घर भेजा जा सकता है। समय पूर्व रिटायरमेंट कोई पैनल्टी नहीं है। पत्र में इस बात का जिक्र किया गया है कि जनहित में, विभागीय कार्यों को गति देने, अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक कार्य कुशलता बढ़ाने के मकसद से मूल नियम 'एफआर' व सीसीएस (पेंशन) रूल्स-1972 के तहत समय पूर्व रिटायरमेंट दी जा सकती है। सरकार ने अपनी इस मुहिम के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला भी दिया था।

समय पूर्व रिटायरमेंट को दंड न माना जाए

डीओपीटी के मुताबिक, समय पूर्व रिटायमेंट देना, जबरन सेवानिवृत्ति नहीं है। इसे दंड न माना जाए। किसी भी सक्षम अथॉरिटी को यह अधिकार है कि वह किसी भी सरकारी कर्मचारी को एफआर 56(जे)/रूल्स-48 (1) (बी) ऑफ सीसीएस (पेंशन) रूल्स-1972 नियम के तहत अधिकारी व कर्मी को समय पूर्व सेवानिवृत्ति पर भेजे जाने का आदेश जारी कर सकती है। हालांकि ऐसे केस में जनहित को देखा जाता है।

ग्रुप ए और बी के लिए

ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारी को तीन माह का अग्रिम वेतन देकर रिटायर कर दिया जाता है। यदि कोई कर्मचारी जो ग्रुप ए और बी में तदर्थ या स्थायी क्षमता में कार्यरत है, उसने 35 साल की आयु से पहले सरकारी नौकरी ज्वाइन की हो तो उस स्थिति में कर्मी की आयु 50 साल होने पर या सेवाकाल के तीस वर्ष पूरे होने के बाद, जो भी तिथि पहले आती हो, उसे रिटायरमेंट का नोटिस दिया जा सकता है। अन्य केस में 55 साल की आयु के बाद रिटायरमेंट देने का नियम है।

ग्रुप सी के लिए

अगर कोई कर्मचारी ग्रुप सी में है और वह किसी पेंशन नियमों द्वारा शासित नहीं है, तो उसे तीस साल की नौकरी पूरी होने के बाद तीन माह का नोटिस देकर रिटायर किया जा सकता है। रूल्स-48 (1) (बी) ऑफ सीसीएस (पेंशन) रूल्स-1972 नियम के तहत किसी भी उस कर्मचारी को, जिसने तीस साल की सेवा पूरी कर ली है, उसे भी सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। इस श्रेणी में वे कर्मचारी शामिल होते हैं, जो पेंशन के दायरे में आते हैं। ऐसे कर्मियों को रिटायमेंट की तिथि से तीन माह पहले नोटिस या तीन माह का अग्रिम वेतन और भत्ते देकर सेवानिवृत्त किया जा सकता है।

पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा

डीओपीटी के आदेशों में यह भी कहा गया है कि जिन कर्मियों को समय पूर्व रिटायरमेंट पर भेजा जाएगा, उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर मिलता है। वह कर्मी समय पूर्व सेवानिवृत्ति आदेश जारी होने की तिथि से तीन सप्ताह के भीतर रिप्रेजेंटेशन कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रख सकता है। सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) 1972 के नियम 56(J) के अंतर्गत 30 साल तक सेवा पूरी कर चुके या 50 साल की उम्र पर पहुंचे अफसरों की सेवा समाप्त की जा सकती है।

संबंधित विभाग से ऐसे अफसरों की जो गोपनीय रिपोर्ट तलब की जाती है, उसमें भ्रष्टाचार, अक्षमता व अनियमितता के आरोप देखे जाते हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो अफसरों को रिटायरमेंट दे दी जाती है। ऐसे अधिकारियों को नोटिस एवं तीन महीने के वेतन-भत्ते देकर घर भेजा जा सकता है। लोकसभा सचिवालय में कार्यरत दो संयुक्त निदेशक, प्रणव कुमार और कावेरी जेसवाल को उक्त नियमों के आधार पर ही समय पूर्व रिटायरमेंट दी गई है। इनके आदेशों में तीन माह के वेतन का जिक्र किया गया है।(amarujala)


02-Sep-2020 6:38 PM 23

सागर, 2 सितंबर (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए उम्मीदवारों ने सभी तरह के दाव पेंच आजमाने शुरू कर दिए है। सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं को लुभाने के लिए रामशिलाओं का सहारा लिया जा रहा है। यहां के संभावित भाजपा उम्मीदवार और राज्य के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने रामशिला पूजन यात्राओं को रवाना किया। सुारखी में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के साथ मंत्री राजपूत ने चांदी की शिलाओं का पूजन किया और रामशिला पूजन यात्रा वाहनों को रवाना किया। पांच रथयात्राएं विधानसभा क्षेत्र में 11 सितंबर तक गांव-गांव पहुंचेंगी। ये यात्राएं लगभग तीन सौ गांवों से होकर गुजरेंगी। उसके बाद चांदी की शिलाओं को राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या भेजा जाएगा।

राजपूत ने बताया, 11 दिनों में यह रामशिला पूजन यात्राएं गांवों तक पहुंचेंगी, इन यात्राओं को लेकर सभी में उत्साह है, हम सौभाग्यशाली है कि हमें रामशिलाओं के पूजन का अवसर मिल रहा है। अन्य क्षेत्रों के लोग चाहेंगे तो यह रामशिला पूजन यात्राएं वहां भी जाएंगी।

इन रथयात्राओं के साथ वाहन भी हैं, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजपूत की तस्वीरें लगी हुई है। साथ ही भाजपा का चुनाव चिन्ह कमल भी बना हुआ है।


02-Sep-2020 6:27 PM 140

 मुंबई, 2 सितम्बर (आईएएनएस)| भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने एक ट्वीट के माध्यम से फिल्मकार महेश भट्ट पर निशाना साधा है, जो इस वक्त खूब वायरल हो रहा है। स्वामी ने बुधवार को ट्वीट किया, "क्या सिनेमा के दादा महेश भट्ट ने इस्लाम धर्म को अपनाकर अपना नाम अशरफ बट रख लिया है? अगर ऐसा नहीं है तो उन्हें पुलिस रिकॉर्ड्स सही करने को कहें।"

14 जून को बांद्रा के अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को न्याय दिलाने के लिए स्वामी एक अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। इस मामले में छानबीन के दौरान मुंबई पुलिस महेश भट्ट से पूछताछ कर चुकी है।

एक अलग ट्वीट में स्वामी ने समाज में नशे के खतरे से लड़ने के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने लिखा, "बॉलीवुड सहित समाज में नशे के खिलाफ लड़ना राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित एक मामला है जिसे प्रधानमंत्री के संज्ञान में लाए जाने पर वह इस पर जरूर उचित कदम उठाएंगे। ूबेशक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के बोस्टन अनुभव के बाद, इससे जुड़े लोग घबराए हुए होंगे।"


02-Sep-2020 6:19 PM 17

पटना, 2 सितंबर (आईएएनएस)| बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी अब जनता दल (युनाइटेड) के सहयोगी के रूप में काम करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में है, इस कारण 'हम' भी राजग के साथ है। पटना में उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पहले इसकी घोषणा तीन सितंबर को करनी थी, लेकिन शुभ कार्य जल्द हो जाए तो वही अच्छा होता है, यही कारण है कि उन्होंने यह आज ही कहना उचित समझा।

उन्होंने कहा, "इससे पहले वे महागठबंधन में थे, लेकिन कई बार कहने के बाद भी वहां समन्वय समिति नहीं बनी। इसके लिए राजद को भी तीन-चार महीने का समय दिया और कांग्रेस को भी दो से तीन महीने का समय दिया। इसके बावजूद समन्वय समिति नहीं बन सकी। यही कारण है कि मैंने महागठबंधन छोड़ने का फैसला ले लिया।"

जदयू के साथ गठबंधन के लिए शर्त के संबंध में पूछे जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी कोई शर्त नहीं है, सीट लेने को लेकर कोई बात नहीं हुई है। विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर बाद में बातचीत होगी।"

उन्होंने 'हम' पार्टी के विलय से भी इंकार करते हुए कहा, "अब हम नीतीश के सहयोगी के तौर पर काम करेंगे। हम राजग के पार्टनर जरूर हैं, लेकिन जदयू से मेरी नजदीकियां ज्यादा हैं।"

उल्लेखनीय है कि इससे पहले हम के प्रवक्ता दानिष रिजवान ने कहा था कि "तीन सितंबर को हिंदुस्तान अवाम मोर्चा राजग का हिस्सा बनेगी, इसकी घोषणा जीतन राम मांझी खुद करेंगे।"

उन्होंने कहा, "विकास के लिए हम राजग का हिस्सा बनने जा रहे हैं। सीट हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं रहा है। हम विकास के मुद्दे पर राजग के साथ जा रहे हैं।"


02-Sep-2020 6:15 PM 48

नई दिल्ली, 2 सितम्बर | सीमा पर चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच एक बार फिर से भारत सरकार ने कई चीनी मोबाइल ऐप्स को बैन कर दिया है. जानकारी के अनुसार PUBG समेत 118 और चीनी मोबाइल ऐप्स को बैन किया गया है. सरकार की तरफ से इससे पहले भी चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाए गए थे. सरकार ने हाल ही में पहले 59 ऐप को बैन किया था जिसमें लोकप्रिय ऐप  TikTok भी शामिल था. बाद में सरकार ने 47 और ऐप को बैन किया था. आज एक बार फिर से सरकार की तरफ से PUBG समेत 118 ऐप को बैन किया गया है. 

आईटी मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश के अनुसार PUBG के अलावा Baidu,APUS लॉन्चर प्रो जैसे ऐप को सरकार ने प्रतिबंधित किया है. गौरतलब है कि जून के अंत में भारत सरकार ने TikTok के अलावा 58 चीनी ऐप्स को भारत में बैन घोषित कर दिया था, जिसमें ShareIt, UC Browser, Shein, Club Factory, Clash of Kings, Helo, Mi Community, CamScanner, ES File Explorer, VMate जैसे कई ऐप्स शामिल थे. बाद में सरकार की तरफ से जुलाई में 47 और ऐप्स को बैन कर दिया गया.  सरकार का दावा था कि ये सभी ऐप्स कुछ इस तरह की गतिविधियों में शामिल थे, जिससे देश की संप्रभुता और अखंडता, देश की सुरक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था आदि के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता था. (ndtv)


02-Sep-2020 6:07 PM 13

नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)| सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को माना कि आरबीआई के पास ताकत की कोई कमी नहीं है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने तर्क दिया कि बैंक ऋणों की पुर्नसरचना के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन ईमानदार ऋणधारियों पर ऋण स्थगन अवधि में ईएमआई देना स्थगित रहने के दौरान ब्याज पर ब्याज लगाकर उन्हें दंडित नहीं कर सकते। शॉपिंग सेंटर एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार ने न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष दलील दी कि शॉपिंग सेंटर बंद हैं, फिर भी कर्मचारियों को भुगतान किया जा रहा है। इस पर पीठ ने जबाव दिया कि आरबीआई के पास शक्ति की कोई कमी नहीं है और कोई भी इससे इनकार नहीं कर रहा है।

कुमार ने कहा कि फार्मा, एफएमसीजी और इंटरनेट कंपनियों ने बहुत अच्छा व्यापार किया है, लेकिन उनके क्लाइंट जिस इंडस्ट्री से हैं, उनके साथ ऐसा नहीं है। कुमार ने कहा, "हमें राहत मिलनी चाहिए।"

एक और याचिकाकर्ता गजेंद्र शर्मा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील राजीव दत्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल ने सोचा कि जब ईएमआई से राहत दी तो सब कुछ ठीक था, लेकिन सरकार ने चक्रवृद्धि ब्याज लगा दिया। यह तो हमारे ऊपर दोहरी मार है।

क्रेडाई महाराष्ट्र और पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील के.वी. विश्वनाथन ने कहा कि यह बैंकिंग ट्रांजेक्शन के लिए सामान्य स्थिति नहीं है और बिजली क्षेत्र पहले ही बहुत दबाव में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शीर्ष अदालत को बैंकों को अपने लाभ को कम करने का निर्देश देना चाहिए, क्योंकि यह एक असाधारण स्थिति है।

पीठ ने विश्वनाथन को अपने तर्को पर एक नोट पेश करने के लिए कहा है, जिस पर पीठ सुनवाई जारी रखेगी।

वहीं वित्त मंत्रालय ने एक हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि मोरेटोरियम के दौरान ब्याज पर ब्याज की छूट वित्त के बुनियादी सिद्धांत के खिलाफ है। इसके अलावा 6 अगस्त को आरबीआई ने ऋणधारकों को दो साल तक की मोहलत की अनुमति दी है।

कोर्ट में दायर की गई याचिकाओं को लेकर एक एफिडेविट फाइल किया गया था, जिसमें मोरेटोरियम पीरियड के दौरान ईएमआई देने से मिली छूट पर ब्याज पर ब्याज न लगाए जाने की मांग की गई है।


02-Sep-2020 6:06 PM 14

नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)| केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद द्वारा फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग को भाजपा संग 'राजनीतिक भेदभाव' पर पत्र लिखे जाने के अगले दिन तृणमूल पार्टी के सांसद डेरेक ओ' ब्रायन ने भी इसी संदर्भ में पत्र लिखते हुए अपनी पार्टी संग पक्षपात होने का आरोप लगाया। राज्य में साल 2021 में होने वाला चुनाव काफी महत्वपूर्ण है, जिसमें भाजपा, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार को गिराकर सत्ता में आना चाहती है।

31 अगस्त को लिखे इस पत्र में डेरेक ने लिखा, "भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में चुनाव होने को कुछ ही महीने बचे हैं, इस बीच आपकी कंपनी के हाल ही में बंगाल में फेसबुक पेज और अकाउंट्स को ब्लॉक करना भी फेसबुक और भाजपा के बीच संबंध की ओर इशारा करता है।"

उन्होंने आगे लिखा, "फेसबुक के वरिष्ठ प्रबंधन के आंतरिक ज्ञापन सहित सार्वजनिक तौर पर ऐसे कई सबूत मौजूद हैं, जो पक्षपात को साबित करने के लिए काफी हैं।"

डेरेक ने यह भी कहा कि पहले के दो आम चुनावों में फेसबुक की भूमिका के मुद्दे को जून, 2019 में तृणमूल कांग्रेस द्वारा सांसद में उठाया जा चुका है।

उन्होंने कहा, "देश की दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस भारत में साल 2014 और 2014 के आम चुनावों में फेसबुक की भूमिका को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है।"


02-Sep-2020 6:03 PM 11

 मुंबई, 2 सितंबर (आईएएनएस)| बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद का कहना है कि वह राजनीति में आने के लिए तैयार नहीं हैं, वह बतौर अभिनेता बहुत आगे जाना चाहते हैं। अपना विचार व्यक्त करते हुए सोनू सूद ने कहा, "मुझे पिछले 10 साल से एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ने का ऑफर दिया जा रहा है। बहुत से लोगों ने कहा कि मैं एक अच्छा लीडर बन सकता हूं, पर मैं एक अभिनेता की तरह महसूस करता हूं। मुझे बहुत आगे जाना है। अभी भी मुझे बहुत सारी चीजें करनी हैं, जो मैं करना चाहता हूं। राजनीति में कभी भी प्रवेश कर सकता हूं, लेकिन मैं दो नाव पर पैर रखने वालों में से नहीं हूं।"

उन्होंने कहा, "अगर एक बार मैं राजनीति में प्रवेश कर लिया, तो मैं अपना 100 प्रतिशत दूंगा, मैं यकीन दिलाता हूं कि मेरी वजह से किसी को परेशानी नहीं होगी। मैं सबकी परेशानी ठीक कर दूंगा। मैं समय भी दूंगा, इसलिए अभी मैं इसके लिए तैयार नहीं हूं। मैंने किसी भी पार्टी से पूछकर या सलाह लेकर लोगों की मदद नहीं की, मैंने ये सब अपने इच्छा से की।"

उन्होंने आगे कहा, "मुझे याद है कि जब हमने उन सभी प्रवासियों को देखा था, जब वे देशभर में लाखों की संख्या में पैदल अपने घरों के लिए पलायन कर रहे थे। मुझे लगता है कि हर कोई उन ²श्यों को देखकर परेशान था, उस समय हमने लगभग 45,000 लोगों को प्रतिदिन भोजन की व्यवस्था करवाई थी।"


02-Sep-2020 6:01 PM 12

नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)| सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को नेटफ्लिक्स द्वारा बिहार की निचली अदालत के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया। इस आदेश में बिहार की निचली अदालत ने नेटफ्ल्क्सि को आगामी वेब सीरीज 'बैड बॉय बिलियनेयर्स' में बिजनेसमैन सुब्रत रॉय के नाम का उपयोग करने से रोक दिया था। इस सीरीज को भारत में बुधवार को रिलीज तय थी। मुख्य न्यायाधीश एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने नेटफ्लिक्स की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। हालांकि इसने ओटीटी मंच को अररिया ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को चुनौती देने के लिए पटना उच्च न्यायालय जाने की स्वतंत्रता दी है। शीर्ष अदालत ने अपील पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा, "हमें खेद है।"

वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने सहारा इंडिया का प्रतिनिधित्व करते हुए नेटफ्लिक्स द्वारा दायर की गई याचिका का विरोध किया। सिंह ने पीठ के समक्ष दलील दी कि यह आदेश एक सिविल जज द्वारा पारित किया गया था और अगर कोई अपील होनी थी, तो उसे जिला न्यायाधीश के समक्ष दायर करना होगा न कि उच्च न्यायालय या शीर्ष अदालत के समक्ष।

नेटफ्लिक्स का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ के समक्ष दलील दी कि शीर्ष अदालत को वेब सीरीज के संबंध में सभी याचिकाओं को स्थानांतरित करना चाहिए, जो कि विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित हैं। शीर्ष अदालत ने नेटफ्लिक्स द्वारा विभिन्न उच्च न्यायालयों के समक्ष लंबित मामलों को स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है।


02-Sep-2020 5:55 PM 13

सुमित कुमार सिंह 

 नई दिल्ली, 2 सितम्बर (आईएएनएस)| नेपाल सरकार ने भारत-चीन के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए लिपुलेख क्षेत्र में अपनी सेना को भारतीय सेना की गतिविधियों पर 'करीब से निगरानी' रखने का निर्देश दिया है।

लिपुलेख भारत, नेपाल और चीन के बीच उत्तराखंड के कालापानी घाटी की ऊंचाई पर स्थित एक ट्राइ-जंक्शन है। बीते सप्ताह, के.पी. शर्मा ओली सरकार के गृह मंत्रालय ने नेपाली सशस्त्र पुलिस बल(एनएपीएफ) को ट्राइ-जंक्शन की निगरानी शुरू करने का निर्देश जारी किया था।

लिपुलेख में एनएपीएफ के 44 बटालियन को तैनात किया गया। भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए वहां बटालियन को अग्रिम क्षेत्रों में लंबी दूरी तक पट्रोलिंग करने का आग्रह किया गया है।

चीन ने भी लिपुलेख में अपने जवानों की संख्या को बढ़ाना शुरू कर दिया है। ट्राई-जंक्शन के पास 150 'लाइट कंबाइन्ड आर्मी ब्रिगेड' को तैनात किया गया है। ब्रिगेड को यहां बीते महीने तैनात किया गया था। चीन ने सीमा से 10 किलोमीटर दूर पाला में भी अपने जवानों को तैनात किया है।

जुलाई में चीन ने पाला के पास 1,000 जवानों को तैनात किया और वहां एक स्थायी पोस्ट का निर्माण भी किया था। सूत्रों के अनुसार, "कुछ दिन पहले, चीन की ओर से पोस्ट पर 2000 से ज्यादा अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई थी।"

भारत ने वहां 17,000 फीट की ऊंचाई पर सड़क निर्माण किया था, जिससे भारत और नेपाल के बीच कूटनीतिक तनाव पैदा हो गया था। काठमांडू ने इस क्षेत्र पर अपना दावा किया था। इस सड़क का निर्माण कैलाश मानसरोवर के श्रद्धालुओं के समय की बचत के लिए किया गया है।

नेपाल और भारत के बीच तनाव तब और बढ़ गया, जब नेपाल ने नए राजनीतिक नक्शे में इस क्षेत्र को अपना बताया।

दूसरी तरफ, भारत और चीन सीमा के पास कई जगहों पर एक-दूसरे के आमने-सामने रहे हैं। चीन ने भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर एलएसी के पास कई जगहों पर यथास्थिति को बदल दिया था। लेकिन भारत ने इसका विरोध किया और सभी स्तर पर चीन के समक्ष यह मामला उठा रहा है।

बीते सप्ताह, भारत ने पूर्वी लद्दाख के पैंगॉन्ग सो में यथास्थिति बदलने के चीन की भड़काऊ सैन्य गतिविधि को विफल कर दिया था। चीन ये दुस्साहस तब कर रहा है, जब दोनों देश पहले से ही सीमा विवाद को सुलझाने के लिए कूटनीतिक और सैन्य वार्ता कर रहे हैं।

अपने बयान में, भारतीय सेना ने कहा कि, " 29 अगस्त और 30 अगस्त 2020 की रात को, चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी(पीएलए) ने सैन्य और कूटनीतिक वार्ता के बाद भी अतिक्रमण किया और भड़काने वाली सैन्य गतिविधि से यथास्थिति बदलने की कोशिश की।"

सेना ने कहा, "भारतीय क्षेत्र ने पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी क्षेत्र को पीएलए की इस गतिविधि से मुक्त करा लिया। इसके अलावा स्थिति को मजबूत करने के लिए उपाय किए गए हैं और चीन की तरफ से एकतरफा यथास्थिति बदलने के प्रयास को विफल कर दिया गया।"

चीन ने फिर से 31 अगस्त को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने रोक दिया।

चीन ने एलएसी के पास तीन सेक्टरों-पूर्वी (लद्दाख), मध्य(उत्तराखंड, हिमाचल), पूर्वी (सिक्किम, अरुणाचल) में सेना को तैनात किया है।

भारत ने भी चीन की सैन्य गतिविधि का जवाब देने के लिए एलएसी के पास अपनी ताकत बढ़ाई है। जून में, गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। चीन की तरफ से भी अज्ञात संख्या में जवानों की मौत हुई थी।


02-Sep-2020 5:46 PM 13

 लखनऊ, 2 सितम्बर (आईएएनएस)| लखनऊ में संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआईएमएस) के कोविद -19 अस्पताल (आरसीएच) में लगभग 50 प्रतिशत रोगियों में डायबिटीज पाई गई है। आरसीएच के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. आर.के. सिंह के अनुसार, "हमारे केंद्र में रोगियों में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली बीमारी डायबिटीज है, इसके बाद उच्च रक्तचाप है। इनके अलावा अंग की निष्क्रियता वाले रोगियों में सबसे ज्यादा फेफड़े और गुर्दे के हैं।"

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड -19 रोगियों में डायबिटीज की हिस्ट्री वाले मरीजों के मैनेजमेंट के लिए विशिष्ट दिशानिर्देश दिए हैं।

सिंह ने कहा, "मधुमेह शरीर के प्रत्येक हिस्से को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित करती है। इसलिए, जब शरीर किसी संक्रमण से प्रभावित होता है जैसे कि कोविड -19 के मामले में तो इसका प्रबंधन करना उतना ही चुनौतीपूर्ण है जैसे कई छेदों वाली बाल्टी में पानी भरना।"

उच्च मृत्यु दर के बारे में सिंह ने कहा, "हम एक तृतीयक देखभाल केंद्र हैं। न केवल लखनऊ से बल्कि अन्य जिलों से भी सबसे गंभीर मामले यहां आते हैं। 75 प्रतिशत से अधिक मौतों के लिए सह-रूग्णता को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।"

एसजीपीजीआईएमएस के निदेशक प्रो आर.के. धीमान ने कहा, "हमारे पास अब तक लगभग 850 पॉजिटिव मरीज आए हैं, जिनमें से 71 फीसदी पुरुष हैं। कुल मरीजों में से लगभग 70 फीसदी ठीक हो चुके हैं। वायरस को हराने वालों में 8 महीने का बच्चा सबसे कम उम्र वाला और 90 साल की महिला मरीज भी शामिल है।"


02-Sep-2020 5:44 PM 49

अयोध्या, 2 सितंबर (आईएएनएस)| अयोध्या विकास प्राधिकरण ने राम मंदिर निर्माण के लिए नक्शे को बुधवार को हुई बैठक में सर्वसम्मति से पास कर दिया। इस संबंध में बोर्ड की बैठक प्राधिकरण सभाकक्ष कमिश्नर एम.पी. अग्रवाल की अध्यक्षता में की गई, जिसमें श्रीराम मंदिर निर्माण के मानचित्र को प्राधिकरण बोर्ड से मंजूरी मिल गई। कमिश्नर एमपी अग्रवाल, उपाध्यक्ष डॉ. नीरज शुक्ला, बोर्ड के सदस्य डीएम अनुज झा और बोर्ड के अन्य मेंबर बैठक में मौजूद रहे। अयोध्या विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एमपी अग्रवाल ने बोर्ड मीटिंग के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दो तरह के नक्शे प्रस्तुत किए। पहला नक्शा लेआउट का था जो 2 लाख 74 हजार 110 वर्ग मीटर था। दूसरा श्रीराम मंदिर का नक्शा था, जिसका कुल कवर्ड एरिया 12,879 वर्ग मीटर है। दोनों नक्शों को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इनका कुल शुल्क जोड़ने के बाद दोनों नक्शे ट्रस्ट को सौंप दिए जाएंगे।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 2 लाख 74 हजार 110 वर्ग मीटर का मानचित्र दाखिल किया है। इसमें ओपन एरिया 2,74,110 वर्ग मीटर और कवर्ड एरिया 12,879 वर्ग मीटर है। ट्रस्ट को विकास शुल्क के साथ-साथ अनुरक्षण शुल्क पर्यवेक्षण व लेबर सेस भी देना होगा। ट्रस्ट को 2 करोड़ 11 लाख रुपए प्रधिकरण को देना है। इसके अलावा 15 लाख रुपए लेबर डिपार्टमेंट को देना है।

ट्रस्ट की तरफ से जमा की जाने वाली यह शुल्क आयकर छूट के बाद की है। बोर्ड से मानचित्र की मंजूरी के बाद प्राधिकरण शुल्क जमा करने के लिए ट्रस्ट को पत्र जारी करेगा। ट्रस्ट उसी के बाद धनराशि जमा करेगा। धनराशि जमा होने के बाद ही प्राधिकरण नक्शा ट्रस्ट को सौंपेगा।

लगभग 67 एकड़ भूमि का लेआउट समेत मानचित्र मंजूरी के लिए ट्रस्ट ने प्राधिकरण को सौंपा है, जिसमें करीब पांच एकड़ में राम मंदिर का निर्माण है। बाकी भूमि के लेआउट को इसलिए शामिल किया गया है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार के निर्माण में अड़चन न हो।


02-Sep-2020 5:37 PM 15

सुमित कुमार सिंह 

नई दिल्ली, 1 सितम्बर (आईएएनएस)| वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर रेकी के दौरान एक बारूदी सुरंग विस्फोट में स्पेशल फ्रंटियर फोर्स के एक अधिकारी शहीद हो गए, जबकि एक अन्य जवान घायल हो गया।

सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा इलाके में सैनिक परीक्षण के दौरान हुआ।

उत्तराखंड से स्पेशल फ्रंटियर फोर्स की एक विशेष इकाई को पूर्वी लद्दाख में चीन के पीपल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों की गतिविधियों के बारे में जानकारी देने और उन्हें नाकाम करने के लिए तैनात किया गया है। यह घटना पैंगोंग सो झील के दक्षिणी तट पर ब्लैक टॉप और ठाकुंग हाइट्स के बीच हुई जहां भारत ने चीनी घुसपैठ को नाकाम कर दिया था।

स्पेशल फ्रंटियर फोर्स, जो भारतीय खुफिया एजेंसियों के अधीन आता है, को सरकार द्वारा यह पाए जाने पर कि चीन इलाके में भारत के खिलाफ आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है, के बाद तैनात किया गया।

भारतीय सेना और साथ ही सरकार ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

दो दिन पहले, भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर झड़प हुई थी, जहां चीनी करीब 450 सैनिक लेकर आए थे, लेकिन भारतीय सेना ने कहा कि यथास्थिति को बदलने के उनके प्रयास को नाकाम कर दिया गया।

सूत्रों ने कहा कि चीनी पीपल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों ने रस्सियों और अन्य चढ़ाई उपकरणों की मदद से पैंगोंग सो के दक्षिण तट पर ब्लैक टॉप और ठाकुंग हाइट्स के बीच एक 'टेबल-टॉप' एरिया पर चढ़ना शुरू कर दिया।

हल्ला-गुल्ला सुनकर भारतीय सेना सतर्क हो गई और कार्रवाई में जुट गई।

इससे पहले, भारतीय खुफिया एजेंसियों ने भारतीय सेना को एलएसी के साथ अन्य क्षेत्रों में यथास्थिति को बदलने की पीएलए की योजना के बारे में सतर्क किया था। इसके बाद, दोनों पक्षों के बीच झड़पें हुईं लेकिन चीजें आगे नहीं बढ़ीं। जब चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों की ताकत देखी, तो झड़पें रुक गईं।

एक सूत्र ने कहा, "दोनों देशों की सेनाएं अब भी आमने-सामने खड़ी हैं।"

सेनाओं को इलाके से पीछे हटाने के लिए चुशुल में एक ब्रिगेड कमांडर-स्तरीय फ्लैग मीटिंग शुरू हुई और यह अभी भी चल रही है।

भारतीय सेना ने हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी झड़प से इनकार किया है।


02-Sep-2020 5:05 PM 12

नई दिल्ली, 2 सितंबर (वार्ता)। जम्मू-कश्मीर में पांच भाषाओं को राजभाषा बनाया जाएगा और इसके लिए संसद में एक विधेयक लाया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज यहां हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने बैठक के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने जम्मू कश्मीर के राजभाषा विभाग को मंजूरी दे दी है और इसमें 5 भाषाओं को शामिल किया गया है। इनमें हिंदी, उर्दू, कश्मीरी और डोगरी के अलावा अंग्रेजी भी है।

श्री जावड़ेकर ने बताया कि इस विधेयक को संसद में पेश किया जाएगा। इसलिए वह अभी इस कानून के बारे में और विशेष जानकारी नहीं दे रहे हैं।